Government has stopped their officials from writing political views on social media।अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने की दिशा में जम्मू-कश्मीर सरकार का फरमान, सोशल मीडिया पर राजनीतिक विचार जाहिर करने पर लगी रोक

महबूबा सरकार का फरमान, सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया पर नहीं पोस्ट कर सकते राजनीतिक विचार

सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए आचार नियमों को संशोधित कर किसी भी राजनीतिक गतिविधि के लिए उनके सोशल मीडिया अकाउंट के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है

By: | Updated: 27 Dec 2017 09:46 AM
Government has stopped their officials from writing political views on social media

जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को उनके निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर राजनीतिक विचार पोस्ट करने पर रोक लगा दी है. सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए नियमों को संशोधित कर किसी भी राजनीतिक गतिविधि के लिए उनके सोशल मीडिया अकाउंट के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है.


सरकार ने जम्मू और कश्मीर सरकारी कर्मचारी आचार नियमों में एक उप-नियम जोड़ा है जिसके मुताबिक कोई भी सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया अकाउंट पर सरकार के लिए हानिकारिक साबित हो सकने वाले किसी आपराधिक, बेईमानी, अनैतिक और प्रत्यक्ष रूप से अपमानजनक आचार में शामिल नहीं होगा.


नियम में कहा गया है, "वह किसी राजनीतिक गतिविधि के लिए अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल नहीं करेंगे और किसी भी राजनीतिक हस्ती के पोस्ट, ट्वीट या ब्लॉग का प्रचार नहीं करेंगे".


बता दें कि पिछले कुछ सालों से सोशल मीडिया पर सरकार से सवाल करने वालों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. इन्हें गाली-गलौच के साथ-साथ मारने तक की धमकियां मिल रही हैं. यह सब एक संगठित मीडिया ट्रोल्स के जरिए किया जाता है जो कि कुछ खास लोगों पर लगातार गालियों और फेक न्यूज़ के जरिए लगातार प्रहार करते रहते हैं. यह सब इसलिए किया जाता है कि सरकार से सवाल करने वाले शांत हो जाए और किसी भी तरह का सरकार को असहज करने वाले सवालों को न उठाए.

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title: Government has stopped their officials from writing political views on social media
Read all latest India News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story मुजफ्फरनगर दंगा: बीजेपी नेताओं के खिलाफ मामलों को वापस लेने पर विचार कर रही है यूपी सरकार