आखिरी चरण: 57 सीटों पर मतदान के साथ आज होगा बिहार का फाइनल

By: | Last Updated: Thursday, 5 November 2015 1:18 AM

नई दिल्ली/पटना: बीते ढेड़ महीने के बिहार में चल रही चुनावी हलचल आज आखिरी चरण के मतदान के साथ समाप्त हो जाएगी. आज बिहार में पांचवें और आखिरी दौर की वोटिंग में 9 जिलों की 57 सीटों पर मतदान किया जाएगा. 

 

बिहार के मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णियां, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा और दरभंगा जिले के लोग आज अपने मताधिकार का उपयोग कर बताएंगे कि वो इस बार फिर से नीतीश कुमार पर भरोसा करना चाहते हैं या मोदी के विकास के मॉडल को अपनाएंगे.

 

इस दौर में करीब एक करोड़ 55 लाख वोटर 827 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे. इनमें से 58 महिला उम्मीदवार भी हैं. कुल करीब 81 लाख पुरुष और 73 लाख महिला वोटर हैं. सहरसा जिले की सिमरी बख्तियारपुर और महिषी सीट पर ही 3 बजे तक वोटिंग होगी. बाकी 55 सीटों पर 5 बजे तक वोट डाले जाएंगे.

 

दरभंगा- मधुबनी जिले में विधानसभा की 10-10 सीटें हैं. पूर्णिया और कटिहार में 7-7 सीटें हैं.अररिया में 6, सुपौल में 5,मधेपुरा, सहरसा, किशनगंज में विधानसभा की 4-4 सीटें हैं. इस दौर के चुनाव में जेडीयू ने 25, आरजेडी ने 20 और कांग्रेस ने 12 उम्मीदवार उतारे हैं. एनडीए में बीजेपी 38, एलजेपी- 11, हम 3, और आरएलएसपी ने 5 उम्मीदवार उतारे हैं.

 

इस इलाके में भारी कौन ?

2010 के विधानसभा चुनाव में जब जेडीयू-बीजेपी का गठबंधन था तब बीजेपी को इस इलाके में सबसे ज्यादा 23 सीटें मिली थी. तब जेडीयू ने 20 सीटों पर जीत हासिल की थी. आरजेडी को 8, एलजेपी को 2, कांग्रेस को 3 और अन्य को 1 सीट मिली थी.

 

इस इलाके में मुस्लिम और यादव आबादी सबसे ज्यादा है. इस लिहाज से इस बार के चुनाव में ये इलाका महागठबंधन यानी लालू-नीतीश का गढ़ है. लोकसभा चुनाव में दरभंगा-मधुबनी जिले की 3 सीटों पर ही बीजेपी को जीत मिली थी. बाकी की 6 सीटें बीजेपी के विरोधियों के खाते में गई थी.

 

बड़ी बात ये हुई थी कि मोदी लहर में भी पूर्णिया, कटिहार, अररिया की सीट बीजेपी हार गई थी. जबकि इससे पहले इन लोकसभा सीटों पर बीजेपी लगातार चुनाव जीत रही थी. लोकसभा चुनाव के वक्त भारी ध्रुवीकरण का नतीजा था कि बीजेपी बुरी तरह इस इलाके में हार गई.

 

बाकी इलाकों से इस इलाके का सियासी समीकरण थोड़ा अलग है. लालू-नीतीश और एनडीए के अलावा तीन और पार्टियों का कमोबेश कुछ क्षेत्रों में प्रभाव है. पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी का जोर इसी इलाके में है. पप्पू यादव मधेपुरा से सांसद हैं.

 

एनसीपी के तारिक अनवर भी इसी इलाके की कटिहार सीट से सांसद हैं. तारिक अपने दम पर मैदान में हैं. ओवैसी की पार्टी भी 6 सीटों पर यहां मैदान में है. इन तीनों पार्टियों को जो वोट मिलेगा उसका नुकसान महागठबंधन को होगा.

 

इस दौर के वीआईपी उम्मीदवार

इस दौर में सबसे ज्यादा मंत्री मैदान में हैं. वित्त मंत्री विजेंद्र यादव सुपौल से जेडीयू के टिकट पर मैदान में हैं. आलमनगर से मंत्री नरेंद्र यादव, बलरामपुर से मंत्री दुलालचंद गोस्वामी, रूपौली से मंत्री बीमा भारती, धमदाहा से मंत्री लेसी सिंह जेडीयू की उम्मीदवार हैं. आरजेडी विधायक दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी अलीनगर से मैदान में हैं.

 

बीजेपी के प्रवक्ता विनोद नारायण झा बेनीपट्टी, पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा झंझारपुर से बीजेपी के उम्मीदवार हैं. बीजेपी सांसद हुकुमदेव नारायण यादव के बेटे अशोक यादव केवटी से बीजेपी उम्मीदवार हैं.

 

इस सीट पर मुकाबला आरजेडी के पूर्व सांसद अली अशरफ फातमी के बेटे फराज फातमी से है. माना जा रहा है कि इस दौर के चुनाव में जो जीतेगा वही बिहार पर राज करेगा.

 

आखिरी चरण से पहले माहौल गर्म:

आखिरी चरण आते-आते बिहार में चुनावी माहौल इतना गर्म हो गया है कि गौ से लेकर, छठी का दूध तक सभी मुद्दे गर्मा गए हैं. अंतिम चरण से पहले बिहार बीजेपी के नेता अश्विनी चौबे ने दरभंगा में कहा कि बिहार की जनता नीतीश-लालू को तड़ीपार करेगी और ये दोनों नेता पाकिस्तान और बांग्लादेश भेज दिए जाएंगे.

 

जबकि अश्विनी ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि एनडीए को 203 सीटें मिलेंगी और महागठबंधन को 40, तब जाकर अली बाबा चालीस चोर वाली कहावत सच होगी.

 

कल ही दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी बिहार में महागठबंधन की जीत की भविष्यवाणी की और कहा कि मोदी जी बिहार हार चुके हैं.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: Final Phase of Bihar Election
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017