तंबाकू प्रॉडक्टस की मांग कम करने के लिए टैक्स बढ़ाए सरकार: WHO

By: | Last Updated: Tuesday, 7 July 2015 2:37 PM
Increase taxes on tobacco products to curb demand: WHO

नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा आज जारी एक रिपोर्ट में कहा गया कि भारत ने साल 2012-14 के बीच सिगरेट पर टैक्स बढ़ाया है लेकिन इसकी वजह से तंबाकू प्रॉडक्ट्स की मांग में कोई कमी नहीं आई. इसकी वजह बताते हुए WHO ने कहा है कि जो टैक्स बढाया गया है उससे ज्यादा लोगों की आय बढ़ी है जिसकी वजह से तंबाकू उत्पादों की खपत में कोई खास कमी नहीं आई.

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ‘वैश्विक तंबाकू महामारी 2015’ रिपोर्ट आज मनीला में जारी करते हुए पूरी दुनिया में राष्ट्रों से अपील की कि वे तंबाकू उत्पादों पर करों को बढ़ाएं ताकि इसकी खपत कम की जा सके. डब्ल्यूएचओ के दक्षिण पूर्वी एशिया मामलों के एक शीर्ष अधिकारी ने रिपोर्ट जारी किए जाने के बाद कहा कि भारत का व्यापक तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम अब समूचे देश तक फैल चुका है.

 

उसमें कहा गया है कि ‘काफी कम’ सरकारें सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर उचित स्तर का टैक्स लगाती हैं और तंबाकू की मांग पर रोक लगाने में कम लागत वाले कदम उठाने और जीवन को बचाने में नाकाम रही हैं. उन्होंने साथ ही कर उपायों में सुधार, मजबूत कानून प्रवर्तन और इस क्षेत्र के देशों के लिए रोकने के बढ़े हुए प्रयासों की अविलंब आवश्यकता की वकालत की.

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन, भारत, इंडोनेशिया व वियतनाम जैसे देशों में सिगरेट लोगों के लिए पहले से सस्ती हुो गई है. इन देशों में सिगरेट कीमतें व उस पर लगने वाला टैक्स या पुराने स्तर पर कायम है या फिर उसमें मामूली बढ़ोतरी हुई है. टैक्स की तुलना में लोगों की आय ज्यादा बढी है.

 

इसमें कहा गया है कि भारत में सिगरेट की लंबाई और उसमें फिल्टर होने या नहीं होने के हिसाब से इन पर उत्पाद शुल्क की सात दरें लागू हैं और इन्हीं अलग अलग टैक्सों की वजह से खपत कम टैक्साने के उपाय ढीले पड़ जाते हैं.

इसमें कहा गया है कि ‘बहुत कम’ सरकारें सिगरेट और तंबाकू के अन्य उत्पादों पर उचित स्तर के टैक्स लगाती हैं. इस तरह सरकारें तंबाकू की मांग पर रोक लगा टैक्स लोगों की जिंदगी बचाने का एक आजमाया हुआ और सस्ता उपाय टैक्सने से चूक जाती हैं.

 

रिपोर्ट में भारत में सिगरेट पर बहुस्तरीय टैक्साधान प्रणाली को की खामी का उल्लेख किया गया है और कहा गया है कि इससे सिगरेट की खपत कम टैक्सने के प्रयास ढीले पड़ जाते हैं. रपट में ऐसी शुल्क प्रणाली की जगह सरल टैक्स व्यवस्था की वकालत की गई है.

 

रिपोर्ट जारी किए जाने के बाद डब्ल्यूएचओ के दक्षिण पूर्व एशिया मामलों की क्षेत्रीय निदेशक पूनम क्षेत्रपाल सिंह ने कहा, ‘‘आज जारी डब्ल्यूएचओ वैश्विक तंबाकू रिपोर्ट दर्शाती है कि साल 2012 और 2014 के बीच बांग्लादेश, भारत और मालदीव ने सिगरेट पर कर बढ़ाने में प्रगति की है.’’

 

सिंह ने कहा, ‘‘भारत के व्यापक तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम का पूरे देश में प्रसार कर दिया गया है.’’

 

उन्होंने कहा कि तंबाकू से हर साल तकरीबन 60 लाख लोगों की मौत होती है. उनमें से 20 फीसदी लोग इस क्षेत्र से आते हैं. दुनिया में धूम्रपान करने वालों में से 25 फीसदी इस क्षेत्र में रहते हैं और तकरीबन 90 फीसदी घूम्ररहित तंबाकू का इस्तेमाल करने वाले इस क्षेत्र में रहते हैं.

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Web Title: Increase taxes on tobacco products to curb demand: WHO
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