हताशा में 'सूट-बूट की सरकार' जैसी बात कर रहा है विपक्ष: PM मोदी

By: | Last Updated: Saturday, 30 May 2015 5:09 AM

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के एक साल पूरे होने पर द ट्रिब्यून अखबार को दिया है इंटरव्यू. प्रधानमंत्री ने उन पर राहुल गांधी के हमलों, अच्छे दिन आने और जमीन अधिग्रहण बिल समेत तमाम मुद्दों पर बेबाकी से जवाब दिया है.

 

द ट्रिब्यून अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा है कि उनकी सरकार वन रैंक वन पेंशन को लेकर प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि किसी को भी वन रैंक-वन पेंशन लागू होने के बारे में कोई भ्रम नहीं होना चाहिए. वन रैंक-वन पेंशन की कई परिभाषाएं हैं तथा क्या मेरे लिये यह उचित होगा कि सैनिकों के हितों को ध्यान में रखे बिना मैं इस पर कोई निर्णय ले लूं.

 

राहुल के सूट बूट वाले बयान को लेकर मोदी ने जवाब दिया है. मोदी ने कहा है कि विपक्ष के पास मुद्दा नहीं है इसलिए हताशा में ऐसे बयान दिए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा विपक्ष दिवालिया है. उसके पास कोई मुद्दा नहीं है इसलिए सूट बूट की सरकार जैसे मुद्दों को उठाया जा रहा है.

 

पीएम ने कहा विदेश में काला धन जमा करने वालों के नाम नहीं बताए जा सकते हैं. ये नाम सिर्फ सुप्रीम कोर्ट को बताए जाएंगे और किसी को नहीं. ज्यादा विदेश दौरों पर पीएम मोदी ने कहा उन्होंने करीब-करीब उतनी ही विदेश यात्राएं की हैं जितनी उनके पहले के प्रधानमंत्रियों ने. उनकी आलोचना करने वालों को पूर्व प्रधानमंत्रियों के विदेश दौरों के आंकड़े भी याद कर लेने चाहिए.

 

प्रधानमंत्री ने काले धन और भ्रष्टाचार पर भी कड़ा रुख स्पष्ट किया. उन्होंने ऐलान किया कि भ्रष्टाचारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा. उन्होंने कहा कि जो लोग पूर्व में सत्ता में रहे, उनमें से किसी को भी काले धन के बारे में मुझ से सवाल करने का अधिकार नहीं है. उन्हीं के कार्यकाल में काले धन का कारोबार हुआ है. मेरी सरकार ने पहली केबिनेट मीटिंग में पहला निर्णय काले धन को रोकने के लिए लिया. एसआईटी ने अपना काम करना शुरू कर दिया है. उन्होंने साफ किया कि वे किसी भी काले धन वाले को छोड़ने वाले नहीं हैं.

 

इसके साथ ही पीएम ने भूमि अधिग्रहण पर भी अपना रुख स्पष्ट किया. पीएम ने कहा, ”भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक उनके लिए प्रतिष्ठा या जीवन-मरण का विषय नहीं है. यह उनकी पार्टी या सरकार का एजेंडा भी नहीं था. उन्होंने कहा कि इस विधेयक का मसौदा मुख्यमंत्रियों की सलाह पर तैयार किया गया है और उनकी सरकार इस पर अभी भी हर सुझाव का स्वागत करने को तैयार है.”

 

अपनी विदेश यात्राओं को लेकर हो रहे हमलों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने चुनौती दी कि उन्होंने किसी भी पूर्व प्रधानमंत्री से ज्यादा यात्राएं नहीं की, लेकिन कामकाज उनसे कई गुणा ज्यादा कर दिया है. अपने विदेश दौरों पर मोदी ने कहा कि पहले के प्रधानमंत्रियों ने विदेशों के उतने ही दौरे किए हैं, जितने मैंने किये. मीडिया को इस संबंध में मेरे साथ ईमानदारी दिखानी चाहिए.

 

पीएम ने बताया कैसे होते हैं अच्छे दिन

प्रधानमंत्री ने अच्छे दिनों की परिभाषा भी दी है. अच्छे दिन की परिभाषा बताते हुए पीएम ने कहा जब कोई बीमार होता है तो हम कहते हैं- चिंता मत करो, अच्छे हो जाओगे. यह बात हम उस ‘बुरे’ के संदर्भ में कहते हैं. अच्‍छे दिन की कल्‍पना उन बुराइयों से मुक्ति का पर्व है. मैं मानता हूं, इसे हमने सफलतापूर्वक किया है.

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Web Title: Govt committed to OROP, there’s no doubt about it: PM
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