गुजरात सरकार से लगातार संपर्क में केंद्र, मदद के लिए भेजा मिलिट्री फोर्स

By: | Last Updated: Wednesday, 26 August 2015 2:36 AM

अहमदाबादः गुजरात में हो रही हिंसा के लेकर केंद्र सरकार लगातार गुजरात सरकार के संपर्क में है. गुजरात सरकार ने केंद्र सरकार से मदद मांगी है. पैरा मिलिट्री फ़ोर्स की मांग की गई है. केंद्र ने 16 कंपनी बीएसएफ और 15 कंपनी रेपिड एक्शन फ़ोर्स गुजरात के लिए रवाना किये है. इसके अतिरिक्त और भी अर्धसैनिक बल भेजे जा रहे हैं. इनमे अहमदाबाद के अलावा सूरत, मेहसाना, वड़ोदरा और राजकोट शामिल हैं. टेलीकॉम सर्विस कंपनियों से प्रभावित इलाकों में इंटरनेट सेवा फिलहाल बंद रखने को कहा गया है, जिससे किसी प्रकार की अफवाह ना फ़ैल सके.

 

गुजरात के मेहसाणा, सूरत, राजकोट, भावनगर सहित कई शहरों में पटेल आंदोलनकारियों के उग्र और हिंसक आंदोलन से हालात काफी गंभीर हैं जिसे देखते हुए राज्य सरकार  ने देर रात 2 बजे अहमदाबाद के नौ शहरों में धारा 144 लगाने के आदेश दे दिए जिनमें रामूल, निकोल, बापूनगर, ओढव, नरोड़ा, कृष्णा नगर, घाटलोड़िया, नाराणपुरा, वाणज शहर शामिल हैं.

 

गुजरात के हालात इतने  गंभीर हो गए हैं कि सरकार ने स्थिति को काबू में करने के लिए पैरामिलिट्री फोर्स भी तैनात कर रही है, थोड़ी देर में सेना मदद के लिए पहुंच जाएगी.

 

पाटीदारों को आरक्षण क्यों?

 

गुजरात में 20 फीसदी लोग पाटीदार समुदाय से आते हैं. आरक्षण की मांग का कांग्रेस ने भी विरोध किया है. मनीष तिवारी ने ट्वीट किया है कि अगर जाट पटेल और संपन्न समुदाय के लोग आरक्षण चाहते हैं तो ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार को आरक्षण से बाहर क्यों रखा जाए? ये वाकई आज पिछड़े हुए हैं.

 

पाटीदार समुदाय ओबीसी कोटे के तहत आरक्षण चाहता है लेकिन राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए मांग पर सवाल खड़े कर चुकी है.

 

पादीदारों की आरक्षण की मांग चार दशक पुरानी है लेकिन हार्दिक ने उस आग को हवा दे दी है और अब ये आंदोलन गुजरात के चप्पे चप्पे पर फैल चुका है.

 

क्या है हार्दिक पटेल का कहना

लाखों की भीड़ को संबोधित करते हुए 22 साल के हार्दिक पटेल ने कहा कि अगर एक पटेल (सरदार पटेल) देश को जोड़ सकता है, तो हम राज्य में 50 लाख हैं, पूरे देश में 27 करोड़ हैं, हम ये नहीं कर सकते? हार्दिक ने कहा, देश में सबसे ज्यादा सांसद हमारे हैं.

 

प्यार से हक दो, नहीं तो छीन लेंगे. हम कोई राजनीतिक पार्टी नहीं हैं. हमसे ऊपर कोई सरकार नहीं है. हम जहां निकलते हैं वहीं क्रांति शुरू हो जाती है. आरक्षण की मांग को लेकर हार्दिक पटेल ने कांग्रेस और बीजेपी दोनों पर करारा प्रहार किया.

 

इसके साथ ही हार्दिक ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आंध्र के सीएम चंद्रबाबू नायडू का भी जिक्र किया. गुजरात में नरेंद्र मोदी से विरासत में मिली सीएम की कुर्सी संभालने वाली आनंदीबेन के सामने चुनौती खड़ी कर चुके हार्दिक ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री खुद आकर ज्ञापन नहीं लेंगी वे नहीं हटेंगे और आंदोलन जारी रखेंगे.

 

प्रधानमंत्री का नाम लेते हुए पटेल ने कहा कि मोदी साहब हमें सबका साथ सबका अधिकार चाहिए. सरदार पटेल पीएम होते तो हम बाहर नहीं होते. उन्होंने कहा, पटेल समाज को उसका हक और न्याय मिलना चाहिए. हमारी मांगें सही हैं. मैं किसी पार्टी से नहीं जुड़ा हूं, पटेल समाज को हक मिले, हमारी मांगे सही हैं.

 

गौरतलब है कि क्रांति महारैली के चलते अहमदाबाद शहर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है. इस रैली में लाखों की संख्या में पाटीदारों शामिल हुए हैं. पुलिस आयुक्त शिवानंद झा के अनुसार महारैली के चलते शहर में रथयात्रा से भी जोरदार सुरक्षा व्यवस्था की गई है. रैली के मार्ग व सभा स्थल पर सीसीटीवी तथा ड्रोन से नजर रखी जा रही है.

  

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: gujarat govt. in contact with central
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017