नवरात्रि के लिए दांडिया बनाकर जीविका कमाते हैं गोधरा के मुसलमान

By: | Last Updated: Thursday, 25 September 2014 1:29 PM
godhra muslim

वडोदरा: गुजरात में 2002 में हुए दंगों से सबसे ज्यादा प्रभावित गोधरा शहर के मुसलमानों की बड़ी संख्या नवरात्रि के लिए ‘दांडिया’ बनाकर अपनी जीविका कमाते हैं .

 

यहां से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित गोधरा में बसे कई मुस्लिम परिवार नौ दिन की नवरात्रि शुरू होने से पांच-छह महीने पहले से पारंपरिक लोकनृत्य ‘दांडिया रास’ के लिए दांडिया बनाने में जुट जाते हैं .

 

गोधरा में दांडिया बनाने वाली एक इकाई के मालिक रफीकभाई अब्दुलभाई मेंदा का कहना है, दांडिया 18 इंच लंबी आम या बबूल की लकड़ी का बना हुआ डंडा होता है . उसे गोटे, मोतियों, सीसे और घूंघरू से सजाया जाता है .

 

रफीकभाई का कहना है, करीब 500 मुस्लिम परिवारों की जीविका ‘खराद’ (लकड़ी की दांडिया और खिलौनों की पेंटिंग तथा सजावट का काम) करके चलती है. इन्हें पूरे देश में आयोजित होने वाले ‘दांडिया रास और गरबा’ के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘..मुस्लिम शिल्पकारों को हिन्दू समुदाय के त्योहार नवरात्रि के लिए दांडिया बनाकर बहुत खुशी मिलती है .’’ रफीकभाई ने बताया कि गोधरा के पोलन बाजार, सुल्तानपुरा, मधु लोट, बिलादिया प्लॉट, अहमदनगर, मुहमंदी मोहल्ला, भुरा मोहल्ला और चकलियानी वादी में दांडिया बनाने की करीब 300 इकाईयां हैं .

 

उन्होंने बताया कि गोधरा क्षेत्र में स्थित दांडिया बनाने वाली ज्यादातर छोटी इकाईयों के मालिक मुसलमान हैं .

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: godhra muslim
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017