कमजोर पड़ा 'हुदहुद' तूफान, आंध्र और ओडिशा में अब तक 8 लोगों की मौत

By: | Last Updated: Monday, 13 October 2014 2:32 AM
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INDIA, Visakhapatnam : In this photograph taken on October 11, 2014 large waves buffet the coastline ahead of Cyclone Hudhud making expected landfall in Visakhapatnam. (AFP PHOTO)

नई दिल्ली: आंध्रप्रदेश और ओडिशा के तटीय जिलों में रविवार को चक्रवाती तूफान हुदहुद के पहुंचने के साथ ही भारी बारिश हुई और करीब 200 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं जिससे आठ लोग मारे गए. विशाखापटनम चक्रवाती तूफान से बुरी तरह प्रभावित हुआ.

 

अधिकारियों ने बताया कि चक्रवाती तूफान के कहर से बचने के लिए करीब 4 लाख लोगों को राहत शिविरों में ले जाया गया और जलस्तर कम होने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाएगा. इनमें से 250,000 लोग आंध्रप्रदेश के चार जिलों के और 156,000 लोग ओडिशा के नौ जिलों के हैं.

 

भारतीय मौसम विभाग ने रविवार रात बताया कि चक्रवात हुदहुद की तीव्रता शाम तक कम होने लगी और हवाओं की गति 100 किमी प्रति घंटा से 110 किमी प्रति घंटा है. हुदहुद अत्यंत भीषण चक्रवात से भीषण चक्रवात में तब्दील हो गया.

 

भीषण गति से चलती हवाओं ने विशाखापटनम, श्रीकाकुलम, विजियानगरम और पूर्वी गोदावरी जिलों पर सर्वाधिक असर डाला. विशाखापटनम में नौसैनिक बेस है. दोपहर को हुदहुद के तटीय हिस्से से टकराने के बाद से ही इन जिलों में सामान्य जनजीवन बाधित हो गया क्योंकि बिजली और संचार की लाइनें ठप हो गईं तथा सड़कें और रेल मार्ग बंद हो गए.

 

कल रात से ही बंदरगाह शहर विशाखापट्नम में बिजली आपूर्ति नहीं है और कई जगहों पर संचार प्रणाली ध्वस्त हो गई है. एक आधिकारिक बयान में बताया गया है कि प्राथमिक आकलन के अनुसार, चक्रवात के कहर में मरने वालों की संख्या आठ है. इनमें से पांच आंध्रप्रदेश में (तीन विशाखापटनम और एक एक श्रीकाकुलम तथा विजियानगरम जिलों में) तथा तीन ओडिशा में मारे गए. बयान के अनुसार, प्रभावित जिलों में संचार सेवाएं और बिजली व्यवस्था बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई.

 

कमजोर पड़ा ‘हुदहुद’

आंध्र प्रदेश में आज दोपहर पहुंचा चक्रवाती तूफान हुदहुद इस समय विशाखापत्तनम के पश्चिमोत्तर में है जबकि हवा की रफ्तार 80-90 किलोमीटर प्रतिघंटा तक कम हो गई है.

 

भारतीय मौसम विभाग के चक्रवात चेतावनी विभाग के वैज्ञानिक एम. महापात्रा ने बताया कि हुदहुद बहुत भयावह चक्रवाती तूफान था जिसकी प्रचंडता अब कम हो गई है. यह अब भीषण चक्रवात में तब्दील हो गया है.

 

चक्रवाती तूफान आज सवेरे बंदरगाह शहर विशाखापत्तनम पहुंचा था जिससे आंध्र प्रदेश के तीन तटवर्ती जिलों में मूसलाधार वष्रा हुई. वष्रा जनित कारणों से राज्य और पड़ोसी राज्य ओड़िशा में पांच व्यक्तियों की मौत हो गई तथा बिजली और संचार लाइनें टूट गईं.

 

विशाखापत्तनम, श्रीकाकुलम और विजयनगरम जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ क्योंकि हवा 170 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी.

 

आंधी के साथ ही भारी वष्रा से पेड़ उखड़ गए और कच्चे मकानों की छत और छप्पर उड़ गए.

 

कई जगहों पर पेड़ उखड़ कर गिर गए, कच्चे मकानों की छतें, शेड्स, होर्डिंग उड़ गए. सड़कों पर वीरानी छा गई क्योंकि दहशत की वजह से लोग अपने घरों में ही रहे. क्षेत्र में परिवहन सेवाएं रूक गईं और उड़ानें भी बाधित हुईं.

 

अधिकारियों ने बताया कि रेलवे ने अपनी 58 ट्रेनें रद्द कर दीं और स्थिति को देखते हुए विजाग मार्ग पर करीब 50 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित कर दिया.

 

आंध्रप्रदेश के राजस्व (आपदा प्रबंधन) विभाग के अनुसार, चक्रवात की वजह से विशाखापट्नम में रेलवे लाइनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं और हवाईअड्डे को भी नुकसान पहुंचा है.

 

उन्होंने बताया कि हुदहुद से करीब 2,48,004 लोग प्रभावित हुए हैं तथा 70 मकानों को भी नुकसान पहुंचा है.

 

ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त पी के महापात्रा ने बताया कि एक बच्ची सहित तीन लोग चक्रवात के कारण मारे गए तथा प्राकृतिक आपदा से गजपति जिला सर्वाधिक प्रभावित हुआ. उन्होंने बताया ‘‘किसी भी बड़े प्रतिष्ठान के क्षतिग्रस्त होने की खबर नहीं है.’’ केंद्रीय मंत्री अशोक गजपति राजू ने बताया ‘‘बहुत गहरा प्रभाव है.’’ राजू विजियानगरम से सांसद हैं.

 

दिल्ली में भारतीय मौसम विभाग के निदेशक लक्ष्मण सिंह राठौर ने बताया कि चक्रवात आंध्रप्रदेश के तटीय हिस्से से आगे बढ़ रहा है और हवाओं की रफ्तार 170 से 180 किमी है.

 

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से बात की और राहत तथा बचाव संबंधी उपायांे पर चर्चा की. मोदी ने नायडू को हरसंभव सहायता देने का वादा किया. एनडीआरएफ टीमें ड्यूटी पर मुस्तैद हैं.

 

नायडू ने कहा ‘‘स्थिति गंभीर है.’’ उन्होंने केंद्र से चक्रवात को ‘‘राष्ट्रीय आपदा’’ घोषित करने की मांग की.

 

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 24 टीमें और छह हेलीकॉप्टर बचाव एवं राहत अभियानों के लिए तैनात किए गए हैं. सेना के चार कॉलम भी तैनात किये गए हैं.

 

 

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