देशद्रोह के आरोपों के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचे हार्दिक पटेल

By: | Last Updated: Tuesday, 20 October 2015 11:22 AM
Hardik moves Gujarat HC to set aside sedition charges

अहमदाबाद: अपनी गिरफ्तारी के एक दिन बाद पटेल आरक्षण आंदोलन के अगुवा हार्दिक पटेल ने आज गुजरात उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपने खिलाफ सूरत में लगाए गए देशद्रोह के आरोपों को खारिज करने का आग्रह किया.

 

हार्दिक के पिता भरत पटेल ने अपने बेटे की ओर से अधिवक्ता बीएम मंगूकिया के माध्यम से याचिका दायर की और कहा कि पटेल नेता के खिलाफ अपराध का कोई मामला नहीं बनता. याचिका में कहा गया कि हार्दिक ने कोई ऐसी बात नहीं कही है जिससे अपराध बनता हो और इस तरह कोई अपराध नहीं हुआ है.

 

सुनवाई के लिए याचिका के कल आने की संभावना है. हार्दिक के खिलाफ कथित विवादास्पद टिप्पणियों के लिए देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था. उन्होंने अपने समुदाय के युवक (रिपीट युवक) से कथित तौर पर कहा था कि वे आत्महत्या करने की बजाय पुलिसकर्मियों को मारें. राजकोट ग्रामीण पुलिस ने रविवार को भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच एक दिवसीय क्रिकेट मैच से पहले हार्दिक को हिरासत में लिया था क्योंकि उन्होंने मैच को बाधित करने की धमकी दी थी.

 

कल उन्हें पुलिस ने राष्ट्रीय ध्वज के कथित अपमान के मामले में गिरफ्तार किया था. ध्वज मामले में कल शाम एक स्थानीय अदालत से जमानत मिलने के तुरंत बाद सूरत पुलिस ने उनके खिलाफ शहर में दायर देशद्रोह की शिकायत पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. पटेल युवाओं को पुलिसकर्मियों को मारने की बात कहने पर सूरत सिटी के डीसीपी मकरंद चौहान ने हार्दिक के खिलाफ अमरोली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी.

 

सूरत के अमरोली थाने में देशद्रोह का मामला भादंसं की धारा 124 (ए) के तहत दर्ज किया गया था. इसके तहत किसी आरोपी के दोषी साबित होने पर अधिकतम उम्रकैद और न्यूनतम तीन साल की सजा का प्रावधान है. हार्दिक के खिलाफ प्राथमिकी में भादंसं की अन्य धाराओं में धारा 115 (अपराध के लिए उकसाने), 153-ए (विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देने), 505-2 (एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ उकसाने) तथा 506 (आपराधिक भय प्रदर्शन) शामिल हैं.

 

22 वर्षीय पटेल नेता ने तीन अक्तूबर को अपने समुदाय से ताल्लुक रखने वाले सूरत के एक युवक से कहा था कि वह अपना जीवन खत्म करने की बजाय पुलिसकर्मियों को मारे.

 

हार्दिक ने युवक विपुल देसाई से कथित तौर पर कहा था, ‘‘यदि तुम्हारे अंदर इतना साहस है..तो जाओ और कुछ पुलिसकर्मियों को मारो. पटेल कभी आत्महत्या नहीं करते. देसाई ने घोषणा की थी कि आंदोलन के समर्थन वह आत्महत्या करेगा. हार्दिक एक समाचार चैनल की टीम के साथ देसाई के घर पहुंचे थे. चैनल ने बातचीत को बाद में प्रसारित कर दिया.

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