भारत ने नेपाल से कहा- हिंसा को शांतिपूर्ण तरीके से खत्म करें

By: | Last Updated: Monday, 21 September 2015 3:07 AM

नई दिल्ली: भारत ने अपनी सीमा से लगे नेपाल के कई हिस्सों में उत्पन्न हिंसक स्थिति को लेकर चिंता जताई और उससे कहा कि मतभेदों को हिंसामुक्त बातचीत के जरिये सुलझायें जिससे व्यापक अधिकार और स्वीकारोक्ति बन सके.

 

नेपाल में नया संविधान लागू होने का उल्लेख करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत उस देश के लोगों को शुभकामनाएं देता है.

 

मंत्रालय ने कहा, ‘‘नेपाल में संविधान निर्माण की पूरी प्रक्रिया के दौरान, भारत ने एक संघीय, लोकतांत्रिक, गणतांत्रिक और समावेशी संविधान का समर्थन किया. हमने नेपाल में एक नये संविधान के लागू होने पर बधाई दी है.’’

 

मंत्रालय ने कहा, ‘‘हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि भारत की सीमा से सटे नेपाल के कई हिस्सों में स्थिति हिंसक है. काठमांडो में हमारे राजदूत ने इस संबंध में नेपाल के प्रधानमंत्री से बात की है.’’

 

देश आग्रह करता है कि जिन मुद्दों पर मतभेद हैं उनका समाधान बातचीत के जरिये एक हिंसा मुक्त और धमकी से मुक्त वातावरण में होना चाहिए. इसे इस तरह से संस्थागत किया जाना चाहिए कि जिससे व्यापक अधिकार एवं स्वीकृति मिले.

 

बयान में कहा गया है, ‘‘यह नेपाल में सौहार्द, प्रगति और विकास की नींव रखेगा.’’ हिंसा से चिंतित भारत ने विदेश सचिव एस जयशंकर को गत शुक्रवार को नेपाल भेजा था ताकि वह नया संविधान लागू होने से पहले देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा कर सकें.

 

जयशंकर ने कहा कि नया संविधान लागू होना हिंसा का नहीं प्रसन्नता का मौका होना चाहिए.

 

उन्होंने कल नेपाल की अपनी दो दिवसीय यात्रा समाप्त करते हुए कहा, ‘‘भारत ने हमेशा ही नेपाल में संविधान निर्माण प्रक्रिया का मजबूती से समर्थन किया है और हम चाहेंगे कि इसका पूरा होना एक खुशी और संतोष का मौका होना चाहिए, आंदोलन और हिंसा का नहीं’’ जयशंकर ने अपनी यात्रा के दौरान नेपाल के राष्ट्रपति राम बरन यादव और प्रधानमंत्री सुशील कोइराला से मुलाकात की. उन्होंने इसके साथ ही सीपीएन..यूएमएल अध्यक्ष के पी शर्मा ओली और यूसीपीएन माओवादी प्रमुख प्रचंड से भी मुलाकात की.

 

जयशंकर ने तराई के कई आंदोलनरत नेताओं से भी मुलाकात की जिसमें तराई मधेसी डेमोकेट्रिक पार्टी के अध्यक्ष महंत ठाकुर, फ्रेडल सोशलिस्ट पार्टी नेपाल के अध्यक्ष उपेंद्र यादव, मधेसी पीपुल्स राइट्स फोरम डेमोकेट्रिक के अध्यक्ष बिजय गजाधर शामिल हैं.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: India asks Nepal to resolve differences via peaceful dialogue
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: India Nepal new Constitution
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017