गंगा की वो 25 बड़ी बातें जिसे आप यहां जान सकते हैं

By: | Last Updated: Friday, 4 July 2014 1:07 PM
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नई दिल्ली: गंगा पर हमारी रिपोर्ट के दौरान कुछ बड़े और भयानक तथ्य हमारे सामने आए, जिनमें ये सामने निकल कर आया कि आखिर क्यों गंगा इतनी मैली हो गई हैं देश की सबसे बड़ी नदी गंगा को हमारे देश में माता का स्थान दिया गया है पर फिर भी  देश में उसकी हालत बिगड़ती ही जा रही है.

 

गंगा भारत और बांग्लादेश से होकर बहती है

गंगा की कुल लंबाई 2525 किलोमीटर है

भारत में गंगा की लंबाई करीब 1600 किमी है

गंगा की लंबाई उत्तराखंड 450 किमी, यूपी 1000 किमी, बिहार में 405 किमी और पश्चिम बंगाल में 520 किमी है

गंगा में 40 फीसदी पानी हिमालय के ग्लेशियरों से आता है

गंगा में 60 फीसदी पानी सहायक नदियों से आता है.

गंगा से देश की करीब 40 फीसदी आबादी को पीने का पानी मिलता है

गंगा पर बने हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से करीब 2500 मेगावाट बिजली बनती है

देश की 40 फीसदी उपजाऊ जमीन गंगा बेसिन में ही है

गंगा बेसिन 8.61 लाख वर्ग किलोमीटर दायरे में फैला है

गंगा के प्रदूषण पर नजर रखने की जिम्मेदारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की है

CPCB के मुताबिक 138 बड़े नाले गंगा में गिर रहे हैं

CPCB के मुताबिक गंगा में गिरने वाले सबसे ज्यादा 54 नाले पश्चिम बंगाल में हैं

CPCB के मुताबिक गंगा में सबसे ज्यादा प्रदूषण यानी 76 फीसदी यूपी की वजह से है

CPCB के मुताबिक गंगा में गिरने वाली गंदगी के ट्रीटमेंट के लिए 64 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट हैं

CPCB के मुताबिक गंगा में 764 उद्योगों का कचरा और रसायन गिर रहे हैं

CPCB के मुताबिक उद्योगों से हर रोज 112 करोड़ लीटर गंदगी गंगा में मिल रही है

CPCB के मुताबिक सबसे बुरा असर चमड़ा उद्योग, पेपर-पल्प उद्योग और उर्वरक-शुगर मिलों से निकले गंदे पानी से हो रहा है

पीने के पानी में डिजॉल्वड ऑक्सीजन का मानक कम से कम 5 मिलीग्राम प्रति लीटर

पीने के पानी में आयरन की मात्रा का मानक – 0.3 मिलीग्राम प्रति लीटर

पीने के पानी में कोलीफॉर्म बैक्टिरिया का मानक – 10 बैक्टीरिया प्रति 100 मिलीलीटर

पीने के पानी में मलमूत्र से आने वाला कोलीफॉर्म बैक्टीरिया का मानक – नहीं होना चाहिए

नहाने के पानी में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया का मानक – 500 कोलीफॉर्म प्रति 100 मिलीलीटर

सिंचाई के पानी में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया का मानक – 5000 कोलीफॉर्म प्रति 100 मिली लीटर

गंगाजल के लिए मानक – ‘A ग्रेड’ – पीने योग्य, ‘B ग्रेड’- नहाने योग्य, ‘C ग्रेड’ – सिंचाई योग्य, ‘D ग्रेड’ – इस्तेमाल लायक नहीं.

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