गौरी लंकेश की हत्या खुलकर सोचने और बोलने की आजादी पर हमला: INS

गौरी लंकेश की हत्या खुलकर सोचने और बोलने की आजादी पर हमला: INS

आईएनएस ने कहा की पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमले प्रेस की आजादी और सोचने के अधिकार पर हमला है.

By: | Updated: 07 Sep 2017 06:55 PM

नई दिल्ली: कट्टर हिंदू विचारधारा के खिलाफ अपनी कलम से समाज में विद्रोह और जागरूकता फैलाने वाली वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की बीते मंगलवार को बेंगलुरु में गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस घटना को लेकर पूरे देश में रोष है. द इंडियन न्यूज़ पेपर सोसाइटी (आईएनएस) ने भी वरिष्ठ पत्रकार की हत्या पर अपनी चिंता जाहिर की है.


आईएनएस प्रमुख सोमेश शर्मा ने कड़े शब्दों में इस हत्या की निंदा की. संस्था ने कहा कि दिवंगत गौरी लंकेश प्रेस की आजादी की मुखर समर्थक थीं और भारत की एक वरिष्ठ पत्रकार थीं.


आईएनएस ने कहा की पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमले प्रेस की आजादी और खुलकर सोचने के अधिकार पर हमला है. संस्था ने भी कहा, "यह हमारे लोकतांत्रिक देश में सोचने और आजाद होकर अपनी बात रखने पर एक हमला है."आईएनएस ने दिवंगत पत्रकार गौरी लंकेश के परिवार वालों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की और कहा कि यह इंडियन न्यूज़ पेपर्स के लिए बहुत बड़ी क्षति है.


इसके साथ ही संस्था ने कहा कि हम राज्य सरकार से इस मामले में तुरंत कार्रवाई और दोषियों को जल्द से जल्द सजा की मांग करते हैं.


गौरतलब है कि पांच सितंबर को बेंगलूरु में वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. राजा राजेश्वरी नगर के उनके घर पर मंगलवार की शाम करीब साढ़े सात बजे तीन लोगों ने गोलियां मार दी. गौरी लंकेश कन्नड़ मैगजीन लंकेश पत्रिके की संपादक थीं. उन्हें हिंदुत्व ब्रिगेड की आलोचक के रूप में जाना जाता था. गौरी लंकेश जाने माने पत्रकार और लेखक पी लंकेश की बेटी थीं.

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