ओला पीड़ित किसानों को केंद्र देगा मदद: राजनाथ सिंह

By: | Last Updated: Monday, 30 March 2015 2:57 AM
flowing water on Mars

नई दिल्ली: केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने प्राकृतिक आपदा से हुए फसलों के नुकसान की चर्चा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार संकट की घड़ी में किसानों के साथ है, राज्य सरकारों की सर्वेक्षण रिपोर्ट आते ही केंद्र सरकार हरसंभव सहायता मुहैया कराएगी.

 

मध्य प्रदेश दौरे पर आए केंद्रीय गृहमंत्री सिंह ने रविवार को ग्वालियर के ओला प्रभावित गांव खेड़ा टाका में खेतों में जाकर हालात का जायजा लिया और ढांढस बंधाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने मध्यप्रदेश सहित सभी राज्यों से कहा है कि प्राकृतिक आपदा से पीड़ित किसानों को तत्परता से फौरी राहत दें.

 

 साथ ही फसलों की सर्वे रिपोर्ट केंद्र को भेजें. केंद्र सरकार सर्वे रिपोर्ट के आधार पर हर-संभव सहायता मुहैया कराएगी. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फिर दोहराया कि विकास कार्य रुकते हैं तो रूक जाएं. प्रदेश सरकार बेमौसम बारिश एवं ओलों से प्रभावित किसानों को राहत मुहैया कराने में धन की कमी नहीं आने देगी. किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के तहत राहत के साथ ही फसल बीमा का लाभ भी दिलाएंगे.

 

 इस मौके पर केन्द्रीय इस्पात एवं खान मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी मौजूद थे. इससे पहले इंदौर में श्वेताम्बर जैन समाज के चतुर्विद सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि उनकी सरकार गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने के लिए आम सहमति बनाने का प्रयास करेगी. उनके दल की विचारधारा हमेशा से गोहत्या के विरोध में रही है. वे चाहते हैं कि इस पर प्रतिबंध लगे. इसके लिए उनकी सरकार सभी पक्षों से बात कर आम सहमति बनाने का प्रयास करेगी.

 

उन्होंने मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां के मुख्यमंत्री ने काफी पहले गोहत्या पर प्रतिबंध लगा दिया है. भाजपा कभी भी गोहत्या की समर्थक नहीं रही है. केंद्र सरकार भी इस दिशा में प्रयास करेगी. उन्होंने कहा कि जैन धर्म भारतीय संस्कृति का अनमोल रत्न है. यह ‘अहिंसा परमो धर्म:’ में विश्वास करता है. अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही विश्व में शांति कायम हो सकती है और आतंकवाद समाप्त हो सकता है.

 

गृहमंत्री ने कहा कि आज सम्पूर्ण विश्व आतंकवाद की चपेट में है. आतंकवाद का सफाया अहिंसा के दर्शन से ही संभव है. प्राचीन भारत में सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य का राज्याभिषेक जैन धर्म के अनुसार हुआ था.

 

भारतीय संस्कृति पर जैन धर्म का बहुत गहरा प्रभाव है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जैन धर्म इंद्रियों पर नियंत्रण पर जोर देता है. जिसने इंद्रियों को जीत लिया है वही जैन है. जैन धर्म आत्मा के सत् चित् और आनंद में विश्वास करता है. कर्मो के परिणामस्वरूप ही कोई भी व्यक्ति सुखी या दुखी होता है.

 

ओलावृष्टि प्रभावित राजस्थान को हर संभव मदद: अरुण जेटली

केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि ओलावृष्टि से अत्यधिक प्रभावित राजस्थान को केन्द्र सरकार अतिशीघ्र हर संभव मदद प्रदान करेगी. जेटली ने आपदा राहत नियमों में बदलाव करने की भी आवश्यकता बताई.

 

जेटली ने केन्द्रीय लघु एवं सूक्ष्म उद्योग राज्य मंत्री गिरिराज सिंह के साथ रविवार को प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, उसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ उच्चस्तरीय बैठक की और उसके बाद मीडिया से बातचीत की. उन्होंने माना कि ओलावृष्टि से राजस्थान में जनधन, पशुधन व फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिसके लिए केन्द्र सरकार हर संभव मदद उपलब्ध कराएगी.

 

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश के दौरे में ओलावृष्टि से हुए नुकसान को उन्होंने स्वयं देखा है. कई घरों की छतें टूट गई हैं और खड़ी फसलें बर्बाद हुई हैं.

 

उन्होंने कहा, “राज्य की मांग है कि आपदा से निपटने के लिए अतिरिक्त संसाधनों के साथ ही आपदा प्रबंधन नियमों में भी शिथिलता दी जाए. केन्द्र इस पर विचार करेगा, ताकि राज्यों को आपदा प्रबंधन में सुविधा हो सके.”

 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही आपदा से हुए नुकसान की विस्तृत रपट केन्द्र को भेजेगी, जिस पर विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा. बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ओलावृष्टि से टमाटर, संतरा, सरसों, धनिया, जीरा एवं इसबगोल की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं. उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ के प्रावधानों में बदलाव होने पर राज्य सरकार आपदा के समय प्रभावितों को आवश्यकतानुसार सहायता तुरंत उपलब्ध कराने में सक्षम होगी.

 

 मुख्य सचिव सी.एस. राजन ने आपदा के बाद राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की विस्तृत जानकारी केन्द्रीय वित्त मंत्री को दी. बैठक में आपदा प्रबंधन एवं सहायता सचिव रोहित कुमार ने प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें राज्य सरकार ने केन्द्र से मांग की कि एसडीआरएफ के प्रावधानों में शिथिलता देते हुए राज्य को 90 दिनों से अधिक राहत गतिविधियां संचालित करने की छूट दी जाए.

 

 राज्य सरकार ने मांग की कि फसलों को 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर ही सहायता दिए जाने के प्रावधानों में संशोधन कर सभी प्रभावित काश्तकारों को आनुपातिक नुकसान के आधार पर सहायता दी जाए तथा एसडीआरएफ के तहत कृषि आदान सहायता की दरों में बढ़ोतरी कर इसे मूल्यवृद्घि से जोड़ने की मांग रखी गई.

 

 राज्य सरकार ने मांग की है कि मौसम आधारित फसल बीमा योजना में बदलाव कर इसे फसलों को हुए वास्तविक नुकसान एवं फसल की उत्पादकता से जोड़ा जाना चाहिए.

 

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