विदेश में शिक्षक कैसे भेजेंगे?

By: | Last Updated: Monday, 29 September 2014 11:02 AM

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मैडिसन स्वेअर गार्डन में भाषण देते हुए कहा कि भारत पूरे विश्व को शिक्षक एक्सपोर्ट कर सकता है. भारत में इतना पोटेशियल है.  आइए आपको बताते है कि भारत में क्या है शिक्षकों का स्टेटस . देश में इतनी कमी है तो विदेश में शिक्षक कैसे भेजेंगे?

 

इसी साल चार अगस्त को संसद में दिए जवाब में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति इरानी ने सदन को बताया कि प्राइमरी स्कूलों में और सर्वशिक्षा अभियान मिला कर कुल 6 लाख 6 हजार 191 शिक्षकों की पोस्ट खाली है.

 

इसके आलावा उच्च शिक्षा की बात करें तो आईआईटी, आईआईएम, एनएनआईटी मिला कर तकरीबन चार हजार फैक्लटी पोस्ट वैकेन्ट है. देश की 39 सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी के 16, 692 पोस्ट में से 6251 पोस्ट खाली है.

 

2009 में शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के बाद से देश भर में शिक्षकों की कमी महसूस की जा रही थी, इसके बाद सरकार ने कोशिश कर आकलन किया कि इस अधिकार को सब बच्चों तक पहुंचाने के लिए देश में कितने और शिक्षकों की जरुरत होगी. मोदी जी का सपना देश के शिक्षकों को बाहर के देशों में भेजने का है लेकिन देश में इस कमी की मददेनजर कितनी जल्दी उनका सपना पूरा हो पाएगा, ये आंकलन किया जा सकता है.

 

हालांकि मोदी के इस सपने पर मंत्रालय में अलग से कोई काम नहीं चल रहा, लेकिन मंत्रालय में इन सभी रिक्त पदों पर भर्ती उनकी प्राथमिकता सूची में अव्वल नम्बर पर है. उसके बाद ही बाहर भेजने का प्लान है.

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Web Title: how will we send teacher foreign?
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