विश्व व्यापार संगठन एग्रीमेंट पर मोदी ने जॉन केरी से कहा- भारत की चिंताएं दूर हुए बगैर नहीं करेंगे दस्तखत

By: | Last Updated: Saturday, 2 August 2014 2:51 AM

नई दिल्ली: विश्व व्यापार संगठन यानि WTO में 160 देशों के ट्रेड फेसिलिटेशन अग्रीमेंट पर कोई समझौता नहीं होने के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने पर पीएम मोदी ने अमेरिका को दो टूक जवाब दे दिया है. मोदी ने कहा कि भारत जैसे देशों की चिंता अमेरिका जैसे अमीर देश समझें.

 

पीएम मोदी ने जॉन केरी से साफ शब्दों में कहा, “विकसित देशों को विकासशील देशों की गरीबी की समस्या और उससे निपटने की उनकी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए.”

 

अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी और वाणिज्य मंत्री पेनी प्रिट्जकर ने दिल्ली में सात रेसकोर्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान WTO के ट्रेड फेसिलिटेशन अग्रीमेंट का मुद्दा उठाया था.

 

जॉन केरी ने ट्रेड फेसिलिटेशन अग्रीमेंट पर कोई सहमति ना बनने के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की. केरी ने मोदी से समझौते पर भारत के दस्तखत का आग्रह किया, जिस पर मोदी ने कड़ा जवाब दिया.

 

मुलाकात के दौरान जॉन केरी को प्रधानमंत्री ने विकासशील देशों की समस्याएं बताईं. WTO के ट्रेड फेसिलिटेशन अग्रीमेंट में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के मद्देनजर समझौता होना है. लेकिन किसानों के समर्थन मूल्य को लेकर पेंच फंसा हुआ है.

 

WTO में पिछले साल दिसंबर में सहमति बनी कि दुनिया भर के सभी 160 सदस्य देश एक ट्रेड फेसिलिटेशन अग्रीमेंट पर दस्तखत करेंगे और व्यापार उसी के आधार पर होगा, इससे दुनिया भर में व्यापार आसान होगा.

 

ट्रेड फेसिलिटेशन अग्रीमेंट के नियम कहते हैं कि कोई भी देश कुल अनाज उत्पादन की कीमत की दस फीसदी सब्सिडी ही किसानों को दे सकता है, भारत जैसे देशों को इस मुद्दे पर कई चिंताएं हैं.

 

अमेरिका 120 अरब डालर की सब्सिडी हर साल किसानों को देता है जबकि भारत सिर्फ 12 अरब डालर की ही सब्सिडी देता है, इन्हीं सब तर्कों के आधार पर भारत ट्रेड फेसिलिटेशन अग्रीमेंट पर दस्तखत नहीं कर रहा है.

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Web Title: India sticks to its stand on WTO
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