'पद्मावती' के बजाय राजस्थानी महिलाओं की शिक्षा पर दें ध्यान: शशि थरूर | Focus on literacy of Rajasthani women instead of Padmavati says Shashi Tharoor

'पद्मावती' के बजाय राजस्थानी महिलाओं की शिक्षा पर दें ध्यान: शशि थरूर

शशि थरूर ने कहा कि राजस्थान की महिला साक्षरता दर सबसे कम है. शिक्षा 'घूंघट' से ज्यादा जरूरी है.

By: | Updated: 13 Nov 2017 09:30 PM
Focus on literacy of Rajasthani women instead of Padmavati says Shashi Tharoor

नई दिल्ली: बॉलीवुड फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' की आलोचना करने वाले लोगों पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सोमवार को निशाना साधा. उन्होंने कहा कि फिल्म पर विवाद राजस्थानी महिलाओं की स्थिति पर ध्यान देने का एक मौका है और शिक्षा 'घूंघट' या सिर पर पर्दे से ज्यादा महत्वपूर्ण है. थरूर ने ट्वीट कर कहा, " 'पद्मावती' विवाद आज राजस्थानी महिलाओं की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करने का एक मौका है, न कि छह शताब्दी पुरानी महारानियों पर ध्यान केंद्रित करने का. राजस्थान की महिला साक्षरता दर सबसे कम है. शिक्षा 'घूंघट' से ज्यादा जरूरी है."





'पद्मावती' 1 दिसंबर को रिलीज हो रही है. फिल्म के विषय के कारण कुछ समूह इसका विरोध कर रहे हैं. खासकर राजपूत मुख्य रूप से दावा कर रहे हैं कि फिल्म इतिहास को बिगाड़ रही है और रानी पद्मावती का गलत चित्रण कर रही है. जबकि फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली ने इससे इनकार किया है.


गृह मंत्री राजनाथ सिंह को एक पत्र में केंद्रीय बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) सलाहकार समिति के सदस्य और बीजेपी नेता अर्जुन गुप्ता ने कहा है कि भंसाली को 'देशद्रोह' के लिए दंडित किया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है.

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