जानें क्या होगा GST का फ्यूचर

By: | Last Updated: Thursday, 13 August 2015 12:01 PM

नई दिल्ली: देश भर में एक सामान कर व्यवस्था अप्रैल 2016 से लागू करने की सरकार की तमाम कोशिश नाकाम  होती दिख रही है. GST बिल के राज्यसभा में हंगामे के बीच सरकार ने पेश तो कर दिया लेकिन कांग्रेस के कड़े विरोध के कारण बिल को पास कराना तो दूर चर्चा तक  नहीं करवा पायी.

 

सरकार कांग्रेस के विरोध को अर्थ व्यवस्था के खिलाफ बता रही है. ऐसे में मानसून सत्र के ख़त्म हो जाने के बाद ये सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार GST बिल पास करवाने के लिए के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाएगी. 

 

संसद का पूरा मानसून सत्र ललित मोदी मुद्दे पर पर विदेशमंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान के मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और व्यापम मुद्दे पर मध्यप्रदेश के मुख्य मंत्री  शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे के मांग को लेकर हंगामे के भेट चढ़ गया.. साथ ही संसद  के हंगामे की भेट चढ़ा देश भर में एक सामान कर व्यवस्था लागू करने की सरकार की कोशिश.

 

साफ़ है की मानसून सत्र में GST बिल पास ना होने के कारण अब अप्रैल 2016 में देश भर में एक सामान क़र व्यवस्था लागू  होना मुश्किल दिख रहा है. हालाँकि वित्त मंत्री ने हंगामे के बीच बिल को पास कराने की पूरी कोशिश की लेकिन और विपक्ष के विरोध के कारण नाकाम राणे के बाद विपक्ष पर हमला बोल दिया  है सरकार कांग्रेस को देश के विकास और अर्थ व्यवस्था विरोधी बताले हुए बिल को पास कराने के लिए तमाम संवैधानिक कोशिश करने की बात कर रहे हैं

 

भले ही वित्तमंत्री GST लागू कराने के लिए उम्मीद नहीं छोड़ी है और ऐसे में में सरकार अगर संसद का विशेष सत्र बुलाने का फैसला करती है तो उसके पहले कांग्रेस सहित पुरे विपक्ष को राज़ी कराना होगा. दरअसल GST बिल के ज़रिये संविधान में संसोधन होगा और ऐसे में जब बिल पर चर्चा और वोटिंग होने के लिए सदन का सुचारू  तरीके से चलना ज़रूरी है. . लेकिन कांग्रेस लगातार बिल पेश किये जाने के तरीके पर हे सवाल उठा रही है.

 

हालाँकि केंद्र सरकार इस बिल के मुद्दे पर कांग्रेस पर दबाब बनाने के लिए कॉर्पोरेट  नेतृत्व और उद्योगपतियों का सहारा ले रही है  और इस पर कल राज्य सभा में सवाल भी उठे थे.  हालाँकि वित्त मंत्री अरुण जेटली के दलील है की सिर्फ कॉर्पोरेट सेक्टर ही नहीं  देश का आम आदमी भी  GST के पक्ष में है क्योंकि इसके लागू होने से देश के जीडीपी में बढ़ोतरी होगी और आम जनता को फायदा होगा.

 

ऐसे में साफ है की GST बिल पर सरकार अगर तत्काल पास  कराने के लिए विपक्ष को राज़ी नहीं करवा पाती है तो देश में एक सामान कर व्यवस्था लागू कराने के सरकार की कोशिश एक साल के लिए टल सकती है, जो की अर्थ व्यवस्था के लिए बुरी खबर होगी.  अब लोगों को इस मसले पर सरकार के अगले कदम का इंतज़ार होगा.

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Web Title: future of GST Bill
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