IIT प्रवेश परीक्षा का नया फार्मूला आसान या मुश्किल

IIT प्रवेश परीक्षा का नया फार्मूला आसान या मुश्किल

By: | Updated: 28 Jun 2012 07:17 AM


नई दिल्ली: आईआईटी
प्रवेश परीक्षा को आसान
बनाने के लिए आईआईटी काउंसिल
और सरकार के बीच आम सहमति से
एक नया फॉर्मूला निकाल लिया
गया है.




नए फॉर्मूले में सभी आईआईटी
के लिए एक ही प्रवेश परीक्षा
होगी. दाखिले के लिए पहले मेन
टेस्ट होगा और मेन टेस्ट में
पास होने वाले छात्र ही
एडवांस टेस्ट दे सकेंगे. इसके
अलावा हर बोर्ड के टॉप बीस
फीसदी छात्र ही आईआईटी में
दाखिले के योग्य होंगे. लेकिन
इस नए फॉर्मूले पर सवाल उठ
रहे हैं सवाल ये कि ये नया
फॉर्मूला वाकई आसान है या फिर
मुश्किल.




अगले साल यानी 2013 से आईआईटी 
और एआईईई के लिए एक कॉमन
प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी.
इस परीक्षा के दो भाग होंगे.
पहले जेईई मेन टेस्ट होगा और
मेन टेस्ट में पास होने वाले
छात्र ही जेईई एडवांस टेस्ट
दे सकेंगे.




आईआईटी काउंसिल की बैठक में
जो फैसला लिया गया है उसके
मुताबिक हर बोर्ड के टॉप 20
फीसदी छात्र ही इस आईआईटी 
में दाखिले के योग्य होंगे.




आईआईटी काउंसिल की बैठक में
इस बात पर भी सहमति बनी कि जी
एडवांस टेस्ट का पूरा
नियंत्रण आईआईटी के हाथ में
होगा. मेन टेस्ट सीबीएसई को
करवाना है. मेन टेस्ट में सभी
छात्र शामिल हो सकेंगे. मेन
टेस्ट की मेरिट से 1.5 लाख
छात्र चुने जाएंगे. मेरिट
वाले छात्रों को मेन टेस्ट के
तीन हफ्ते बाद आईआईटी की
देखरेख में एडवांस टेस्ट
देने का मौका मिलेगा.




एडवांस टेस्ट में पास होने
वाले छात्रों के लिए शर्त ये
है कि उन्हें अपने बोर्ड के
टॉप 20 फीसदी में होना
अनिवार्य होगा. अगर कोई छात्र
एडवांस टेस्ट पास कर लेता है
लेकिन बोर्ड के नतीजे में टॉप
20 में नहीं होता तो उसे अयोग्य
माना जाएगा.




अब आइए आपको समझाते हैं कि इस
नए फॉर्मूले में मुश्किल
क्या होगी. नए फॉर्मूले में
सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के
लिए दाखिला मुश्किल हो जाएगा.
पहले 12वीं में सभी बोर्ड के
लिए 60 फीसदी अंक ही जरूरी थे.
लेकिन नए फॉर्मूले के तहत ये
मानदंड हर साल बदलेगा.
क्योंकि अब हर बोर्ड के टॉप 20
फीसदी छात्र ही परीक्षा के
योग्य माने जाएंगे. पहले
आईआईटी और एआईईई अलग-अलग
परीक्षा करवाते थे लेकिन अब
सबके लिए एक ही परीक्षा होगी.




आईआईटी काउंसिल और सरकार के
बीच तो सहमति बन गई लेकिन
आईआईटी कोचिंग चलाने वाले
सुपर-30 के निदेशक आनंद कुमार
को नए फॉर्मूले में कई
खामियां नजर आ रही हैं.




आनंद कुमार का कहना है कि यह
फार्मूला पहले से बेहतर है,
लेकिन कई खामियां हैं. छोटे
जगह के बच्चों को इससे
परेशानी बढ़ेगी, जबकि ऐसे कई
उदाहरण हैं जब कम अंक लाने
वाले छात्रों ने अच्छा
प्रदर्शन किया.




आपसी सहमति से लिया गया ये
फैसला जैब यानि ज्वाइंट
एडमिशन बोर्ड के पास भेजा
जाएगा जो आईआईटी की परीक्षा
करवाता है उसके इसे
आईआईसीनेट के पास भेजा जाएगा.
वहां से हरी झंडी मिलने के
बाद इस नए फॉर्मूले पर आखिरी
मुहर लगेगी.




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