आपने नहीं देखी होगी ऐसी अनोखी बारात, सज-धज के निकला 'हथौड़ा'

By: | Last Updated: Tuesday, 22 March 2016 9:15 AM
‘Hathoda Baaraat’ a unique procession organized in Allahabad

नई दिल्ली/लखनऊ : आपने कई शादियां देखी होंगी लेकिन ऐसी बारात आपने शायद ही देखी हो. संगम नगरी इलाहाबाद में होली की शुरुआत अनूठी हथौड़ा बारात निकाले जाने की परम्परा के साथ होती है. अल्हड़पन और मस्ती में सराबोर इस अनूठी बारात में दूल्हा एक हथौड़े को बनाया जाता है. बाराती के तौर पर सिर पर लाल पगड़ी बांधे सैकड़ों हुलियारों की टोली ढोल-नगाड़ों और बैंड बाजों की धुन पर झूमती-नाचती हुई इसमें शामिल होती है.

हाथी-घोड़ों के साथ ही बिजली की रंगीन रोशनियों और आतिशबाजी के बीच इस साल की हथौड़ा बारात भी पूरी शानो-शौकत के साथ निकाली गई. 21 तोपों की सलामी के बीच निकाली गई इस अनूठी बारात को देखने के लिए शहर की सड़कों पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. होली की मस्ती के जितने रंग हैं, उतनी ही अलग व अनूठी हैं इसको मनाने की परम्पराएं.

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होली के रंगों को और चटख करती इन्ही परम्पराओं में एक हैं संगम नगरी इलाहाबाद के हुलियारों की अनूठी हथौड़ा बारात. सदियों से चली आ रही परम्पराओं के मुताबिक इलाहाबाद में होली के आगाज़ के एलान के लिए इस बार भी हथौड़े की बारात पुराने ख़ास अंदाज़ में पूरी शानो- शौकत के साथ निकाली गई. इस बारात के लिए सबसे पहले दूल्हे राजा यानी हथौड़े को सजाया गया.

किसी की नज़र न लगे, इसलिए दूल्हे राजा की नज़र उतारी गयी, काला टीका लगाया गया और फिर शहर की मेयर अभिलाषा गुप्ता व दूसरे मेहमानों ने उसकी आरती की. घंटों संजने सँवरने के बाद दूल्हे राजा बैंड बाजे और डी. जे. की धुनों के बीच पूरी शान से शहर की सड़कों पर निकले. आगे-आगे हाथी-घोड़े ख़ास अंदाज़ वाली इस शाही शादी की अगुआई कर रहे थे तो बिजली की रंगीन रोशनियां और भव्य आतिशबाजी इस बारात में चार चाँद लगा रहे थे.

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सिर पर लाल पगड़ी बांध बाराती बने सैकड़ों हुलियारों की टोली ढोल-नगाड़ों व बैंड बाजों पर थिरकती हुई मस्ती के अलग ही रंग बिखेर रही थी. इस बार की हथौड़ा बारात में भी वही भव्यता नज़र आई, जो किसी शाही शादी में देखने को मिलती है. ख़ास होलियाना मूड में सराबोर बरातियों का स्वागत सब्जियों की माला के साथ किया गया तो इस बार हथौड़े की शादी महंगाई डायन के पुतले के साथ कराई गई, ताकि हथौड़ा अपने वार से उनका खात्मा कर सके.

हथौड़े की बारात के अगले दिन इलाहाबाद में मुदगर बारात और होलिका दहन के बाद मुर्दे की बारात निकाले जाने की भी परम्पराएं हैं. होली पर अपने ख़ास व अनूठे अंदाज़ में निकलने वाली इन बारातों को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. समूचे देश में होली भले ही एक दिन मनाई जाती हो लेकिन संगम नगरी इलाहाबाद की सड़कों पर होली के रंग पूरे तीन दिनों तक अलग-अलग अंदाज़ व परम्पराओं के बीच बिखेरे जाते हैं.

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Web Title: ‘Hathoda Baaraat’ a unique procession organized in Allahabad
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