फिर पलटे मोदी? रेलवे के निजीकरण को कहा ना

By: | Last Updated: Friday, 26 December 2014 2:43 AM
Good governance day: PM says won’t privatise Railways, cleans Varanasi street

फ़ाइल फ़ोटो: वराणसी में एक भाषण के दौरान पीएम मोदी

नई दिल्ली: वाराणसी से पीएम मोदी ने यह बयान दिया कि रेलवे का निजीकरण (प्राइवेटाइजेशन) नहीं किया जाएगा. उन्होंने रेलवे के निजीकरण की ख़बरों को अफवाह बताया. उन्होंने कहा कि सरकार की इस प्रकार की कोई योजना नहीं है. पीएम के इस बयान को उनका एक और यू-टर्न बताया जा रहा है. उन्होंने पीएम बनने से पहले और उसके बाद भी रेलवे के निजीकरण की बात कही है.

 

रेलवे की इन योजनाओं में होगी निजी क्षेत्र की भागीदारी 

 

बीते महीने ही उन्होंने मेघालय की रैली में रेलेवे के निजीकरण का मुद्दा उठाया था. तब उन्होंने सिर्फ रेलवे स्टेशनों के निजीकरण की बात की थी. उन्होंने कहा था, “रेलवे सुविधाएं आज भी वैसी ही हैं जैसी 100 साल पहले थीं. रेलवे स्टेशनों का निजीकरण करो और उन्हें आधुनिक बनाओ.”

 

सरकार की निजीकरण की परिभाषा क्या है? 

 

ट्विटर पर पीएम के इस फैसले को ‘पलटी मारना’ बताते हुए ट्वीट किए जा रहे हैं. सोशल मीडिया पर नरेंद्र मोदी का एक भाषण भी शेयर किया जा रहा है जिसमें उन्होंने रेलवे के आधुनिकीकरण से जुड़े कुछ सुझाव दिए थे.

 

2 अप्रैल 2013 को दिए गए इस भाषण मोदी ने कहा था, ‘सरकार रोड बनाती है, क्या उस पर सिर्फ सरकारी गाड़ियां चलती हैं? एयरपोर्ट पर क्या प्राइवेट जहाज नहीं आते? इतनी बड़ी रेलवे की पटरियां पड़ी हैं, क्या कारण है कि उस पर सरकारी डिब्बा ही घूमता रहेगा?’

 

इस भाषण में मोदी परिक्रमा ट्रेन नाम से प्राइवेट ट्रेन चलाने का भी प्रस्ताव दिया था.

 

ये रहा उस भाषण का वीडियो