मंहगी सब्जियों पर सरकार का तर्क, ठंडे मौसम का असर

By: | Last Updated: Tuesday, 6 January 2015 5:13 PM

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में सब्जियों की कीमतों में तेजी को ‘तात्कालिक परिघटना’ बताते हुए सरकार ने आज कहा कि बरसात के कारण यातायात की कुछ दिक्कतों और बेहद ठंडे मौसम के कारण कुछ कृषि उत्पादों की आपूर्ति बाधा हुई है.

 

कृषि सचिव आशीष बहुगुणा ने कहा कि मौसम की स्थिति में सुधार होने के बाद आने वाले दिनों में आपूर्ति की स्थिति बेहतर होगी.

 

उन्होंने कहा कि शीत के मौसम के कारण अभी तक फसल के बर्बाद होने की कोई खबर नहीं है.

 

एपीएमसी के आंकड़ों के अनुसार आलू को छोड़कर लगभग सभी सब्जियों की थोक कीमतें पिछले वर्ष के समान महीने के मुकाबले इस माह काफी बढ़ी हैं. गाजर, फूलगोभी, पत्तागोभी और मटर जैसी जाड़े की सब्जियों की कीमतें दोगुने से भी अधिक बढ़ गई हैं.

 

बहुगुणा ने  बताया, यह एक तात्कालिक घटनाक्रम है, मौसम के सुधरने के साथ कीमतें कम होंगी. हम हर वर्ष जाड़े में तीन चार दिनों के लिए सब्जियों की कीमतों में कुछ तेजी देखते हैं. ऐसा बेहद ठंड, धुंध और बरसात के कारण यातायात में पैदा हुए व्यवधान के कारण होता है. ै उन्होंने कहा कि इसके अलावा बरसात होने के समय सामान्य तौर पर किसान कटाई भी नहीं करते हैं और समझा जाता है कि इसके कारण भी आपूर्ति प्रभावित हुई है.

 

यह पूछने पर कि क्या कुछ प्रमुख सब्जियां पाकिस्तान को निर्यात किये जाने के कारण कीमतों में वृद्धि हुई है, कृषि सचिव ने कहा, हम जो पाकिस्तान को निर्यात करते हैं उसकी एक सीमा है. एक निश्चित मात्रा से अधिक का निर्यात नहीं किया जा सकता. आजादपुर मंडी एपीएमसी   (  विपणन समिति) के सदस्य महेन्द्र कुमार के अनुसार, पिछले महीने थोक बाजार में कीमतें लगभग स्थिर थीं लेकिन इस माह की शुरआत के साथ टमाटर जैसी प्रमुख सब्जी का पाकिस्तान को निर्यात किये जाने की वजह से आपूर्ति संबंधी दिक्कतों के कारण कीमतों में वृद्धि होना शुर हो गया है.  टमाटर के अलावा पड़ोसी देश को निर्यात की जाने वाली अन्य सब्जियों में मटर, शिमला मिर्च और भिंडी शामिल हैं.

 

एपीएमसी के आंकड़ों के अनुसार आजादपुर मंडी में फूलगोभी अभी 23 रपये प्रति किलो पर उपलब्ध है जो पिछले वर्ष इसी अवधि में सात रपये प्रति किलो पर उपलब्ध थी. इसी प्रकार पत्तागोभी पहले 17 रपये किलो पर उपलब्ध थी जो अभी 27 रूपये प्रति किलो है. गाजर पहले पांच रपये किलो था अब 12 रपये किलो है.

 

टमाटर की कीमत 75 प्रतिशत बढ़कर 27 रपये किलो हो गई है जो वर्ष भर पूर्व इसी अवधि में 12 रपये किलो था. जबकि आलू और प्याज क्रमश: आठ रपये प्रति किलो और 15 रपये किलो पर स्थिर है.

 

इससे राष्ट्रीय राजधानी के कुछ खुदरा बाजारों में सब्जियों के दाम बढ़ गये.

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Web Title: govt. on vegitable price hike
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