भारत-पाक संबंधों को कश्मीर मुद्दे का बंधक नहीं बनने देना चाहिए :बासित

By: | Last Updated: Monday, 17 November 2014 2:23 AM

हैदराबाद: भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कल कहा कि उनका देश यह नहीं चाहेगा कि भारत के साथ उसका संबंध कश्मीर मुद्दे का बंधक बना रहे. साथ ही उन्होंने रकी हुई वार्ता प्रक्रिया के शीघ्र बहाल होने की उम्मीद जताई.

 

हैदराबाद प्रेस क्लब में मीडिया से संवाद में उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप याद करें तो समग्र बातचीत के दायरे में 10 विषय हैं और कश्मीर उनमें से एक है. हम नहीं चाहेंगे कि हमारा संबंध केवल एक मुद्दे का बंधक बन जाए.’’

 

उच्चायुक्त ने कहा, ‘‘हम बातचीत चाहेंगे और इनका समाधान करने के लिए ईमानदार प्रयास किये जाने चाहिए.’’ वार्ता प्रक्रिया शीघ्र बहाल होने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि कूटनीति में पूर्ण विराम नहीं होता. मैं उनसे सहमत हूं कि कूटनीति मेंआप पूरी तरह इसे समाप्त नहीं कर सकते. इसलिए, हम उम्मीद करें कि मौके आयेंगे. इसलिए, मुझे उम्मीद है.’’

 

यह पूछने पर कि अलगाववादी समूहों को बातचीत में शामिल करने के बजाय सीधे भारत से बात करने के उसके रूख पर पाकिस्तान का कहना है, बासित ने कहा कि जम्मू कश्मीर दोनों देशों के बीच एक समस्या है और दोनों देशों को शांति स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए.

 

अब्दुल बासित ने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर दोनों देशों के बीच एक समस्या है. यह समग्र बातचीत की प्रक्रिया का हिस्सा है. इसलिए, हम उम्मीद करते हैं कि जब भी हम बातचीत की प्रक्रिया को बहाल करेंगे तो हम पूर्व की उपलब्धियों के आधार पर आगे बढ़ेंगे. क्योंकि, शांति हमारे पारस्परिक हित में है.’’

 

भारत ने अगस्त में पाकिस्तान के साथ विदेश सचिव स्तर की वार्ता तब रद्द कर दी थी जब उसके उच्चायुक्त ने बातचीत की पूर्व संध्या पर कश्मीरी अलगाववादियों से बातचीत की थी. एक सवाल के जवाब में बासित ने कहा कि इसके प्रयास किए जाने चाहिए कि दोनों देशों के बीच संबंध बढ़ें.

 

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री नवाज शरीफ साहब का एजेंडा आर्थिक विकास का है और प्रधानमंत्री मोदी का भी एजेंडा विकास है. दोनों सरकारों का एजेंडा एक है. इसलिए, ऐसा कोई कारण नहीं है कि हम क्यों चुनौतियों का एक साथ सामना नहीं कर सकते. आवश्यकता है कि हम एक-दूसरे के सहायक बनें.’’

 

पाकिस्तान के लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन करने के सवाल का जवाब देते हुए बासित ने कहा कि उनके देश का अलग रख है लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों को पूर्व के समझौतों का पालन करना चाहिए.

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Web Title: Indo-Pak relations should not be hostage to the Kashmir issue
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