A To Z: कैश का संकट आखिर है क्या और सरकार क्या कर रही है?

A To Z: कैश का संकट आखिर है क्या और सरकार क्या कर रही है?

वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि कुछ राज्यों में कैश ज्यादा हो गया और कुछ में कम. अब वित्त मंत्रालय और आरबीआई मिलकर इसे ठीक करने का काम कर रहे हैं.

By: | Updated: 17 Apr 2018 01:07 PM
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नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में कैश संकट ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं. लोग शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए भी पैसा नहीं मिल रहा है. बैंक में पैसा नहीं है और एटीएम पर ताले लटके नजर आ रहे हैं. अचानक उठे इस संकट से लोगों को नोटबंदी की याद आ गई. इस संकट के बाद बैंकिंग सचिव राजीव कुमार ने कहा, ''आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और उत्तरी बिहार में मुख्य रूप से दिक्कत थी. हम 500 रूपये के नोट की सप्लाई बढ़ाने जा रहे हैं. कल 86% एटीएम काम कर रहे थे और आज भी 85% एटीएम  काम कर रहे हैं.


क्या है कैश संकट?
आरबीआई और सरकार तर्क दे रहे हैं कि कैश की कमी के पीछे डिमांड बढ़ना है. दरअसल कैश संकट के पीछे व्यापार का बेहद सीधे सा फॉर्मूला 'डिमांड और सप्लाई' का खेल है. बैंकों के माध्यम से राज्य सरकार आरबीआई को कैश की डिमांड भेजती है. यहां पर यही फॉर्मूला फेल हो गया, राज्य सरकार ने जितनी डिमांड की उनता कैश उन्हें नहीं दिया गया. इस पर शादियां और त्योहारी सीजन ने भी दिक्कत बढ़ा दी. जिससे एटीएम और बैंकों से अचानक कैश गायब हो गया.


सबसे ज्यादा स्थिति में बिहार में खराब
सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति बिहार में है. बिहार में एटीएम तो दूर की बात है, बैंकों में ही पैसे नहीं हैं. पैसे के लिए एटीएम और बैंक जा रहे लोगों का कहना है कि पैसे की किल्लत से कई जरूरी काम रुक रहे हैं. बिहार की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राजधानी पटना के सबसे वीआईपी इलाके राजभवन के एटीएम में भी कैश नहीं है. इसी इलाके में राज्यपाल और सीएम नीतीश कुमार का आवास है.


कैश संकट पर मोदी सरकार का बयान
देश में अचानक उठे नकदी संकट पर वित्त मंत्री अरुण जेटली का ट्वीट आया है. वित्त मंत्री ने लिखा, '' देश की करेंसी की स्थिति की समीक्षा की है. बाजार में पर्याप्त मात्रा में कैश है. बैंकों में भी पर्याप्त कैश है. कुछ जगहों पर किल्लत इसलिए हुई क्योंकि कुछ क्षेत्रों में अचानक मांग बढ़ गई है.''


एक दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी: वित्त राज्य मंत्री
कैश संकट पर मोदी सरकार की पहली प्रतिक्रिया आई है. केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि एक-दो दिन में हालात सामान्य हो जाएंगे. शिवप्रताप शुक्ल ने कहा, ''हमारे पास अभी सवा लाख करोड़ की कैश करेंसी है, इसमें कोई दिक्कत नहीं है. एक समस्या आई है जिसे हम स्वीकर करते हैं. कुछ राज्यों में पैसे अधिक हो गए हैं और कुछ में कम हो गए हैं. हमने इसके लिए राज्यवार कमेटी बनाई है. आरबीआई भी कमेटी बना रहा रहै. पैसा एक स्टेट से दूसरे स्टेट में ट्रांसफर करना पड़ेगा जिसके लिए आरबीआई की इजाजत जरूरी है. मुझे लगता है कि एक से दो दिन में हम इस समस्या को पूरा खत्म कर देंगे.''


कैश संकट पर आरबीआई का पक्ष
आरबीआई ने कहा है कि एक से दो दिन के भीतर हालात सामान्य हो जाएंगे. आरबीआई की ओर से यह भी बताया गया कि अचानक मांग बढ़ने से दिक्कत हुई. आरबीआई ने संकट के पीछे त्योहारी मांग को भी कारण माना है.


नोटबंदी से ज्यादा अभी कैश तो फिर संकट क्यों?
हालात भले ही नोटबंदी जैसे बने हों लेकिन सरकारी खजाने की हालत नोटबंदी के दिनों जैसी बिल्कुल नहीं है. देश में इस वक्त कैश की कोई कमी नहीं है, नोटबंदी के समय से ज्याद कैश अभी मौजूद है. नोटबंदी से चार दिन पहले चार नवंबर 2016 को 17.97 लाख करोड़ कैश मौजूद था. 31 मार्च 2017 को बाजार में 13.35 लाख करोड़ कैश की मौजूदगी बताई गई. 6 अप्रैल 2018 को 18.42 लाख करोड़ यानी नोटबंदी के समय के ज्यादा कैश बाजार में मौजूद है.


क्या कर रही हैं राज्य सरकारें?
मध्य प्रदेश: कैश की किल्लत के पीछ मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस की साजिश की बताई है. कल सीहोर में एक सभा को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह ने कहा, ''पंद्रह लाख करोड़ के नोट बाजार में थे और आज साढ़े सोलह लाख करोड़ के नोट छापकर बाजार में भेजे गए हैं. लेकिन दो दो हजार के नोट कहां जा रहे हैं ? कौन दबा कर रख रहा है? कौन कैश की कमी पैदा कर रहा है? ये दिक्कतें पैदा करने के लिए षडयंत्र है. सरकार भी सख्ती से कार्रवाई करेगी.''


गुजरात: कैश संकट को लेकर गुजरात से बड़ी खबर सामने आई है. गुजरात सरकार ने आरबीआई को कैश की किल्लत को लेकर आगाह किया था. वित्त मंत्री नितिन पटेल ने आरबीआई के रीजनल ऑफिस को इसकी जानकारी दी थी साथ ही कहा था कि बैंकों को और ज्यादा कैश दिया जाए. गुजरात सरकार की नसीहत को आरबीआई ने 'अनसुना' कर दिया.


उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय को कल ही इस समस्या से जुड़ी कई शिकायतें मिली थीं. इसको लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज बैठक बुलाई है. यूपी के कई जिलों में कैश नहीं मिल रहा है. कहा जा रहा है कि सीएम योगी नकदी संकट को लेकर कल वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिख सकते हैं.



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