डिजिटल इंडिया वीक के बीच बाड़मेर में लड़कियों के मोबाइल पर खाप की बंदिश

By: | Last Updated: Thursday, 2 July 2015 4:50 AM

बाड़मेर: पीएम मोदी देशभर में डिजिटल इंडिया के सपने को पंख दे रहे हैं वहीं आज भी देश के ग्रामीण इलाकों से ऐसे फरमान आ जाते हैं जो बेहद शर्मनाक और पिछड़ी सोच को उजागर करते हैं.

 

राजस्थान के बाड़मेर में एक खाप पंचायत ने फ़रमान जारी करते हुए अपने गांव की लड़कियों को मोबाइल फोन और सोशल मीडिया से दूर रहने का सख्‍त फैसला सुनाया है. इसके साथ ही पंचायत ने गांव की लड़कियों के जींस पहनने पर भी पाबंदी लगा दी है.

 

अखबार टाइम्‍स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, बाड़मेर जिले के कनाना गांव की एक पंचायत में चौधरी समुदाय के 12 खेड़ा के पंचों ने मोबाइल फोन न रखने और जींस न पहनने के फरमान को मंजूरी दी है.

 

लेकिन इसी पंचायन ने कुछ ऐसे फैसले भी लिए जिनकी कोई भी सराहना करेगा. जैसा गांव में कोई भी बाल विवाह नहीं होगा. सभी बच्‍चों को स्‍कूल भेजा जाएगा. शराब पर पाबंदी लगाई जाएगी. इन सभी निर्णयों की प्रशंसा की जानी चाहिए लेकिन लड़कियों के फोन न रखने संबंधी तुगलकी फरमानों की आलोचना करना भी ज़रूरी है.

 

सोशल मीडिया पर भी बाड़मेर की पंचायत की खूब आलोचना हो रही है. डिजिटल मीडिया के दौर में अगर देश में ही ऐसा फरमान सुनाया जाएगा तो ये बहुत अधिक पिछड़ेपन को दर्शाता है.

 

हालांकि इस पूरे मामले में समुदाय के कोषाध्‍यक्ष नाराराम चौधरी ने लड़कियों के मोबाइल फोन न रखने के सवाल पर कहा, हम इसका विरोध नहीं कर रहे, लेकिन यह फैसला छोटी लड़कियों के लिए लागू किया गया है.

 

पंचायत द्वारा इस फैसले को लेने के पीछे उनका तर्क है कि मोबाइल फोन के जरिए लड़कियों की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाती हैं. लिहाजा, यह फैसला लिया गया.

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Web Title: Girls not to use mobile phones: Barmer khap
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