मोर्टार दागने और भारी गोलाबारी के बीच भारत-पाक सीमा पर लौटा भय का माहौल

By: | Last Updated: Saturday, 3 January 2015 12:26 PM

बेनगलारः ऐसा प्रतीत होता है कि जम्मू कश्मीर में भारत पाक सीमा पर भय एवं अनिश्चितता का माहौल लौट आया है जहां पिछले 12 घंटे से पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा मोर्टार दागे जाने के बीच भारी गोलाबारी जारी है जिसके चलते प्रभावित सीमाई गांवों से विस्थापन शुरू हो गया है.

 

सांबा जिले के बेनगलार क्षेत्र की नम्रता देवी ने कहा, ‘‘पाकिस्तान द्वारा कल से की जा रही गोलाबारी के कारण हम अपना घर..द्वार छोड़ कर जा रहे हैं. हम अस्थायी शिविरों में जा रहे हैं. पिछले 12 घंटों से गोलीबारी रूक नहीं रही है.’’ पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा राज्य के कठुआ एवं सांबा जिलों के गांवों एवं 13 सीमा चौकियों को भारी गोलाबारी से निशाना बनाये जाने के कारण आज एक महिला की मौत हो गयी जबकि आठ अन्य नागरिक घायल हो गये.

 

अधिकारियों ने बताया कि संघर्ष विराम के ताजा उल्लंघनों के कारण सीमाई गांवों से विस्थापन शुरू हो गया है तथा कठुआ एवं सांबा जिलों की बस्तियों से 1000 से अधिक लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है.

 

पाकिस्तान द्वारा ताजा गोलीबारी का दौर नववर्ष की पूर्व संध्या से शुरू हुआ है जिसमें एक बीएसएफ जवान सहित दो लोग मारे गये जबकि नौ लोग घायल हो गये. भारत द्वारा की गयी जवाबी गोलीबारी में पांच पाकिस्तानी रेंजर्स मारे गये गये. करीब दो माह पहले भी इसी प्रकार भारी गोलीबारी में 13 लोग मारे गये थे और सीमा के करीब रहने वाले करीब 32000 लोग विस्थापित हुए थे. मंगू चक इलाके के अरविन्द कुमार ने कहा, ‘‘हम पाक तोपों के लिए निशाना बन रहे हैं. हम निरंतर भय एवं आतंक में जी रहे हैं. जब भी हम खेतों में जाते हैं या सड़क पर चल रहे होते हैं तो हम नहीं जानते कि कब हम उनकी गोली लगकर गिर पड़ेंगे.’’ सीमा के पास स्थिति बस्तियों से बैल गाड़ियों, ट्रकों, टैम्पो एवं ट्रेक्टर ट्रालियों में लदकर परेशान लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं.

 

कठुआ के उपायुक्त शाहिद इकबाल चौधरी ने पीटीआई भाषा को बताया कि कठुआ जिले में 300 सीमाई लोगों के अलावा चार से अधिक गांवों को खाली कराया गया है.

 

उन्होंने कहा कि चार लोग घायल हुए है. हम गोलाबारी बंद होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि यदि जरूरत हुई तो 57 सीमाई बस्तियों से लोगों को निकाला जा सके.

 

सीमा पर रहने वाले लोग निरंतर भय के साये में जी रहे हैं. उन्हें इस बात की आशंका है कि बार बार संघषर्विराम उल्लंघन से एक दशक पुरानी संधि टूट जायेगी और उनका जीवन खतरे में पड़ जायेगा.

 

बेनगलार के निवासी करतार सिंह ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी की पहल पर शुरू हुआ संघषर्विराम जारी रहे ताकि हम शांति में रह सके. वर्ष 2013 एवं 2014 में संघषर्विराम उल्लंघन में भारी बढोतरी हुई जिसने हमारी जिंदगी को नर्क बना दिया है.’’ सांबा के उपायुक्त मुबारक सिंह ने कहा कि सीमाई क्षेत्रों में गोलीबारी एवं गोलाबारी जारी है तथा जब यह रूक जायेगी तो अधिकारी सीमा से लोगों को हटायेंगे.

 

उन्होंने कहा, बहरहाल, गांवों से लोगों का पलायन हो रहा है तथा उन्हें अस्थायी शिविरों में रखा जा रहा है.

 

विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से नवनिर्वाचित भाजपा विधायक चंद्र प्रकाश गंगा ने कहा कि बीएसएफ पाक गोलीबारी का पूरी ताकत से जवाब दे रहा है.

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