हादसे के बाद घंटों तक बेखबर रहे सीएम मांझी, गृहमंत्री से फोन करने पर कहा- क्या हुआ मुझे पता नहीं

By: | Last Updated: Saturday, 4 October 2014 3:28 AM
Heart-rending scene witnessed at Gandhi Maidan

नई दिल्ली: दशहरा उत्सव के बाद पटना के गांधी मैदान के बाहर शुक्रवार रात मची भगदड़ में 32 लोगों के जान गंवाने और 100 लोगों के जख्मी हो गए. ये सवाल तो बना हुआ है कि किसकी लापरवाही से इतना बड़ा हादसा हुआ लेकिन सवाल बिहार के सीएम जीतनराम मांझी को लेकर भी उठ रहे हैं. घंटों तक उन्हें पता ही नहीं था कि पटना में हुआ क्या है. जब गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने उनसे हादसे की जानकारी लेने के लिए फोन किया तो उन्होंने कहा कि उन्हें पता नहीं है.

 

पटना के गांधी मैदान में मची तबाही के इस मंजर के बीच सुलगता सवाल है कि क्या इस हादसे के लिए बिहार सरकार और पटना पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है ?

 

इस सवाल का जवाब तलाशने से पहले कुछ तथ्यों पर गौर फरमाइए. जिस गांधी मैदान में हादसा हुआ, उसमें कुल 9 गेट है. 4 गेट पहले से बंद थे . बाकी बचे 5 में से 3 गेट वीवीआईपी मतलब अति विशिष्ट लोगों के लिए रिजर्व रखे गए थे. मतलब आम आदमी, वो आम आदमी जो एक लोकतांत्रिक व्यवस्था के केंद्र बिंदु में होता है, उसके लिए बस दो गेट.

 

रावण दहन के समय जुटी इस भीड़ पर नजर दौड़ाइए, और फिर ये सोचिए कि इतनी बड़ी भीड़ इस दो गेट से कैसे निकली होगी ?

 

अब बात जरा बिहार के माननीय मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की . खबर है कि जिस समय ये महाशय रावण दहन के लिए गांधी मैदान पहुंचे तो पूरा पुलिस प्रशासन इनकी खातिरदारी में जुटा हुआ था और ये जनाब जैसे ही गांधी मैदान से विदा हुए पुलिस प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो गई . और सीएम साहब गांधी मैदान से निकलकर सीधे गया के अपने गांव पहुंच गए.

 

गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक जब गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जीतन राम मांझी को फोन करके हादसे की जानकारी लेनी चाही तो जीतन राम मांझी ने कहा कि उनके पास हादसे की पूरी जानकारी ही नहीं है.

 

विपक्ष का बात जाने दीजिए. कोई भी कह सकता है कि विपक्ष का काम ही है आरोप लगाना लेकिन जीतन राम मांझी लालू यादव के इस बयान का क्या जवाब देंगे जिसमें उन्होंने साफ साफ कहा है कि हादसे की वजह प्रशासनिक चूक है.

 

बिहार बीजेपी के नेता राम कृपाल यादव ने कहा कि सीएम का घर पर जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. इतनी बड़ी आबादी जहां से जा रही  है वहां पर एक्सट्रा फोर्स क्यों नहीं रखा? इतने बड़े हादसे का आपने होने क्यों दिया? बिहारवासियों को आपको यही गिफ्ट करना था? सीएम को बिहार की घटना से माफी मांगकर इस्तीफा दे देना चाहिए.

 

यहां सुनें- क्या है रामकृपाल यादव ने-