'हुदहुद' तूफान से हुई तबाही का जायजा लेने पीएम मोदी विशाखपत्तनम के दौरे पर, अब तक 24 की मौत

By: | Last Updated: Tuesday, 14 October 2014 2:40 AM

नई दिल्ली: चक्रवाती तूफान प्रभावित आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने और स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशाखापत्तनम पहुंचे.

 

गौरतलब है ‘हुदहुद’ तूफान रविवार को विशाखपट्नम पहुंचा था, जिसमें अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है. आंध्र प्रदेश के 21 लोगों की जान गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चक्रवाती तूफान हुदहुद से प्रभावित आंध्र प्रदेश के विशाखपट्नम का दौरा करेंगे. पीएम ‘हुदहुद’ से हुए नुकसान का जायजा लेंगे.

 

आंध्र प्रदेश सरकार के सलाहकार (संचार) परकला प्रभाकर के अनुसार मोदी विशाखापत्तनम का दौरा करेंगे और दोपहर बाद शहर का हवाई सर्वेक्षण करेंगे.

राहत अभियान पर नजर रखने के लिए बंदरगाह शहर में पहले से ही डेरा डाले मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू द्वारा भारी तबाही के बारे में प्रधानमंत्री को अवगत कराए जाने की उम्मीद है.

मोदी ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर के जरिए रविवार को जानकारी दी, “चक्रवाती तूफान हुदहुद के संबंध में लगातार जानकारी ले रहा हूं. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री से बात की है. कल (मंगलवार) विशाखापत्तनम का दौरा कर हालात का जायजा लूंगा.”

 

ओडिशा के ‘हुदहुद’ प्रभावित क्षेत्रों को सामान्य स्थिति में लाने के लिए प्रयास शुरू

 

चक्रवात हुदहुद के छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ने के बाद ओड़िशा के इस प्राकृतिक आपदा से सर्वाधिक बुरी तरह प्रभावित हुए चार आदिवासी जिलों में जीवन को सामान्य स्थिति में लाने के लिए प्रयास तेज हो गये हैं. ओड़िशा सरकार ने आज कहा कि चक्रवात के कारण करीब 80 हजार मकान क्षतिग्रस्त हो गये, तीन लोगों की जान चली गयी तथा बिजली ढांचे और सड़कों को बहुत नुकसान हुआ है.

 

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने स्थिति का जायजा लेने के बाद संवाददाताओं को बताया, ‘‘चक्रवात के कारण मकानों एवं उर्जा ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है. बहाली का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है.’’ विशाखापत्तनम में कल भीषण चक्रवाती तूफान के दस्तक देने के बाद ओड़िशा के आंध्र प्रदेश से लगने वाले दक्षिणी हिस्से में इसका भारी प्रभाव पड़ा है.

 

विशेष राहत आयुक्त पी के महापात्र ने बताया कि चार जिलों- गजपति, कोरापुट, मल्कानगिरी एवं रायगढ़ा चक्रवात से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. हालांकि अन्य दक्षिणी जिलों जैसे गंजाम, कंधमाल, कालाहांडी एवं नवरंगपुर पर अपेक्षाकृत कम प्रभाव पड़ा है.

 

महापात्र ने बताया कि प्रारंभिक खबरों के अनुसार कोरापुट जिले में 25 हजार कच्चे मकान, गजपति में 15 हजार मकान, रायगढ़ा में सात हजार और मल्कानगिरी में एक हजार मकानों को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि अन्य जिलों से सूचना की प्रतीक्षा की जा रही है.

 

राज्य सरकार ने बताया कि चक्रवात के कारण केन्द्रपाड़ा जिले में दो बच्चों एवं पुरी में एक मछुआरे की जान गयी. राज्य सरकार ने दो लाख 47 हजार 829 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा कर उनकी जिंदगी सुरक्षित की. उप विशेष राहत आयुक्त पर्वत रंजन महापात्र ने बताया कि आज शाम तक सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाये गये लोगों में से कई अपने घरों को वापस लौट गये क्योंकि चक्रवात की तीव्रता खत्म हो गयी है.

 

उर्जा सचिव सुरेश चन्द्र महापात्र ने बताया कि चक्रवात के समय हवाओं की गति 100 किमी प्रति घंटे होने के कारण बिजली ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है. करीब 24 ट्रांसफार्मर, 75 किमी लंबे लो टेंशन वायर और बिजली के 600 खंभे क्षतिग्रस्त हो गये हैं.

 

उन्होंने बताया कि 12 घंटे के भीतर हम सभी जिलों एवं ब्लाक मुख्यालय कस्बों में बिजली आपूर्ति बहाल करने में कामयाब हो गये. 60 प्रतिशत प्रभावित लोगों को बिजली मिल गयी है. दो दिन के भीतर इसे पूरी तरह बहाल कर दिया जायेगा.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: hudhud_pm_visit
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017