1 पैसा खोने पर पिता ने डायरी में लिख लिया था विजय माल्या का नाम!

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नई दिल्ली: मायालोक का वो जादूगर है. रंगीन दुनिया के उसके अनगिनत फसाने हैं. हसीनाओं का वो दीवाना है. जिसे वो पसंद कर ले उसके कैलेंडर बन जाते हैं. जमीन हो या फिर आसमान- रफ्तार उसका शगल है. उसने दुनिया को आसमान में उड़ाने की कोशिश की. आज वो खुद जमीन पर लुढ़क चुका है. ये कहानी उस अरबपति कारोबारी की है जिसे किंग ऑफ गुड टाइम्स यानी हसीन लमहों का राजा कहा जाता था. बीयर, व्हिस्की, आईपीएल टीम, फुटबाल क्लब, फॉर्मूला वन रेसिंग और एयरलाइन्स…. ये सब बिजनेसमैन विजय माल्या का महज शौक नहीं कारोबार था. आज विजय माल्या…. जेल जाने के डर से लंदन भागे हुए हैं.

विजय माल्या को एक-एक पाई का मोल बचपन में सिखाया गया था. विजय के अरबपति पिता विट्ठल माल्या सख्त अनुशास में यकीन रखते थे. बहुत पहले की बात है. विजय माल्या स्कूल में पढ़ते थे. पिता ने पॉकेट खर्च के लिए उन्हें कुछ पैसे दिये थे. उन पैसों में से एक नया पैसा विजय ने कहीं खो दिया. इस बात की जानकारी जब उनके पिता को मिली तो उन्होंने अपनी डायरी में इसे खाते की तरह दर्ज कर लिया. आज उस विजय माल्या पर 9 हजार करोड़ रुपये का चंपत लगाने का आरोप लगा है.

पिछले दिसंबर की बात है. दिल्ली और मुंबई के कुछ लोग तब हैरान रह गए जब उन्हें गोवा आने का एक न्योता मिला. न्योता में आने-जाने सहित सभी खर्चों का बंदोबस्त मेजबान की ओर से किया जाना था. ये मेजबान कोई और नहीं बल्कि शराब कारोबारी विजय माल्या ही थे जो गोवा में अपने 60वें जन्मदिन का जश्न मनाने में कोई कमी नहीं रखना चाहते थे. गोवा के कैनडोलिन में आलिशान किंगफिशर विला में सैकड़ों वीवीआईपी मेहमानों ने तीन दिन तक बिना रुके बिना थके माल्या को हैपी बर्थडे विश किया. कहा जाता है कि विजय माल्या के नजदीकी दोस्तों के अलावा कुछ फिल्मी हस्तियां और उनकी कंपनी के विदेशी निवेशक इस पार्टी में मौजूद थे. पार्टी में मेहमानों के मनोरंजन के लिए स्पैनिश पॉप स्टार एनरीके एंग्लेशिया को खासतौर पर बुलाया गया था. पार्टी में शराब और शबाब का जलवा कायम रहा. ऐसा होना भी था क्योंकि शराब के लिए माल्या की अपनी किंगफिशर ब्रेवरी है तो बाकी के लिए उनके किंगफिशर कैलेंडर की तड़क-भड़क. कहते हैं विजय माल्या के 60वें जन्मदिन की पार्टी पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किया गया. जिस वक्त माल्या अपने जन्मदिन पर धन दौलत और ऐश्वर्य का प्रदर्शन कर रहे थे उस समय तक माल्या के हाथों से उनकी सबसे बड़ी शराब कंपनी निकल चुकी थी. किंगफिशर एयरलाइन बंद हो चुकी थी, बहुत सी प्रॉपर्टी और लग्जरी कारें बैंकों के कब्जे में थी. विजय माल्या के ऊपर उस समय करीब 9 हजार करोड़ रुपये की देनदारी थी. पर विजय माल्या के ठाठ में कोई कमी नहीं थी. यही विजय माल्या की जिंदगी जीने का फलसफा है. यही इस अरबपति कारोबारी के जीवन का सार भी है. चाहे कुछ भी हो जाए जिंदगी रंगीनियों से अलग नहीं की जा सकती.

जहां मायालोक है वहां विजय माल्या हैं. जहां माल्या हैं वहां ग्लैमर का तिलिस्मी संसार है. उनका ये शौक हर साल उन्हें खूबसूरत मॉडल की तलाश में दुनिया के हसीन जगहों में ले जाता है. विजय माल्या की कंपनी ने 2003 में किंगफिशर कैलेंडर की शुरुआत की थी. भारत में इसे मॉडल और ऐक्ट्रेस के लिए सबसे शानदार लॉन्चिंग प्लेटफॉर्म माना जाता है. क्योंकि यहां दिखने के बाद मॉडल्स बहुत जल्द लोगों की नजरों में आ जाते हैं. दीपिका पादुकोण, कैटरीना कैफ, नरगीस फाकरी… लीसा हेडन….याना गुप्ता जैसे कई चेहरों को इस कैलेंडर से पहचान मिल चुकी है. जबसे इस कैलेंडर की शुरुआत हुई तबसे विजय माल्या इससे जुड़े रहे हैं. इस कैलेंडर का बॉलीवुड को भी हर साल इंतजार रहता है क्योंकि इससे बॉलीवुड में नए चेहरों की एंट्री की संभावनाएं रहती हैं.

VV malya 2विजय माल्या पर कर्ज चुकाने का दबाव बढ़ रहा था. बैंक अपना शिकंजा कस रहे थे, उस दौरान भी विजय माल्या का किंगफिशर कैलेंडर उसी अंदाज में लॉन्च हुआ जिसके लिए विजय माल्या जाने जाते हैं. विजय माल्या के 2016 के कैलेंडर में लॉन्च हुईं माया हेड्रिक्स…..आयशा शर्मा….श्रेया मिश्रा सहित कई मॉडल…..

कारोबार का रंग फीका पड़ चुका था. जिस शराब कंपनी के चलते पूरी दुनिया के कारोबारी उन्हें जानते थे वो कंपनी उनकी बिक चुकी थी लेकिन विजय माल्या के रंगीन मिजाज के रंगों में किसी रंग की कोई कमी किसी ने नहीं देखी.

विजय माल्या को न केवल पार्टियों का शौक है बल्कि उन्हें कारों से भी खास लगाव है. कारों को लेकर उनके प्या र का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकतें हैं कि किसी पुराने कारों के शोरूम में उतनी गाडि़यां नहीं होंगी जितनी की माल्यान के गैराज में हैं. विजय माल्याक को कारों का खास शौक है. वो न सिर्फ बड़ी-बड़ी गाडि़यों में सफर करते हैं बल्कि बहुत ही सलीके से उसे अपने माल्याो कलेक्शान में महफूज भी रखा है. कहा जाता है विजय माल्यार के कार कलेक्शान में दुनिया की कीमती से कीमती करीब 250 कारें मौजूद हैं पर वो आमतौर पर अपनी मेबैक 62 सिडान कार में फर्राटा भरना पसंद करतें हैं. अपनी किंगफिशर एयरलाइन्स के लिए उन्होंने जो कर्जा लिया था उसे नहीं चुका पाने की वजह से हाल ही में इनकी एक-एक कर कई कारें नीलाम हो गईं.

विजय माल्या को सड़कों का ही नहीं समंदर का सफर भी खूब पसंद है. उनका ये शौक उन्हें साल 2006 में इस खूबसूरत यॉट के मालिक तक पहुंचा दिया था. ये यॉट विजय माल्या ने 2006 में कतर के एक राज परिवार से खरीदा था. उस वक्त की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यॉट की कीमत 756 करोड़ रुपये थी और यह भारत का सबसे महंगा यॉट था. ‘इंडियन एम्प्रेस’ समुद्र पर तैरते किसी लग्जरी घर की तरह नजर आता था. 2011 में माल्या ने इसे एक यूरोप की कंपनी को बेच दिया. हालांकि, एक कॉन्ट्रैक्ट के तहत माल्या का अब भी इस यॉट पर विशेष अधिकार बना हुआ है. कहा जाता है कि यॉट माल्या के दिल के बेहद करीब था. वे ज्यादातर समय यॉट पर बिताते थे. 2007 के किंगफिशर कैलेंडर की शूटिंग इस यॉट पर की गई थी. तीन मंजिला इस यॉट में 16 लग्जरी केबिन हैं, जिनमें हर तरह की सुविधा मौजूद है. इसमें हेलिपैड के साथ दो मर्सडी कार पार्क करने की भी जगह है. यॉट का इंटीरियर पूरी तरह से विजय माल्या की पसंद को ध्यान में रखते हुए बनाया गया था. यहां तक की गेस्ट को परोसे जाने वाली शराब भी माल्या की पसंद की रहती थी. लाउंज में लगी पेंटिंग्स मशहूर आर्टिस्ट रेनोइर, चागल और एम.एफ हुसैन द्वारा बनाई गई है. यॉट का निचला डेक गेस्ट के लिए रिजर्व रहता था. यहां एक मैखाना भी है. इसके अगले डेक पर विजय माल्या का प्राइवेट बेडरूम है. इससे सटा माल्या का प्राइवेट डेक है.

विजय माल्या को पार्टी एनिमल यानी पार्टी का दीवाना भी कहा जाता है. बड़ी-बड़ी पार्टियां देने का उन्हें बेहद शौक है. माल्या की आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स की जब कभी जीत होती माल्या पार्टी देने को तैयार होते. अपनी आईपीएल टीम के सदस्यों के साथ विजय माल्या की तस्वीरें खूब चर्चित हुईं.
विजय माल्या ने एक इंटरव्यू में कहा था कि स्टाइल से रहना उन्होंने अपने दादा से सीखा है जो कि डिनर करने से पहले भी सूट बूट पहनकर तैयार होते थे. विजय माल्या कहते हैं कि उनके पिता मर्सडीज में बैठकर पान खाने जाया करते थे. उन्हें देख कर ही 18 साल की उम्र में उन्होंने खुद भी एम्बेसडर में जाकर पान खाना शुरू कर दिया था.

VV malyaविजय माल्या को राजाओं महाराजाओं की तरह रहने का शौक है. यही शौक उन्हें दुनिया की सबसे पुरानी सवारी तक खिंच कर ले जाती है. यूनाइटेड ब्रुअरीज समूह के मालिक रह चुके माल्या को घुड़दौड़ का बहुत शौक है और वो 21 साल की उम्र से ही इसमें भाग लेते रहे हैं. उनके पास 450 एकड़ का एक बहुत बड़ा और पुराना अस्तबल बेंगुलुरू के पास है जहां घोड़ों की परवरिश होती है. कहा जाता है कि ये अस्तबल मैसूर के राजा टीपू सुल्तान ने बनवाया था. यहां उनके पसंदीदा घोड़े रखे और ट्रेन किए जाते हैं. विजय माल्या बैंकों का कर्जा चुकाने के लिए एक-एक पाई के जब मोहताज थे तब उन्होंने 4 करोड़ रुपये में रेस के लिए एयर सपोर्ट नाम का घोड़ा खरीदा था. समझा जाता है कि बेंगलुरू में ये सबसे महंगा घोड़ा है. इसने अब तक पांच बड़ी दौड़ें जीती हैं. इस घोड़े का खास इस्तेमाल ब्रीडिंग के लिए होता है और इसे एक ऐसे बाड़े में रखा गया है जहां 100 घोड़ियां हैं. उम्दा किस्म के घोड़े ही ब्रीडिंग के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं.

जब आन-बान और शान में भी विजय माल्या की कोई सानी नहीं है. साल 2005 की बात है. लंदन में मैसूर के पूर्व शासक टीपू सुल्तान की दो सौ साल पुरानी एक तलवार की नीलामी हो रही थी. जैसे ही माल्या को इसके बारे में पता चला वो बोली लगाने के लिए हाजिर थे. उन्होंने 4 करोड़ रुपये देकर इस तलवार को अपने नाम कर लिया. ये दुर्लभ तलवार अंग्रेजों को टीपू के शव पर पड़ी मिली थी. मुस्लिम शासक टीपू सुल्तान हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल माने जाते हैं.

विजय माल्या यहीं नहीं रुके. साल 2009 की बात है. अमेरिका के न्यूयॉर्क में महात्मा गांधी के निजी सामानों की नीलामी के बारे में खबर आई. माल्या को जैसे ही पता चला वो एक बार फिर हाजिर थे. उन्होंने नीलामी में करीब नौ करोड़ रुपये चुकाकर महात्मा गांधी की बहुमूल्य वस्तुएं अपने नाम कर लीं….. महात्मा गांधी का एक चश्मा, जेब घड़ी, एक जोड़ी चमड़े की चप्पलें, एक कटोरी और पीतल की वह थाली, जिसमें महात्मा गांधी ने 1948 में अपनी हत्या से पहले अंतिम बार भोजन किया था…..ये धरोहर अब भारत सरकार के पास है.

एक वक्त था जब विजय माल्या किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक हुआ करते थे. उनके हवाई जहाज आसमान में राज करते थे. अपने इस एयरलाइंस के लिए विजय माल्या बैंकों से कर्ज पर कर्ज लेते चले गए. बैंकों पर देनदारी जब 9 हजार करोड़ तक पहुंच गई तो वो लंदन भाग गए. उनके लंदन जाने पर हंगामा मच गया. लेकिन विजय माल्या को क्या, जब वो लंदन भागे तो वहां एक दूसरा मायालोक उनका इंतजार कर रहा था.
दिल्ली से करीब साढ़े छह हजार किलोमीटर दूर ब्रिटेन की राजधानी लंदन से कुछ दूरी पर हर्डफोर्डशायर के तिवेन गांव में है माल्या का बंगला. 30 एकड़ में फैले इस बंगले को ब्रिटेन के सबसे बड़े घरों में से एक माना जाता है और माल्या के इस ठिकाने को आखिरकार एबीपी न्यूज संवाददाता पूनम जोशी ने ढूंढ लिया. इस बंगले का नाम है लेडीवॉक और कहा जा रहा है कि 2 मार्च से यूबी ग्रुप के चेयरमैन और राज्यसभा सदस्य विजय माल्या इसी बंगले में रह रहे हैं.

इस गांव के एक शख्स ने हाल ही में माल्या को एक लोकल पब में देखने का भी दावा किया था. एक और गांववाले ने कहा कि मैं बता सकता हूं कि वो इसी बंगले में हैं क्योंकि जब भी वो यहां आते हैं तो काफी हल्ला हो जाता है. क्वीन हू रोड स्थित आलीशान लेडीवॉक बंगले के मुख्य गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं.
बंगले की बाउंड्री काफी ऊंची है. हिफाजत में भारी तादाद में निजी सुरक्षाकर्मी भी तैनात हैं. जब हमने बंगले पर मौजूद कर्मचारियों से पूछा कि क्या माल्या यहीं पर मौजूद हैं तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.

माल्या ने ये बंगला 2008 में फॉर्मूला-वन रेस के चैंपियन लुईस हैमिल्टन से 30 करोड़ में खरीदा था और आज इस शानदार बंगले की कीमत है 36 करोड़ 72 लाख रु. इस बंगले में 8 बेडरूम हैं तो नौकरों के रहने के लिए भी छोटे-छोटे कॉटेजनुमा घर बने हैं.

लंदन से सड़क मार्ग से यहां एक घंटे में पहुंचा जा सकता है. माल्या का ब्रिटेन में सिर्फ यही एक बंगला नहीं है बल्कि उनका एक बंगला लंदन के बीचोंबीच बेकर स्ट्रीट पर मैडम तुसाद वैक्स म्यूजियम से दो मकान छोड़कर भी है. भारत में भी माल्या के गोवा स्थित इस बंगले के खूब चर्चे होते हैं लेकिन फिलहाल माल्या लंदन के इस लेडीवॉक बंगले में कैद बताए जा रहे हैं. जानकारों का कहना है कि विजय माल्या के पास भारत के बाहर अकूत संपत्ति है. दुनिया के बड़े बड़े देशों में कई हजार करोड़ की उनकी संपत्तियां हैं.

शराब का सबसे बड़ा कारोबारी. एक ऐसे एयरलाइन का मालिक जिसके जहाज पर हवाई सफर के लिए लालायित रहते थे लोग आखिर वो कारोबारी 9 हजार करोड़ रुपये का देनदार कैसे बन गया? जिस कारोबारी की कामयाबी के किस्से सुनाए जाते थे आज वो विजय माल्या भगोड़ा क्यों बन गया है?

विजय माल्या का जन्मड 18 दिसंबर 1955 को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में हुआ था था. वे मूलतः कर्नाटक में मंगलौर के बंटवाल शहर से हैं. विजय माल्या की स्कूली पढ़ाई कोलकाता के लॉ मास्टीयने स्कूटल से हुई और सेंट जेवियर कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई पूरी की. इसी दौरान वो घरेलू बिजनेस में भी हाथ बंटाने लगे. माल्या ने अमेरिका के साउथ कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेटशन में पीएचडी की. 1983 में जब पिता विट्ठल माल्या की मौत हुई उस वक्त विजय माल्या 28 साल के थे. विजय सिर्फ 28 साल की उम्र में यूबी ग्रुप के अध्यक्ष बनाए गए. विजय बेहद महत्वाकांक्षी और पिता की तरह ही जिंदादिल थे. कारोबार में रिस्क लेने मामले में वो अपने पिता से भी आगे थे. इसलिए जब युनाइटेड ब्रेवरीज की कमान उन्हें दी गई तो कॉरपोरेट की दुनिया ने उन्हें हाथोंहाथ लिया.

जल्द ही कंपनी का विस्तार करते हुए उन्होंने एक दशक के अंदर 60 से ज्यादा कंपनियां स्थापित कर डालीं. 1995 के आसपास कई नए ब्रांड शुरू किए. किंगफीशर बीयर ब्रांड की शुरुआत की जो कुछ समय में कंपनी की पहचान ही बन गई. उन्होंने अपना पूरा ध्यान ग्रुप के मुख्य व्यवसाय शराब पर लगाया. उन्होंने अपने मुख्य धंधे को न सिर्फ मजबूत किया बल्कि कई कंपनियों का अधिग्रहण कर अपने व्यवसाय का विस्तार किया. उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों की कई कंपनियों का अधिग्रहण किया. इनमें प्रमुख थीं बर्जर पेंट, बेस्ट, क्रॉम्पटन, मालाबार कैमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स.

भारत में शराब व्यवसाय को अच्छी नज़रों से नहीं देखा जाता है. माल्या चाहते थे कि लोग उन्हें शराब का बड़ा कारोबारी नहीं, बल्कि एक उद्योगपति के रूप में जानें. वो इस ठप्पे से पीछा छुड़ाना चाहते थे इसलिए उन्होंने इंजीनियरिंग, फर्टिलाइजर, टेलीविजन और विमान सेवा की कंपनियों में पैसे लगाने का फैसला लिया. इसी कोशिश में अब माल्या के ख्वाबों के परिदों को आसमान मिलने की बारी थी.

कई पिता अपने बच्चों को बचपन में खिलौने वाला हवाई जहाज देते हैं. बच्चे बड़े हुए तो उन्हें हवाई जहाज की सैर भी करा लेते हैं. लेकिन विजय माल्या चाहते थे कि उनका बेटा सिद्धार्थ 18 साल का हो, तो जवानी में कदम स्टाइल के साथ बढ़ाए. और इस तरह 2005 में अस्तित्व में आई किंगफिशर एअरलाइन. बेटे सिद्धार्थ को उसके 18 वें जन्मदिन पर पिता की तरफ से मिला किंगफिशर एयरलाइन्स का तोहफा. उनके कुछ करीबी लोगों का यह भी मानना था कि माल्या का सिद्धार्थ को ये गिफ्ट, उस समय की भरपाई है जो वे सिद्धार्थ की परवरिश में नहीं दे पाए. सिद्धार्थ का बचपन इंग्लैंड में अपनी मां के साथ बीता. इस दौरान सीनियर माल्या दुनिया में अपना अरबों डॉलर का बिजनेस फैलाते गए. जिसमें शराब के कारोबार से पैसा बरस रहा था.

बड़े ही शान के साथ माल्या ने किंगफिशर एयरलाइन्स की शुरुआत की. इसकी स्वामित्व विजय माल्या की अगुआई वाले यूनाइटेड ब्रेवरीज ग्रुप के पास था. कुछ समय के भीतर ही यह एविएशन सेक्टर की बड़ी कंपनी बन गई. अपने लाइफ स्टाइल की तरह माल्या ने इसे शानदार एयरलाइंस के रूप में चर्चित बना दिया.उस दौर में प्रीमियम सेवाओं में इसका कोई जोड़ नहीं था.

कारोबार को समझने वाले बताते हैं कि शराब के व्यवसाय में 40 से 45 फीसदी तक का मुनाफा होता है लेकिन माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस शुरू करने का फसला किया जिसमें पैसे कमाना मुश्किल होता है और अगर मुनाफा होता भी है तो एक या दो प्रतिशत. जब एयरलाइन शुरु हो गई तो माल्या ने खूब पैसे उड़ाए. किसी यात्री की उड़ान छूट जाने पर वे उसे उसके गंतव्य स्थान तक दूसरी एयरलाइन से भेजते थे. उन्होंने यह मान लिया कि लोग उनके फ्लाइंग फाइव स्टार होटल पर टूट पड़ेंगे. यात्रियों के लिए उन्होंने मंहगी विदेशी पत्र-पत्रिकाएं मंगवाई पर शायद वे कभी गोदाम से बाहर निकल ही नही पाईं.

कंपनी के मुनाफे पर इन बातों का बुरा असर पड़ना ही था. बैंकों से कर्ज ले लेकर किंगफिशर एयरलाइन्स को चलाया जा रहा था. कंपनी ने एसबीआई से 1600 करोड़ रुपये, पीएनबी से 800 करोड़ रुपये, आईडीबीआई से 800 करोड़, बैंक ऑफ इंडिया से 650 करोड़, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया से 430 करोड़, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 410 करोड़, यूको बैंक से 320 करोड़, कॉर्पोरेशन बैंक से 310 करोड़, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर से 150 करोड़, इंडियन ओवरसीज बैंक से 140 करोड़, फेडरल बैंक से 90 करोड़ रुपये और कर्जा लिया. एयरलाइंस अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रही थी. आमदनी से कई गुना ज्यादा खर्च हो रहा था. घाटा हर रोज बढ़ता जा रहा था. किंगफिशर के लिए बैंकों की ईएमआई देना मुश्किल हो गया. कंपनी एनपीए यानी नन परफर्मिंग एसेट में चली गई . एक समय ऐसा आया जब कंपनी के लिए एयरलाइन्स में काम करने वाले कर्मचारियों को सैलरी तक देना मुश्किल हो गया.

आखिरकार अक्टूबर 2012 में किंगफिशर एयरलाइंस बंद हो गई. इसका असर माल्या के कारोबारी साम्राज्य पर भी पड़ा जो अब लगभग खत्म होने के कगार पर है.

बैंकों का आरोप है कि विजय माल्या जानबूझकर कर्जा नहीं चुकाना चाहते हैं और कानून से बचने के लिए लंदन में बसना चाहते हैं. मामला अदालत में चल रहा था तभी सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि माल्या लंदन जा चुके हैं. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि माल्या को बचाने की कोशिश की जा रही है. बीजेपी आरोप लगा रही है कि खराब हालात के बाद भी मनमोहन सिंह सरकार के समय माल्या को बैंकों ने क्यों कर्ज दिये. सीबीआई ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नियम को ताक पर रख कर कहीं विजय माल्या को तो कर्ज नहीं दिया गया.

सीबीआई सवाल उठा रही है कि किस आधार पर बैंकों ने विजय माल्या की कंपनी को 9 हजार करोड़ रु. कर्ज दिये. इतना ही नहीं माल्या ने लोन के लिए जो संपत्ति बैंकों में गिरवी रखी थी, वो लिए गए कर्ज का 15वां हिस्सा भी नहीं थी. क्या इसके लिए बैंक जिम्मेदार नहीं हैं.

माल्या के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने मनी लॉन्डरिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया है. ED ने ये केस आईडीबीआई बैंक से लिए गए 900 करोड़ के कर्ज को ना चुकाने के मामले में किया है. ED इस बात की जांच कर रहा है कि कहीं माल्या ने बैंक से लिया पैसा विदेश में तो ट्रांसफर नहीं किया.

विजय माल्या पर शिकंजा कसने लगा था. बैंकों का समूह अपने पैसे वापस पाने के लिए बैंक का दरबाजा खटखटा चुका था. सीबीआई ने लुक आउट नोटिस जारी किया था. इसके बाद भी माल्या देश से बाहर कैसे चले गए? यह सवाल इसलिए उठता है क्योंकि जिसके खिलाफ लुक आउट नोटिस होता है, उसे एयरपोर्ट पर जरूर रोक लिया जाता है. सवाल लाजिमी है क्या माल्या भागे हैं या भगाए गए?

विजय माल्या ने पूरे मामले पर बयान जारी करके कहा था कि बैंकों ने उन्हें नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स का पोस्टर बॉय बना दिया है. माल्या ने कहा मैं 28 साल से प्रवासी भारतीय हूं और भागा नहीं हूं. उन्होंने ने ट्वीट करके ये भी कहा है कि वो कानून का सम्मान करते हैं.

क्या विजय माल्या अब भारत कभी वापस नहीं आएंगे? क्या माल्या ने विदेशों में रहने की अपनी पूरी व्यवस्था कर रखी है? विजय माल्या का भरा पुरा परिवार है. उनकी माता का नाम ललिता रमईया है. शानो शौकत की जिंदगी जीने वाले विजय माल्या ने दो शादी की थी. उनकी पहली पत्नी का नाम समीरा माल्या है, जो कि एक वक्त एयर इंडिया में एयर होस्टेस थी. सिद्धार्थ माल्या, समीरा और इनके बेटे हैं. समीरा से तलाक के बाद माल्या ने बेंगलुरु में अपनी ही पड़ोसी रेखा से शादी की. रेखा और विजय दोनों की यह दूसरी शादी थी. रेखा के पहले पति महमूद विजय के अच्छे दोस्त थे. पहले पति से रेखा ने एक लड़की लैला को जन्म दिया था. जिसे बाद में विजय माल्या ने गोद ले लिया था. गोद लेने के बाद लैला महमूद लैला माल्या कहलाने लगी. लैला आईपीएल के पूर्व कमिशनर ललित मोदी के साथ काम करती थीं. आईपीएल विवाद में ललित मोदी के साथ ही उनका भी नाम आया था.

दूसरी शादी के बाद रेखा ने विजय माल्या के साथ भी दो लड़कियों को जन्म दिया. रेखा माल्या अपनी दोनों लड़कियों लीना माल्या और तान्या माल्या के साथ ज्यादातर अपने कैलिफोर्निया वाले घर में ही रहती हैं. विजय माल्या ने अपनी पत्नी रेखा से जुड़ी जानकारियों को अभी भी खुद तक सीमित रखा है. एक इंटरव्यू में जब उनसे इसकी वजह पूछी गई तो उन्होंने बताया कि छिपाने का कारण बेहद निजी है. बहुत कम लोगों को पता है कि उन्होंने बॉलीवुड एक्ट्रेस समीरा रेड्डी का कन्यादान किया है. एक्ट्रेस समीरा उनकी रिश्तेदार हैं.

विजय माल्या के बेटे हैं सिद्धार्थ माल्या. अपने पिता की तरह सिद्धार्थ भी बिंदास माने जाते हैं. सिद्धार्थ पिता के साथ बिजनेस देखते हैं. सिद्धार्थ का जन्म अमेरिका के कैलिफोर्निया में हुआ था. वे क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से बिजनेस मैनेजमेंट में ग्रैजुएट हैं. सिद्धार्थ एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण, कटरीना कैफ, मशहूर गॉल्फर और मॉडल र्मिला निकोलेट, एक्ट्रेस सोफी चौधरी, फ्रीडा पिंटो समेत कई एक्ट्रेस के साथ अफेयर को लेकर वे चर्चा में रहे हैं.

अपने दोस्तो के बीच राजा कहे जाने वाले विजय माल्या रंक तो नहीं हो गए हैं? माल्या को करीब से देखा जाए तो वो अभी भी एक ऐसा रंक है जो अभी भी कई हजार करोड़ रुपये का मालिक है.

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