GST बिल पर जेटली से दिग्गी का सवाल, हमारा ही बिल है तो 8 साल से क्यों पास नहीं होने दिया?

By: | Last Updated: Monday, 3 August 2015 4:42 AM
GST a Congress Bill, party’s negativism hurting economy: Arun Jaitley

नई दिल्लीः जीएसटी बिल के संसद में पास होने की राह अभी आसान होती नहीं दिख रही है, बीते दिन अरुण जेटली ने अपने फेसबुक पेज पर लिख था, ‘ये कांग्रेस का ही बिल है, जीएसटी के मामले में जिन मुद्दों पर कांग्रेस इस समय विरोध कर रही है, उन पर यूपीए सरकार में वित्‍त मंत्री रहे पी चिदंबरम और प्रणब मुखर्जी को कोई ऐतराज नहीं है. कांग्रेस ने जिन बिंदुओं पर ऐतराज जताया है, उनका ब्‍योरेवार खंडन करते हुए जेटली ने कहा कि वर्तमान सरकार ने यूपीए सरकार-2 द्वारा स्‍वीकार जीएसटी विधेयक में कोई खास परिवर्तन नहीं किया है और कांग्रेस शासित राज्‍यों ने भी बिल का समर्थन किया है.’

 

वित्त मंत्री के इस बयान पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने पूछा, ‘अगर ये वही 2006-07 का यूपीए का बिल है तो बीजेपी ने इसे 2006 से 2014 तक क्यों पास नहीं होने दिया. क्योंकि तब जेटली को लगता था कि इस बिल पर संसद में हंगामा और इसे पास होने से रोकना संसदीय प्रक्रिया का हिस्सा है. बीजेपी का एक और यू-टर्न और राजनीतिक अवसरवाद.’

 

जेटली ने इसके आगे अपने फेसबुक पेज पर लिखा है ‘कांग्रेस का रुख पूरी तरह से बाधा बनने वाला है. चूंकि संसद काम नहीं कर पा रही है, ऐसे में कांग्रेस द्वारा उठाए गए मुद्दों पर अपने पक्ष रखने का सरकार के पास कोई अवसर भी नहीं है. और हम फेसबुक जैसे पब्लिक‍ प्लेटफॉर्म पर अपना पक्ष रखने के लिए बाध्य हैं.’

 

क्या है जीएसटी बिल

देश में एक टैक्स वाला जीएसटी बिल अगर नया कानून बन गया तो हर सामान और हर सेवा पर सिर्फ एक टैक्स लगेगा यानी वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स की जगह एक ही टैक्स लगेगा. अप्रैल 2016 से इसे लागू करने की तैयारी है.

 

टैक्स ढांचा बदल देगा जीएसटी

जीएसटी के लागू होते ही केंद्र को मिलने वाली एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स….सब खत्म हो जाएंगे. राज्यों को मिलने वाला वैट, मनोरंजन कर, लक्जरी टैक्स, लॉटरी टैक्स, एंट्री टैक्स, चुंगी वगैरह भी खत्म हो जाएगी. हालांकि पेट्रोल, डीजल, केरोसीन, रसोई गैस पर अलग-अलग राज्य में जो टैक्स लगते हैं, वो अभी कुछ साल तक जारी रहेंगे.

 

आम आदमी को जीएसटी से फायदा

 

जीएसटी लागू होने पर सबसे ज्यादा फायदा आम आदमी को है. क्योंकि तब चीजें पूरे देश में एक ही रेट पर मिलेंगी, चाहे किसी भी राज्य से खरीदें.

 

मसलन दिल्ली से सटे नोएडा, गुड़गांव वाले…जो कभी गाड़ी यूपी से लेते हैं, कभी हरियाणा या कभी दिल्ली से, जहां भी सस्ती मिल जाए वो सब चक्कर ही खत्म हो जाएगा.

 

जीएसटी से टैक्स में भी राहत

 

हमलोग अभी सामान खरीदते वक्त उस पर 30-35% टैक्स के रूप में चुकाते हैं. जीएसटी लागू होने के बाद ये टैक्स घटकर 20-25% रहने की उम्मीद है.

 

कारोबारियों-कंपनियों को फायदा

 

जीएसटी लागू होने पर कंपनियों का झंझट और खर्च भी कम होगा. व्यापारियों को सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी.

 

अलग-अलग टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा तो सामान बनाने की लागत घटेगी, इससे सामान सस्ता होने की उम्मीद भी है.

 

जीएसटी पर कैसे राजी हुए राज्य

 

राज्यों को डर ये था कि उनकी कमाई कम हो जाएगी. खासकर पेट्रोल डीजल से तो कई राज्यों का आधा बजट चलता है. तो वो राहत केंद्र ने राज्यों को दे दी उनपर अभी जो टैक्स राज्य ले रहे हैं, वो शुरुआती बरसों में लेते रहें. और राज्यों का जो नुकसान होगा उसकी भरपाई पांच साल तक केंद्र सरकार करेगी.

 

इसके अलावा जीएसटी से जो टैक्स मिलेगा, वो केंद्र और राज्य में एक तय हिसाब से बंटेगा.

 

अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद

 

जीएसटी के लागू होने के बाद टैक्स चोरी रुक जायेगी. इसका सीधा असर देश की जीडीपी पर पड़ेगा.

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Web Title: GST a Congress Bill, party’s negativism hurting economy: Arun Jaitley
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