जागी योगी सरकार: बीआरडी कॉलेज का प्रिंसिपल सस्पेंड, मंत्री ने कहा-सिर्फ ऑक्सीजन की कमी से मौत नहीं

जागी योगी सरकार: बीआरडी कॉलेज का प्रिंसिपल सस्पेंड, मंत्री ने कहा-सिर्फ ऑक्सीजन की कमी से मौत नहीं

7 तारीख को अस्पताल में 9 लोगों की मौत हुई. 8 अगस्त को 12 बच्चों की जान गई. 9 अगस्त को 9 बच्चों की जान जाती है. लेकिन ध्यान दीजिए 10 अगस्त जिस दिन ऑक्सीजन सप्लाई रुकती है, उस दिन बच्चों की मौत का आंकड़ा 23 पहुंच जाता है. अचानक उसी दिन 23 बच्चों की मौत हो जाना सरकार के दावों पर सवाल उठाता है, क्योंकि उसी दिन ऑक्सीजन की सप्लाई रुकी थी.

By: | Updated: 12 Aug 2017 07:39 PM
नई दिल्ली: दिल दहलाने वाले दर्दनाक गोरखपुर कांड पर अब यूपी सरकार जागी है. बीआरडी कॉलेज के प्रिंसिपल को लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है. यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सरकार संवेदनशील है. एक भी मौत होती है तो कार्रवाई जरूरी है. बता दें कि गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से पिछले 48 घंटों के दौरान 36 मासूमों की मौत हो गई है. दावा है कि मेडिकल कॉलेज में दो दिन के भीतर 36 बच्चों की मौत की वजह अचानक 10 अगस्त की शाम ऑक्सीजन सप्लाई का रुक जाना है, क्योंकि ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी का पैसा बकाया था.

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स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा, 'मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन सप्लाई बंद हुई थी, लेकिन इसकी वजह से बच्चों की मौत नहीं हुई है.' 11.30 से 1.30 के बीच गैस सप्लाई कम थी.2 घंटे तक गैस सप्लाई की कमी थी. ऑक्सीजन सप्लाई रोकने की जांच होगी. मतलब स्वास्थ्य मंत्री का मानना है कि सिर्फ ऑक्सीजन की कमी से मौत नहीं हुई है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अगस्त में हर साल बच्चों की मौत होती है. बच्चों की मौतों को कम नहीं आंक रहे लकिन सिर्फ गैस सप्लाई की वजह से मौतें नहीं हुई हैं.

सरकार ने बीआरडी कॉलेज के प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया है.

सरकार का दावा है कि 36 बच्चों की मौत की वजह ऑक्सीजन सप्लाई का रुकना नहीं है. लेकिन तीन दिन के सरकारी आंकड़ों पर ही आप ध्यान दें तो सरकार के झूठ की पोल खुल जाती है.

7 तारीख को अस्पताल में 9 लोगों की मौत हुई. 8 अगस्त को 12 बच्चों की जान गई. 9 अगस्त को 9 बच्चों की जान जाती है. लेकिन ध्यान दीजिए 10 अगस्त जिस दिन ऑक्सीजन सप्लाई रुकती है, उस दिन बच्चों की मौत का आंकड़ा 23 पहुंच जाता है. अचानक उसी दिन 23 बच्चों की मौत हो जाना सरकार के दावों पर सवाल उठाता है, क्योंकि उसी दिन ऑक्सीजन की सप्लाई रुकी थी.

CAG की रिपोर्ट बताती है कि 57 फीसदी मेडिकल उपकऱणों की कमी है. कैंसर की पहचान करने वाले उपकरण समेत चार बड़े उपकरण खराब हैं. MRI मशीन खरीदने के लिए 2013 में पैसा मंजूर हुआ. दो साल बाद जाकर 2015 में MRI की मशीन खरीदी गई. 2016 तक MRI की मशीन चलाने के लिए एक्सपर्ट तक नहीं था. रेडिएशन थेरेपी से जुड़ी कोबाल्ट-60 मशीन की खरीद में धांधली हुई.

चिट्टी में चेताया गया था
गोरखपुर में बच्चों की मौत के मामले में लापरवाही का बड़ा खुलासा हुआ है. अस्पताल के कर्मचारी ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग को 10 अगस्त को चिट्ठी लिखकर ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने की जानकारी दी थी. चिट्ठी में चेताया गया था कि अगर ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं होती है तो बच्चों की जान पर खतरा भी हो सकता है. गोरखपुर ट्रेजडी: BRD के कर्मचारियों ने आक्सीजन की कमी को लेकर लिखी थी चिट्ठी. डिटेल जानकारी यहां मिलेगी

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई ठप होने से पिछले 48 घंटे में 36 बच्चों की मौत हुई है.

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन सप्लाई करने वाले पुष्पा सेल्स ने कहा है कि BRD कॉलेज ने उन्हें 51 लाख रुपये रिलीज कर दिए हैं. मेडिकल कॉलेज पर सप्लायर का 63 लाख बकाया था. ऑक्सीजन सप्लाई ठप होने से 36 बच्चों की जान गई थी. गोरखपुर ट्रेजडी: पुष्पा सेल्स को मिला 51 लाख का पेमेंट, ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू.. डिटेल जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

गोरखपुर के BRD अस्पताल में पिछले पांच दिनों, यानि सात अगस्त से अबतक 63 बच्चों की मौत हो चुकी हैं. 63 में से 36 बच्चों की मौत ऑक्सीजन नहीं मिलने से हुई है. बाकी बच्चों की मौत, इन्सेफेलाइटिस नामक दिमागी बुखार और दूसरी बीमारियों की वजह से हुई.

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यूपी सरकार की लापरवाही से इतने बच्चों की मौत हुई. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव का इस्तीफा मांगा. सीएम योगी को भी जिम्मेदार ठहराते हुए माफी मांगने की मांग की.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गोरखपुर के अस्पताल में 36 बच्चों की मौत पर दुख जताया है. यूपी सरकार से इस दोषी व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार कर कार्रवाई करने की अपील की है. Reaction: गोरखपुर ट्रेजडी पर हर तरफ से घिरी योगी सरकार, किसी ने मांगा इस्तीफा तो किसी ने बताया 'नरसंहार'

बाबा राघवदास कौन?

विडंबना देखिए जिन बाबा राघव दास ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा काम किया, उन्हीं के नाम पर रखे गए मेडिकल कॉलेज में मासूम बच्चों ने दम तोड़ा है.

- बाबा राघव दास को पूर्वांचल का गांधी भी कहते हैं
- पुणे में 1896 में एक ब्राह्मण परिवार में जन्म हुआ
- गुरु की तलाश में मुंबई से वाराणसी पहुंचे
- 1921 में गांधीजी से मिलने के बाद आजादी की लड़ाई से जुड़े
- 1948 में बाबा राघव दास विधायक बने
- देवरिया, कुशीनगर में शिक्षा संस्थान शुरू किए
- स्वास्थ्य, सफाई को लेकर जागरुकता अभियान चलाया
- 15 जनवरी 1958 में मृत्यु हुई

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