Former IPS officer Julio Ribeiro questions

Former IPS officer Julio Ribeiro questions

By: | Updated: 16 Mar 2015 01:04 PM

नई दिल्ली: कल हरियाणा में एक निर्माणाधीन चर्च पर हमला हुआ. उससे पहले पश्चिम बंगाल में बुजुर्ग नन के साथ गैंगरेप किया गया. देश में ईसाईयों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. बड़ा सवाल ये है कि क्या देश में ईसाई सुरक्षित नहीं हैं?

 

पीएम नरेंद्र मोदी कहते हैं कि मेरी सरकार का मकसद है इंडिया फर्स्ट. पिछले महीने की 27 तारीख को ही प्रधानमंत्री ने इंडिया फर्स्ट की बात कहकर देश को भरोसा दिलाया था . लेकिन प्रधानमंत्री की ये बात कुछ लोग सुनने को तैयार नहीं है .

 

दिल्ली से महज डेढ़ सौ किलोमीटर दूर हरियाणा के हिसार में चर्च पर हमला हुआ है . आरोप है कि चर्च में क्रॉस हटाकर भगवान हनुमान की मूर्ति रख दी गई और भगवान राम के चित्र वाला एक झंडा लगा दिया गया .  चर्च के फादर ने 14 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है .

 

शक की सूई बजरंग दल पर है . क्योंकि गांव के सरपंच ने कहा है कि कुछ दिन पहले बजरंग दल के लोग उनसे पूछ रहे थे कि गांव में चर्च बनाने की इजाजत कैसे दी गई?

 

पश्चिम बंगाल के नादिया में बुजुर्ग नन से हुए गैंगरेप के गुनहगार पकड़े नहीं गए हैं . मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जाकर पीड़ित से मुलाकात की. पुलिस से सामने सीसीटीवी का ये सबूत भी मौजूद है लेकिन गैंगरेप के गुनहगार पुलिस की पकड़ से दूर हैं . अभी तक सिर्फ 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है जिनसे पूछताछ हो रही है .

 

हाल के दिनों में ईसाई समुदाय पर हमले के मामले बढ़ गये हैं . हिसार की घटना से पहले दिल्ली में भी चर्च पर हमले की चार-पांच घटनाएं हो चुकी हैं . इन हमलों को लेकर ईसाई समुदाय में खौफ का माहौल है . पंजाब के पूर्व डीजीपी जूलियो रिबेरो ने कहा है कि देश के बिगड़ते माहौल से डर लगता है.

 

सम्मानित हो चुके जूलियो रिबेरो ने इंडियन एक्सप्रेस में लिखा है - एक वो वक्त था जब 29 साल पहले पंजाब में आतंकवाद से निपटने के लिए एक ईसाई पुलिस अफसर को चुना गया था. पंजाब के उस दौर में हिंदुओं ने मेरा स्वागत किया था. आज मैं 86 साल की उम्र में अपने ही देश में बेगाना, अवांछित और खतरे में पड़ा हुआ महसूस कर रहा हूं...वही लोग जो मुझ पर भरोसा करते थे, आज दूसरे धर्म को मानने की वजह से मुझे निशाना बनाने को तैयार हैं. कम से कम हिंदू राष्ट्र के समर्थकों की नज़र में मैं अब एक भारतीय नहीं हूं. पिछले साल मई में नरेंद्र मोदी की बीजेपी सरकार बनने के बाद से जिस तरह सिलसिलेवार तरीके से एक छोटे और शांतिप्रिय समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है, क्या वो सिर्फ संयोग है या कोई सोची समझी साजिश?. ये बेहद दुख की बात है कि नफरत और अविश्वास के माहौल में इन चरमपंथी ताकतों के हौसले हद से ज्यादा बढ़ गए हैं.

 

पूर्व आईपीएस अफसर जूलियो रिबेरो पंजाब में डीजीपी के तौर पर आतंकवाद को काबू करने में अहम रोल निभा चुके हैं. नब्बे के दशक में रिबेरो महाराष्ट्र में भी अंडरवर्ल्ड की कमर तोड़ने में कामयाब रहे थे . ऐसे में उनका बयान सरकार के लिए सोचने वाला है .

 

पहले धर्म परिवर्तन का विवाद फिर धार्मिक स्थलों पर हमलों के मामले ने मोदी सरकार को विरोधियों के निशाने पर ला दिया है . पीएम कई बार संसद और संसद के बाहर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर बयान दे चुके हैं . लेकिन पीएम के बयान का कोई असर दिख नहीं रहा है .

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