गुलबर्ग सोसायटी दंगा मामला: पूर्व अधिकारियों को आरोपी बनाने की याचिका पर हो सकती है सुनवाई

By: | Last Updated: Saturday, 29 November 2014 2:37 AM
gujrat riots, gulberg society massacre: plea asking for naming of retired officers can be heard in the high court

अहमदाबाद: साल 2002 के गुलबर्ग सोसायटी दंगे से जुड़े मामले में सुनवाई कर रही एक विशेष अदालत मामले में चार सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) आईपीएस अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की पीड़ितों की एक याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई कर सकती है. दंगों के इस मामले में पूर्व कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी समेत 69 लोग मारे गये थे. विशेष अदालत के न्यायाधीश पी बी देसाई पीड़ितों के वकील एस एम वोरा के माध्यम से दाखिल आवेदन पर दो दिसंबर को सुनवाई कर सकते हैं.

 

सेवा में लापरवाही के लिए जिन अधिकारियों पर मुकदमे की मांग की गयी है उनमें पूर्व शहर पुलिस आयुक्त पी सी पांडेय, पूर्व संयुक्त पुलिस आयुक्त एम के टंडन, पूर्व सहायक पुलिस आयुक्त पी बी गोंदिया और पूर्व सहायक पुलिस आयुक्त (शहर अपराध शाखा) एस एस चूडासमा (सभी सेवानिवृत्त) हैं. मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल की ओर से विशेष सरकारी अभियोजक आर सी कोडेकर ने आज 28 फरवरी, 2002 को घटी दंगे की घटना का ब्योरा दिया.

 

उन्होंने अदालत में बताया, ‘‘गोधरा ट्रेन अग्नि कांड के बाद विश्व हिंदू परिषद ने 28 फरवरी को बंद का आह्वान किया था. जिसके बाद शहर के दरियापुर जैसे सांप्रदायिक तौर पर संवेदनशील इलाकों में पुलिस लगा दी गयी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेघानीनगर इलाके, जहां गुलबर्ग सोसायटी पड़ती है, को तरजीह नहीं दी गयी क्योंकि अतीत में वहां सांप्रदायिक तनाव का कोई रिकॉर्ड नहीं था.’’ एसआईटी की दलीलें दो दिसंबर तक जारी रहेंगी.

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Web Title: gujrat riots, gulberg society massacre: plea asking for naming of retired officers can be heard in the high court
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