नहीं रहा किसानों का मसीहा शरद जोशी

Farmers leader Sharad Joshi dead

नई दिल्ली: जब भारत की राजनीति मध्यम वर्ग को खुश करने तक सिमटी हुई थी उस समय जिस शख्स ने किसान आंदोलन को राजनीतिक आंदोलन बनाने का साहस दिखाया था वो थे शरद अनंतराव जोशी. जब किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे थे तब शरद जोशी ने कहा कि हाथ से गले का फंदा नहीं हथियार उठाओ. भारत में किसान आंदोलन को संगठित कर उसे उग्र तेवर देनेवाले शरद जोशी नहीं रहे.
Sharad Joshi 1
जब भारत में बंद अर्थव्यवस्था थी. उत्पादन पर सरकार का नियंत्रण था. प्राइवेट कंपनियों के लिए दरवाजे बंद थे तब खुली अर्थव्यव्था की वकालत की थी किसान नेता शरद जोशी ने. शरद जोशी ऐसे पहले किसान नेता थे जिन्होंने कहा कि किसानों को अनाज के उत्पादन में जितनी लागत लगती है उसके हिसाब से उन्हें फसल का मूल्य मिलना चाहिए. शरद जोशी ने इसके लिए आंदोलन चलाया.

शरद जोशी का जन्म महाराष्ट्र के सातारा में हुआ था. मुंबई और अमेरिका में शरद जोशी की पढ़ाई लिखाई हुई. पुणे यूनिवर्सिटी में उन्होंने अर्थशास्त्र पढ़ाया. इंडियन पोस्टल सर्विस में कई वर्षों तक क्लास वन ऑफिसर के रूप में उन्होंने काम किया. संयुक्त राष्ट्र और विश्व बैंक में लंबे समय तक काम करने के बाद शरद जोशी भारतीय किसानों के हितों की लड़ाई के लिए अमेरिका से भारत लौट आए.

महाराष्ट्र लौटने के बाद शरद जोशी ने किसानों की आवाज बुलंद करने के लिए शेतकरी संगठना की स्थापना की. शरद जोशी की अगुवाई में महाराष्ट्र के किसानों ने कई उग्र आंदोलन के जरिये एक मिसाल कायम की. शरद जोशी ने देश के बाकी राज्यों के किसानों को भी एकजुट होकर आंदोलन के लिए प्रेरित किया. शरद जोशी के चलाए गए आंदोलन की वजह से पहली बार महाराष्ट्र में प्याज, कपास और गन्ना का उत्पादन करने वाले किसानों को उनकी लागत के हिसाब से पैसे  दिलाये गए.  शरद जोशी की गिनती उन उदारवादी किसान नेताओं में होती थी जो खेती में आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल का हिमायती था. जोशी ने स्वतंत्र भारत पक्ष नाम की राजनीतिक पार्टी बनाई. शिवसेना के समर्थन से शरद जोशी राज्यसभा सदस्य भी रहे.

कुछ साल पहले यूपीए की सरकार थी. मनमोहन सिंह ने कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देने की घोषणा की थी. बजट में इसके लिए कई कदम उठाए गए थे. चिंदबरम के बजट को गांवों और किसानों का बजट बताया जा रहा था. शरद जोशी से किसी ने सवाल किया कि क्या यूपीए की इस नीति से गांवों और किसानों की हालत बदलेगी?  शरद जोशी ने कहा कि
‘चाहे एनडीए हो या यूपीए दोनों ही यह दावा करते हैं कि किसानों का भला किया. मगर मेरे पास एक पैमाना है. मैने आज नहीं बरसों पहले बनाया था कि कृषि का व्यवसाय फायदे में चल रहा है कि घाटे में. किसके राज्य में किसान को लागत की तुलना में कितना मूल्य मिला. मेरा मानना है कि इस पैमाने पर नापा जाए तो कांग्रेस हमेशा किसानों की दुश्मन नंबर –एक रही है क्योंकि 1996-97 तक की देश की सारी नीतियां नेगेटीव सब्सिडी पर आधारित थी. सरकार किसानों को मदद भले ही देती हो मगर उसकी निर्यात पर पाबंदी और आयात नीति से किसानों का नुक्सान ज्यादा हुआ. मुक्त बाजार में कीमतें गिरीं ’

शरद जोशी को 1998 में टास्क फोर्स का अध्यक्ष बनाया गया था. तब उन्होंने एक आकलन किया था जिसके मुताबिक 20 सालों में किसानों को सरकारी नीतियों की वजह से तीन लाख करोड़ रूपये का नुक्सान हुआ था.

1998 में किसानों के लिए नए जमाने की शुरूआत हुई जब विश्व बैंक को भी यह मानना पड़ा कि पहली बार भारत के किसानों को सकारात्मक सब्सिडी मिलने लगी है.
शरद जोशी किसानों की स्थिति में सुधार को लेकर आधुनिक सोच रखते थे.

किसानों की आत्महत्या को लेकर जब एक बार शरद जोशी से पूछा गया कि क्या आप मानते हैं कि हरित क्रांति की वजह से कृषि का सारा ढर्रा ही बदल गया, कृषि पूंजी पर आधारित हो गई. कहीं  इस कारण किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ने से खुदकुशी तो नहीं बढ़ी है?  शरद जोशी ने कहा कि यह हो सकता है मगर इस कारण हरित क्रांति के पूर्व वाले युग में नहीं लौटा जा सकता. हरित क्रांति से पैदावार बढ़ी. देश अनाज के मामले में आत्मनिर्भर बना. अगर देश में हरित क्रांति से पूर्ववाली स्थिति होती तो किसान भले ही आSharad Joshi 2त्महत्या नहीं करते लेकिन लोग भुखमरी से मर जाते. अनाज के मामले में आत्मनिर्भर बनने के लिए तकनीक तो बदलनी ही थी.

शरद जोशी कृषि की बदहाली के लिए वामपंथियों को जिम्मेदार मानते थे. जोशी का मानना था कि देश में कृषि को स्वयंपूर्ण व्यवस्था बनाने की कोशिश हुई ही नहीं हुई . कृषि आयोग के अध्यक्ष ज्यादातर वामपंथी लोग ही रहे. ये सब अपने को एंटी कुलक कहते हों मगर एंटी फार्मर थे. वे हमेशा खेती को कम करके आंकते रहे. शरद जोशी कहते हैं कि यदि देश में पुराने किस्म की खेती जारी रही होती तो आज आबादी आधी रह जाती. दरअसल हरित खेती को दोषी ठहराना झोलावालों का फितूर है जिन्होंने पर्यावरण की दुकान सजा रखी है.

शरद जोशी का कहना था कि सरकार की कर्ज की रकम दोगुनी कर देने की सरकारी नीति से किसानों को कोई खास लाभ नहीं होनेवाला है. एक तरफ सरकार कर्ज दे रही है दूसरी तरफ वह ऐसी नीतियां बना रही है कि किसान कर्ज लौटा न पाए. सरकार की इन नीतियों के चलते सरकार को कर्जे वसूलने का कोई कानूनी और नैतिक अधिकार नहीं है.

जोशी कहते थे कि अगर गरीब को देना हो तो कोई ऐसी चीज दो जिससे उसे पैसा मिल सके. आज कृषि में कमाई नहीं है. शरद जोशी का कहना था कि कृषि और किसान के बारे में जो लोग नीतियां बना रहे हैं वो वास्तविकता से काफी दूर हैं. जोशी ने एक संस्मरण सुनाया था. उन्होंने कहा कि एक बार उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई थी. तत्कालीन प्रधानमंत्री से उन्होंने कहा कि ‘अगर आप सलाह लेना तो किसी ऐसे आदमी से लेना जिसने कम से कम छह महीने केवल खेती से कमाई की हो, ऐसा आदमी मिलना मुश्किल है’
देश में आज भी किसानों की हालत दयनीय है. हर रोज किसान आतमहत्याएं कर रहे हैं. ऐसे समय में शरद जोशी का जाना किसानों के लिए अपूरणीय क्षति है.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: Farmers leader Sharad Joshi dead
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: farmer Farmer Leader Sharad Joshi
First Published:

Related Stories

एबीपी न्यूज की दिनभर की बड़ी खबरें
एबीपी न्यूज की दिनभर की बड़ी खबरें

1. यूपी के मुजफ्फरनगर में बड़ा ट्रेन हादसा हुआ है. मुजफ्फरनगर में खतौली के पास कलिंग-उत्कल...

गोरखपुर ट्रेजडी: मृतक बच्चों के परिजनों से मिले राहुल गांधी, बोले- यह सरकार की बनाई 'राष्ट्रीय त्रासदी'
गोरखपुर ट्रेजडी: मृतक बच्चों के परिजनों से मिले राहुल गांधी, बोले- यह सरकार...

गोरखपुर: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में पिछले दिनों संदिग्ध...

पुराने अंदाज में दिखीं किरन बेदी, रात में स्कूटी पर सवार होकर लिया महिला सुरक्षा का जायजा
पुराने अंदाज में दिखीं किरन बेदी, रात में स्कूटी पर सवार होकर लिया महिला...

पुदुच्चेरी: पुदुच्चेरी की उप राज्यपाल किरन बेदी ने रात में भेष बदलकर केंद्र शासित प्रदेश में...

LIVE: मुजफ्फरनगर के खतौली के पास कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्तः 11 लोगों की मौत, 40 घायल
LIVE: मुजफ्फरनगर के खतौली के पास कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्तः 11...

नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बड़ा ट्रेन हादसा हुआ है. मुजफ्फरनगर में खतौली के पास...

गायों के 'सीरियल किलर' की एक और काली करतूत, 93 लाख के घोटाले का आरोप!
गायों के 'सीरियल किलर' की एक और काली करतूत, 93 लाख के घोटाले का आरोप!

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ में बीजेपी नेता हरीश वर्मा जो 200 से ज्यादा गायों को भूखा मारने के आरोप में...

गोरखपुर ट्रेजडी: राहुल ने की मृतक बच्चों के परिजनों से मुलाकात, BRD अस्पताल भी जाएंगे
गोरखपुर ट्रेजडी: राहुल ने की मृतक बच्चों के परिजनों से मुलाकात, BRD अस्पताल भी...

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पिछले दिनों बीआरडी अस्पताल में हुई बच्चों की मौत से मचे...

बड़ी खबर: जल्द बीजेपी में शामिल हो सकते हैं कांग्रेस के बड़े नेता नारायण राणे
बड़ी खबर: जल्द बीजेपी में शामिल हो सकते हैं कांग्रेस के बड़े नेता नारायण...

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा भूकंप आने की तैयारी में है. महाराष्ट्र में कांग्रेस...

JDU की बैठक में बड़ा फैसला, चार साल बाद फिर NDA में शामिल हुई नीतीश की पार्टी
JDU की बैठक में बड़ा फैसला, चार साल बाद फिर NDA में शामिल हुई नीतीश की पार्टी

पटना: बिहार की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. पटना में नीतीश की पार्टी की जेडीयू...

यूपी: मदरसों को लेकर योगी सरकार का दूसरा बड़ा फैसला, अब जरुरी होगा रजिस्ट्रेशन
यूपी: मदरसों को लेकर योगी सरकार का दूसरा बड़ा फैसला, अब जरुरी होगा...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक अहम फैसले के तहत शुक्रवार से प्रदेश के सभी...

बाढ़ का कहर जारी: बिहार में अबतक 153  तो असम में 140 से ज्यादा की मौत
बाढ़ का कहर जारी: बिहार में अबतक 153 तो असम में 140 से ज्यादा की मौत

पटना/गुवाहाटी: बाढ़ ने देश के कई राज्यों में अपना कहर बरपा रखा है. बाढ़ से सबसे ज्यादा बर्बादी...

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017