GST बिल लोकसभा में पारित, कांग्रेस ने किया वॉकआउट

By: | Last Updated: Wednesday, 6 May 2015 12:20 PM

नई दिल्ली: अप्रत्यक्ष करों के क्षेत्र में नई व्यवस्था लागू करने वाले लंबे समय से लटके वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) विधेयक को कांग्रेस के वॉकआउट के बीच आज लोकसभा ने पारित कर दिया.

 

केन्द्र ने इस नई कर व्यवस्था के लागू होने पर राज्यों को राजस्व में होने वाले किसी भी तरह के नुकसान की भरपाई का आश्वासन दिया और कहा कि जीएसटी दर विशेषज्ञ समूह द्वारा सुझाई गई 27 प्रतिशत की दर से ‘‘काफी नीचे’’ होगी.

 

जीएसटी व्यवस्था को लागू करने के लिये संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा ने 37 के मुकाबले 352 मतों से पारित कर दिया. इससे पहले सरकार ने विधेयक को संसद की स्थायी समिति को भेजने की विपक्ष की मांग को खारिज कर दिया था. जीएसटी का प्रस्ताव पहले पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने तैयार किया था.

 

जीएसटी संविधान संशोधन विधेयक पर मतदान के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकसभा में उपस्थित नहीं थे. विपक्षी सदस्यों ने इस दौरान कई संशोधन दिये लेकिन सदन में सभी को नकार दिया गया. तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय और बीजू जनता दल के बी महताब ने वित्त मंत्री के आश्वासन के बाद अपने कुछ संशोधन आगे नहीं बढ़ाये.

 

अप्रत्यक्ष करों के क्षेत्र की नई व्यवस्था जीएसटी को एक अप्रैल 2016 से लागू करने का प्रस्ताव है. जीएसटी में केन्द्र और राज्यों में लगने वाले सभी अप्रत्यक्ष करों को समाहित कर दिया जायेगा. इसमें केन्द्र के उत्पाद शुल्क, सेवाकर और राज्यों में लगने वाले मूल्य वर्धित कर :वैट: प्रवेश कर, चुंगी तथा अन्य राज्य स्तरीय कर समाहित होंगे.

 

पेट्रोलियम उत्पाद, शराब जीएसटी व्यवस्था से बाहर

 

अखिल भारतीय स्तर पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था लागू होने से केंद्र और राज्यों के अधिकतर अप्रत्यक्ष करों का अलग अस्तित्व समाप्त हो जाएगा, जिसमें उत्पाद शुल्क, सेवा कर, मूल्य वर्धित कर, बिक्री कर, ऑक्ट्रॉय शामिल हैं.

 

इसके लागू होने से कारोबारी देश में कहीं भी अपनी कारोबारी गतिविधियों का विस्तार कर सकेंगे. राज्यों को संबल देने के लिए हालांकि पेट्रोलियम उत्पादों और शराब व तंबाकू को जीएसटी व्यवस्था से बाहर रखा गया है.

 

शराब राज्यों की आय में बड़ा योगदान करता है. उदाहरण के तौर पर केरल में यह योगदान 22 फीसदी है और तमिलनाडु में इस मद से सालाना 21 हजार करोड़ रुपये की आय होती है.

 

पेट्रोल और डीजल पर 20 फीसदी कर लगाया जाता है. राज्यों को बिक्री कर से होने वाली कुल आय में इसकी 35 फीसदी भूमिका होती है.

 

देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था लागू करने के प्रावधान वाला संविधान (122वां संशोधन) विधेयक-2014 बुधवार को लोकसभा में पारित हो गया है.

 

लोकसभा ने राज्यों के बीच व्यापार पर एक फीसदी अतिरिक्त कर लगाए जाने से संबंधित संशोधन को भी मंजूरी दे दी, जिससे राज्यों को कर व्यवस्था के परिवर्तन काल में अतिरिक्त मदद की जा सकेगी.

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Web Title: GST BILL
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