दिल्ली आईआईटी के निदेशक रघुनाथ के शेवगांवकर ने दिया इस्तीफा

By: | Last Updated: Sunday, 28 December 2014 5:49 AM

नई दिल्ली: दिल्ली आईआईटी के निदेशक रघुनाथ के शेवगांवकर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने खुद अपने इस्तीफे की पुष्टि की है. हालांकि, ये साफ नहीं उन्होंने अपना इस्तीफा क्यों दिया.

संवाददाताओं ने जब रघुनाथ के शेवगांवकर से उनके इस्तीफे के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, “हां! मैंने अपना इस्तीफा दे दिया है.”

 

जब उनसे पूछा गया कि क्या उनपर दबाव था, तो वे उस सवाल को टाल गए.

 

क्या है मामला

 

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से ये खबर दी थी कि आईआईटी के निदेशक पर सचिन के क्रिकेट एकेडमी के लिए जमीन देने और बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी को 70 लाख रुपये देने का दबाव था, लेकिन सचिन के रिपोर्ट खारिज करने के बाद टाइम्स ऑफ इंडिया ने खबर वापस ले ली है. अखबार ने माफी मांगते हुए कहा कि सूत्र से खबर छापी गई थी. सचिन से बात नहीं करना चूक थी. लेकिन अखबार ने ये साफ नहीं किया है कि स्वामी के सैलरी वाली खबर पर वो कायम है या नहीं. 

 

खबर के मुताबिक आईआईटी के निदेशक पर बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की सैलरी का बकाया 70 लाख रुपये देने का दबाव था. हालांकि, स्मावी ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में कहा कि उनका मामला कोर्ट से है और इससे निदेशक का कोई लेना देना नहीं है.

 

 

क्या है सचिन का पक्ष?

 

इससे पहले, टाइम्स ऑफ इंडिया ने खबर दी थी कि आईआईटी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि शेवगांवकर पर मंत्रालय की ओर से कई दिनों से दो मांगो को लेकर दबाव डाला जा रहा था. इनमें पहली मांग है कि क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की क्रिकेट अकेडमी के लिए आईआईटी ग्राउंड उपलब्ध कराना और दूसरी मांग है बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की सैलरी को लेकर. स्वामी ने आईआईटी में 1972 से 1991 तक पढ़ाया था. उसी के एवज में 70 लाख के पेमेंट की बात कही गई है.

 

सचिन तेंदुलकर ने अखबार के दावे को खारिज करते हुए अपने फेसबुक पेज पर लिखा,  ‘मैं इस तरह की खबरें पढ़कर चकित हूं जिनमें कहा गया है मेरे नाम से क्रिकेट अकेडमी खोलने के लिए दिल्ली आईआईटी से जमान मांगी गई है. मेरा ऐसी कोई भी अकेडमी खोलने का विचार नहीं है और न ही मैंने किसी जमान की मांग की है. इस प्रकार से कोई भी खबर छापने से पहले तथ्यों की जांच कर लेनी चाहिए’

 

 

वहीं दूसरी तरफ सुब्रमण्यम स्वामी 1972 से लेकर 1991 तक  दिल्ली आईआईटी के प्रोफेसर रह चुके हैं. स्वामी अपने इसी कार्यकाल का वेतन मांग कर रहे हैं. सुब्रमण्यम स्वामी ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि मैनें कोर्ट में सारी जानकारी दी. कोर्ट ने मेरे पक्ष में फैसला दिया है. मेरे कार्यकाल का पैसा आईआई को मुझे देना पढ़ेगा.’ वहीं आईआईटी का कहना है कि सुब्रमण्यम स्वामी ने सभी जरूरी जानकरी नहीं दी है.

 

मंत्रालय का कहना है कि स्वामी पूर्व सांसद हैं और संबंधित अथॉरिटी को इसकी जानकारी दे दी गई है. आईआईटी सूत्रों का कहना है कि शिवगांवकर इन दोनों ही मांगों के खिलाफ हैं वह चाहते कि आईआईटी कैंपस को सिर्फ स्टूडेंट्स और फैकल्टी के प्रयोग केलिए ही रखा जाए.

 

आईआईटी निदेशक के इस्तीफा का विवाद अब राजनीतिक रंग लेने लगा है. आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा, ‘यह जानकार दुख हुआ कि आईआईटी निदेशक ने सरकार के दबाव में इस्तीफा दे दिया है. पहले सरकार ने एम्स में दखल दिया और अब आईआईटी. सरकार को स्वायत्त संस्थाओं से खुद को अलग रखना चाहिए.’

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Web Title: IIT D director resists govt pressure, quits office-TOI
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