आंध्र के करीब पहुंचा 'हुदहुद', 2 लाख से ज्यादा लोग फंसे, 60 ट्रेनें रद्द

By: | Last Updated: Saturday, 11 October 2014 9:03 AM
hudhud reached near aandra, more than two lakh people stuck

विशाखापट्टनम: चक्रवाती तूफान हुदहुद आंध्र प्रदेश के करीब पहुंच गया है. रविवार को इसके आंध्र प्रदेश के तट से टकराने का अनुमान है. राज्य के चार तटीय जिलों से करीब दो लाख लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं, जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने की आवश्यकता है.

 

हुदहुद के रविवार को विशाखापट्टनम के तट से टकराने की उम्मीद है. इस चक्रवाती तूफान का प्रभाव आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापत्तनम और ईस्ट गोदावरी जिले में गंभीर हो सकता है.

 

भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, शनिवार सुबह चक्रवाती तूफान हुदहुद विशाखापट्टनम से 330 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व तथा गोपालपुर से 380 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में था. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 15 दल और सेना के 250 जवान क्षेत्र में पहुंच चुके हैं, जबकि नौसेना के चार जहाज और नौसेना एवं भारतीय वायु सेना के 10 हेलीकॉप्टर भी राहत एवं बचाव कार्यो के लिए तैयार हैं.

तटीय क्षेत्रों तथा निचले हिस्से के लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम दोपहर बाद शुरू होगा. अधिकारियों का कहना है कि कितने लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सकेगा, यह मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा. तटीय इलाकों में हवा की रफ्तार तेज होती जा रही है, जबकि समुद्र में भी हालात खराब होते जा रहे हैं.

 

विशाखापट्टनम साइक्लोन वार्निग सेंटर ने शनिवार दोपहर से बारिश होने का अनुमान जताया है. इसने अगले दो दिनों में उत्तरी आंध्र प्रदेश के वेस्ट गोदावरी, ईस्ट गोदावरी, विशाखापत्तनम, विजयनगरम और श्रीकाकुलम जिलों और दक्षिणी ओडिशा के आठ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी और कुछ स्थानों पर अति वृष्टि की चेतावनी जारी की है.

 

उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटीय जिलों में अगले 12 घंटे के दौरान हवा 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है, जो हुदहुद के आंध्र के तट से टकराने पर 140-150 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकता है.

 

तूफान की आशंका को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं उतरने की सलाह दी गई है. तूफान से कच्चे मकानों को सर्वाधिक नुकसान, पेड़ उखड़ने और बिजली एवं संचार लाइनों में गड़बड़ी आने की आशंका है.

 

राज्य के मुख्य सचिव आई.वाई.आर. कृष्णा राव ने कहा कि चक्रवाती तूफान के मार्ग परिवर्तित करने या इसके कमजोर पड़ने की कोई संभावना नहीं है. उन्होंने अधिकारियों को चक्रवाती तूफान आने के बाद की स्थिति से युद्ध-स्तर पर निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए.

 

उन्होंने कहा कि बीएसएनएल तथा अन्य दूरसंचार सेवा प्रदाताओं से तटीय क्षेत्रों में रहने वालों को चक्रवात की चेतावनी देने की अपील की गई है. हैदराबाद स्थित आंध्र प्रदेश के सचिवालय में 24 घंटे का नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है.

 

हेल्पलाइन नंबर 040-23456005 और 23450419 हैं. तटरक्षक दल, तटीय सुरक्षा बल, मरीन पुलिस और पुलिस अधिक्षकों को चक्रवात को देखते हुए अलर्ट रहने और जिला प्रशासन की सहायता करने के निर्देश दिए गए हैं.

 

सरकार ने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी है और जो पहले से छुट्टी पर हैं, उन्हें तत्काल लौटने के लिए कहा गया है. एहतियात के तौर पर रेलवे ने 60 रेलगाड़ियों का परिचालन रद्द कर दिया है और कई रेलगाड़ियों का मार्ग परिवर्तित कर दिया है.