इशरत आत्मघाती हमलावर, उसपर मोदी को मारने की थी जिम्मेदारी- डेविड हेडली

By: | Last Updated: Thursday, 11 February 2016 3:09 PM
Ishrat Jahan is suicide bomber: David Headley

मुंबई : मुंबई के 26/11 हमले के गुनहगार डेविड कोलमैन हेडली ने बड़ा खुलासा किया है और कहा कि साल 2004 में गुजरात में पुलिस एनकाउंटर में मारी गई इशरत जहां आत्मघाती हमलावर थी और वह लश्कर-ए-तैयबा की महिला विंग की सदस्य थी.

डेविड कोलमैन हेडली ने मुंबई के मोका कोर्ट में गवाही के दौरान कहा कि इशरत जहां फिदायीन आतंकवादी थी और वो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी थी. हेडली ने ये भी बताया है कि इशरत मुजम्मिल नाम के लश्कर ए तैयबा के आतंकी के साथ काम करती थी.

जानिए, इशरत जहां के बारे में हेडली का हर शब्द

हेडली ने बताया कि लश्कर की महिला विंग के हेड अब ऐमान और मुजम्मिल लश्कर के आतंकी हैं और इनकी योजना कश्मीर में हमला करने की थी, लेकिन हमला नहीं हुआ. इस ऑपरेशन में इशरत जहां शामिल थी.

 

आपको बता दें कि 15 जून 2004 को अहमदाबाद शहर के सटे गुजरात पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मुठभेड़ में 4 आतंकियों को मार गिया था. जिनमें इशरत जहां भी शामिल थी. पुलिस ने दावा था कि ये सभी लश्कर के आत्मघाती आतंकी थे और गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को मारने की फिराक में थे. इशरत के एनकाउंटर को लेकर शुरू से ही विवाद होता रहा है .

इस मुठभेड़ में गुजरात के डीआईजी डी.जी. बंजारा ने पुलिस के एक दल की अगुवाई की. डी.जी. बंजारा को बाद में सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ में कथित रूप से शामिल होने के कारण जेल भेजा गया.

पुलिस ने दावा किया कि इशरत जहां और उसके सहयोगी लश्कर के आतंकवादी थे और वे गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और मौजूदा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रच रहे थे.

कौन थी एनकाउंटर में मारी गई इशरत जहां, क्या है मामला?

पुलिस के इस एनकाउंटर पर तीखे सवाल हुए और ये भी कहा गया कि ये मुठभेड़ फर्जी थी.  कांग्रेस, बीजेपी, जेडीयू और एनसीपी के बीच इस मुठभेड़ को लेकर जबरदस्त बयानबाज़ी का लंबा इतिहास है.

शहीद बताने वाले माफी मांगे- बीजेपी

हेडली के जरिए इशरत जहां को आत्मघाती हमलावर करार दिए जाने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस से माफी की मांग की है. बीजेपी के नेता नलिन कोहली ने कहा कि अब उन्हें माफी मांगनी चाहिए जो तरह तरह की बातें करते थे.

इशरत जहां पर नरेंद्र मोदी की हत्या का आरोप थी. इशरत के निशाने पर गुजरात का अक्षरधाम मंदिर था.

क्या है इशरत जहां मामला?

15 जून 2004 को अहमदाबाद में एक मुठभेड में चार आतंकी मारे गए थे, जिनमें इशरत जहां नाम की एक कॉलेज जाने वाली छात्रा भी थी. उसका दूसरा साथी जावेद शेख था. दो अन्य आतंकी भी उसके साथ थे जिनके बारे में कहा जाता है कि वे पाकिस्तानी नागरिक थे.

इनके मरने के बाद कुछ लोगों ने यह आरोप लगाने शुरू किए कि यह लोग आतंकी नहीं थे और पुलिस ने इनको गोली मारकर मार दिया और मरे हुए लोगों के हाथ में हथियार थमा दिए. कुछ मानवाधिकार संगठन इस मामले को लेकर आतंकियों से ज्यादा उत्साह में आ गए और इस पूरे घटनाक्रम की जांच करने की मांग करने लगे.

अहमदाबाद पुलिस ने इशरत जहां और अन्य तीन लोगों को आतंकी बताकर मुठभेड़ में मार गिराया था. मजिस्ट्रेट जांच में मुठभेड़ को फर्जी पाया गया. तब पता चला कि सरकार से तमगे हासिल करने के लिए पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ में उनकी हत्या की थी.

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Web Title: Ishrat Jahan is suicide bomber: David Headley
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