ABP न्यूज़ सर्वे: हरियाणा में त्रिशंकु विधानसभा के आसार, बीजेपी बनेगी सबसे बड़ी पार्टी

By: | Last Updated: Friday, 10 October 2014 1:32 PM
Haryana assembly opinion poll by abp news

नई दिल्ली: हरियाणा की चुनावी लड़ाई अपने आखिरी दौर में है, लेकिन विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत मिलने के आसार नहीं हैं. एबीपी न्यूज़-नीलसन के ओपिनियन पोल के मुताबिक सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी का जाना तय है, मगर किसी भी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिलेगा.

 

सर्वे के मुताबिक हरियाणा में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरेगी, लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े से दूर रह जाएगी. बीजेपी को विधानसभा की 90 में से 36 सीटें मिलेंगी. ओमप्रकाश चौटाला की इंडियन नेशनल लोकदल यानी आईएनएलडी को 33 सीटें मिल सकती हैं और ये दूसरे नंबर की पार्टी रहेगी. लगातार 10 सालों से सत्ता पर काबिज़ कांग्रेस पार्टी महज़ 15 सीटों पर सिमट जाएगी. कुलदीप बिश्नोई की एचजेसी और विनोद शर्मा की हरियाणा जनचेतना पार्टी के गठबंधन की 3 सीटों पर जीत की संभावना जताई जा रही है. बाकी 3 सीटें निर्दलीयों और छोटे दलों के खाते में डाली गई है.

 

अगर ये तस्वीर उभरती है तो हरियाणा में सरकार बनाना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है. सर्वे के मुताबिक बीजेपी जादुई आंकड़े से 10 सीटें कम रह सकती है, जबकि छोटे दलों के पास महज़ 6 सीटें ही हैं. ऐसी स्थिति में सत्ता की चाबी कांग्रेस के हाथ में आ जाएगी, क्योंकि वे जिसे समर्थन देगी उस पार्टी की सरकार बन जाएगी. दूसरी स्थिति में सरकार बनाने के लिए बीजेपी और आईएनएलडी को हाथ मिलाना पड़ सकता है.

 

ग़ौरतलब है कि अगस्त महीने के ओपिनियन पोल के मुताबिक बीजेपी 43, आईएनएलडी 26 और कांग्रेस 16 सीटों पर जीत रही थी, लेकिन नए सर्वे में बीजेपी की सीटें घटी हैं.

 

सीएम की पहली पसंद

 

एबीपी न्यूज़-नीलसन के ओपिनियन पोल के मुताबिक चुनाव में जनता भले ही कांग्रेस की सरकार को एक बार फिर मौका देने के मूड में नहीं है, लेकिन बतौर सीएम उनकी पहली पसंद मौजूदा सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ही हैं.

 

हरियाणा के सबसे ज्यादा 29 फीसद वोटर भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बतौर सीएम देखना चाहते हैं. दूसरी पसंद हैं बीजेपी के नेता कैप्टन अभिमन्यू सिंह. इन्हें राज्य की 14 फीसद जनता पसंद करती है. जनता की पसंद के मामले में तीसरे पायदान पर हैं बीजेपी नेता राव इंद्रजीत सिंह. इन्हें 13 फीसद वोटर का समर्थन हासिल है. चौथे स्थान पर हैं आईएनएलडी नेता अभय चौटाला. चौलाटा को 11 फीसद जनता बतौर सीएम देखना चाहती है.

 

वोट शेयर फीसद

 

सीटों में जिस रफ्तार से कांग्रेस की गिरावट का अनुमान है, उस तुलना में वोट शेयर में उसकी गिरावट ज़रा कम है. वोट शेयर में भी बीजेपी अव्वल स्थान पर रहेगी. बीजेपी को 27 फीसद, आईएनएलडी को 25 फीसद, कांग्रेस को 21 फीसद वोट मिल सकते हैं. एचजेसी गठबंधन को 5 फीसद वोट मिलने के आसार हैं. पांच फीसद वोट बीएसपी को भी मिल सकते हैं.

 

क्या कहना है जनता का?

 

हरियाणा में 15 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे. जनता किसको वोट देगी और क्यों देगी. उनके सामने मुद्दे क्या हैं. पहले और अब के चुनावों में क्या अंतर है. चुनावी मिजाज जानने के लिए सर्वे एजेंसी नीलसन ने जनता से कई सवाल किए, तो बदले में कई जवाब काफी चौंकाने वाले मिले.

 

कौन है हरियाणा का सबसे भरोसेमंद नेता?

 

सर्वे के मुताबिक विधानसभा चुनाव में जनता भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार की विदाई चाह रही है, लेकिन जब उनसे सवाल किया गया कि उनकी नजर में राज्य का कौन नेता सबसे ज्यादा भरोसेमंद है तो सबसे ज्यादा 32 फीसद जनता की जुबानी पर हुड्डा का ही नाम आया.

 

बीजेपी नेता कैप्टन अभिमन्यू को 14 फीसद जनता ने भरोसेमंद नेता माना तो बीजेपी के ही नेता राव इंद्रजीत को 13 फीसद जनता ने भरोसेमंद नेता बताया. 11 फीसद जनता की नजर में ओम प्रकाश चौटाला सबसे ज्यादा भरोसेमंद नेता हैं.

 

क्या हुड्डा ने वाड्रा की डील में मदद की?

 

40 फीसद वोटर की राय है कि वाड्रा जमीन सौदे में सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी भूमिका अदा की है और उन्होंने वाड्रा की मदद की है, लेकिन 37 फीसद की राय इससे उलट है.

 

मोदी कहें तो भी वोट नहीं देंगे?

 

सबसे दिलचस्प बात यह है कि 46 फीसद जनता ने कहा कि वो मोदी के प्रचार के कारण बीजेपी को वोट नहीं देंगे, जबकि 40 फीसद ने हामी भरी.

 

41 फीसदी जनता ने कहा है कि हरियाणा के इस चुनाव में मोदी का मैजिक चलेगा, लेकिन लोकसभा चुनाव की तरह हरगिज नहीं. जबकि 19 फीसद का मत है कि मोदी मैजिक खूब चलेगा.

 

पार्टी चुनने के पीछे की वजह?

 

35 फीसद जनता ने मोदी के नाम पर बीजेपी को वोट देने की बात कही. 24 फीसद जनता एचजेसी को इसलिए वोट देने का मन बना रही है क्योंकि उसे उम्मीद है कि ये पार्टी उन्हें बेहतर रोज़गार देगी. 17 फीसद का कहना है कि वो कांग्रेस को वोट देंगे क्योंकि उसे ही वोट देते आए हैं.

 

कैसे इधर-उधर होंगे वोट?

 

2009 के विधानसभा में बीजेपी को वोट देने वाले 93 फीसद मतदाता आज भी बीजेपी के साथ हैं. लेकिन कांग्रेस के 68 फीसद ही वोटर उसके साथ हैं. कांग्रेस के 18 फीसद बीजेपी की ओर खिसक रहे हैं.

 

आईएनएलडी के 87 फीसद वोटर उनके साथ हैं, लेकिन 8 फीसद बीजेपी की ओर भाग रहे हैं. यानी कुल मिलाकर बीजेपी को फायदा दिख रहा है.

 

लेकिन ये तुलना अगर लोकसभा चुनाव से की जाए तो बीजेपी को नुकसान दिख रहा है. लोकसभा चुनाव में बीजेपी का दामन थामने वाले महज़ 68 फीसद ही विधानसभा में वोट देने को राजी दिख रहे हैं. जबकि कांग्रेस के 86 फीसद और आईएनएलडी के 90 फीसद वोटर उनके साथ हैं.

 

क्या जीवनशैली सुधरी?

 

43 फीसद का कहना है कि जीवनशैली में सुधार हुआ है, जबकि 16 फीसद का कहना है कि पहले से भी बदतर हुआ है. 40 फीसद का कहना है कि जस की तस स्थिति बनी है.

 

सबसे बड़ा मुद्दा

 

59 फीसद जनता का मानना है कि विकास सबसे बड़ा मुद्दा है, जबकि 24 फीसद की नजर में भ्रष्टाचार बड़ा मुद्दा है.

 

कैसा रहा है सीएम का कामकाज

 

45 फीसद जनता ने सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कामकाज़ को अच्छा या बहुत अच्छा करार दिया. 29 फीसद ने औसत तो 25 फीसद ने बुरा या बहुत बुरा ठहराया.

 

इसी तरह से सरकार के कामकाज को 41 फीसद ने अच्छा या बहुत अच्छा करार दिया. 33 फीसद ने औसत तो 25 फीसद ने बुरा या बहुत बुरा ठहराया.

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