इमरजेंसी में क्या हुआ था?

By: | Last Updated: Thursday, 18 June 2015 9:27 AM

नई दिल्ली: बीजेपी के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य और पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने इमरजेंसी की आशंका जताकर भारतीय राजनीति के सबसे बड़े काले अध्याय की याद ताज़ा कर दी है. ये वह दौर था जब संविधान भंग था और इंदिरा गांधी की मनमौजी चलती थी.

 

आइए जानते हैं कि इमरजेंसी के वक़्त हुआ क्या था?

 

1. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने 25 जून 1975 को इमरजेंसी लगवाई, जिसके साथ ही संविधान भंग हो गया और लोगों के नागरिक अधिकार पर पाबंदी लग गई.

 

2. इमरजेंसी में प्रेस की आजादी छीन ली गई. अखबारों पर सरकार की कड़ी नजर थी. इंदिरा गांधी और उनकी सरकार के खिलाफ किसी भी किस्म की खबर पर पूरी तरह से पाबंदी थी.

 

3. इमरेजेंसी के साथ लोगों के नागरिक अधिकार छीन लिए गए. सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन की इजात नहीं थी. नागरिक अधिकारों के लिए काम करने वाले लोगों पर पुलिस का पहरा था. ये लोग भूमिगत थे या जेल में थे.

 

4. विपक्ष के कई बड़े नेता जेल में थे. इमरजेंसी विरोधी आदंलोन के अगुवा थे जेपी यानी जय प्रकाश नारायण, इनके साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और दूसरे कई बड़े नेता जेल में बंद थे.

 

5. 21 मार्च 1977 को इमरजेंसी हटाने एलान हुआ. इमरजेंसी के खात्मे के बाद चुनाव हुए जिसमें इंदिरा गांधी को बड़ी हार का समाना करना पड़ा. मोरारजी देसाई के नेतृत्व में जनता पार्टी की गठबंधन सरकार बनी.

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Web Title: Indira Gandhi and Emergency
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