Jailed people used to face boycott earlier, but are garlanded now: N Santosh Hegde - 'पहले जेल जाने वालों का बहिष्कार होता था, अब माला पहनाई जाती है: हेगड़े'

'पहले जेल जाने वालों का बहिष्कार होता था, अब माला पहनाई जाती है'

By: | Updated: 16 Dec 2017 08:40 AM
Jailed people used to face boycott earlier, but are garlanded now: N Santosh Hegde

हैदराबाद: सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश एन संतोष हेगड़े ने इस बात पर दुख जताया है कि जेल गए लोगों का कई साल पहले तक समाजिक बहिष्कार होता था, लेकिन अब उन्हें माला पहनाई जाती है. पूर्व सॉलीसीटर जनरनल ने बिहार में पिछले विधानसभा चुनाव में मतदान के रुझान का जिक्र किया, जिसमें लालू प्रसाद की पार्टी आरजेडी ने सबसे ज्यादा सीटें जीती थी.


उन्होंने इस बात का जिक्र किया, ‘‘लालू प्रसाद को चार साल की सजा सुनाई गई थी, उन्होंने हाई कोर्ट से जमानत ली. उनकी पार्टी ने बिहार में सबसे ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की (पिछले विधानसभा चुनाव में).’’ कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त ने यह याद किया कि जब वे छोटे थे, तब समाज उन लोगों का बहिष्कार किया करता था जो जेल गए होते थे.


उन्होंने कहा, ‘‘अब, ऐसा नहीं है. अब, लोग जेल जाते हैं. जमानत लेते हैं और वापस आते हैं जिसेक बाद सैकड़ों लोग उन्हें माला पहनाने के लिए उनका इंतजार कर रहे होते हैं.’’ उन्होंने कहा कि सिर्फ जेल जाना ही सजा नहीं है क्योंकि समाज का बहिष्कार करने से बुरे लोगों को अच्छे लोगों से दूर किया जाता है .


उन्होंने कहा कि लालू के खिलाफ 1996 में चार्जशीट दाखिल किया गया था, पहली बार 2014 में उनपर दोष सिद्ध हुआ. फिर वे हाई कोर्ट गए, हाई कोर्ट में 10 साल लग सकता है और फिर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. क्या आखिरकार उन्हें सजा होगी?


सिर्फ यह एक मामला नहीं है यह अन्य मामलों में भी हुआ है. हेगड़े ने नेताओं की संलिप्तता वाले मामलों में फैसले के लिए कम से कम 12 विशेष अदालतें गठित किए जाने के सरकार के कदम का स्वागत किया.

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Web Title: Jailed people used to face boycott earlier, but are garlanded now: N Santosh Hegde
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