गुजरात दंगा: नरेंद्र मोदी को मिली क्लीन चिट, जाकिया जाफरी की याचिका खारिज

गुजरात दंगा: नरेंद्र मोदी को मिली क्लीन चिट, जाकिया जाफरी की याचिका खारिज

Gulbarg Society massacre Case: मामले की सुनवाई तीन जुलाई को पूरी हो गई थी. ये याचिका राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य को निचली अदालत की ओर से क्लीन चिट दिए जाने के खिलाफ दायर की गई थी.

By: | Updated: 05 Oct 2017 12:00 PM

नई दिल्ली: गुजरात हाईकोर्ट से नरेंद्र मोदी को बड़ी राहत मिली है. साल 2002 के गुलबर्गा सोसाइटी दंगा केस में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दे दी है. कोर्ट ने इस मामले में जाकिया जाफरी की याचिका खारिज कर दी है.


मामले की सुनवाई तीन जुलाई को पूरी हो गई थी. ये याचिका राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य को निचली अदालत की ओर से क्लीन चिट दिए जाने के खिलाफ दायर की गई थी.


याचिका में मोदी और 59 अन्य को दंगों को लेकर आपराधिक साजिश रचने का आरोपी बनाए जाने की मांग की गई थी. जकिया जाफरी दिवंगत कांग्रेस नेता एहसान जाफरी की पत्नी हैं. कोर्ट ने जाफरी और सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के गैर सरकारी संगठन ‘सिटिजन फॉर जस्टिस एंड पीस’ की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई की.


याचिका में 2002 के दंगों के पीछे कथित बड़ी आपराधिक साजिश होने के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की ओर से नरेंद्र मोदी सहित 56 लोगों को क्लीन चिट दिए जाने को सही ठहराने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी.


क्या है पूरा मामला?


साल 2013 के दिसम्बर महीने में गुजरात दंगों के मामले में अहमदाबाद कोर्ट से नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट मिल गई थी. साल 2002 में गुजरात में दंगे हुए थे. इन दंगों में करीब एक हजार से ज्यादा लोगों की जान गई थी. दंगों के वक्त मोदी मुख्यमंत्री थे. इस हमले में ही कांग्रेस नेता एहसान जाफरी मारे गए थे.

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