जम्मू-कश्मीर में बाढ़ ने बरपाया कहर, 17 की मौत

By: | Last Updated: Monday, 30 March 2015 4:30 PM

श्रीनगर: कश्मीर घाटी में लगातार चार दिनों से हो रही भारी बारिश से आई बाढ़ तथा दो मकानों के ढहने से सोमवार को 16 लोग जिंदा दफन हो गए, जबकि एक व्यक्ति बह गया. झेलम नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर से चिंतित हजारों लोग सुरक्षित स्थानों की ओर रुख कर रहे हैं.

 

अधिकारियों ने सोमवार को जम्मू एवं कश्मीर को बाढ़ प्रभावित घोषित कर दिया. लोगों को पिछले साल सितंबर में आई बाढ़ का डर सता रहा है, जिसके सैलाब में विनाश व मौत का तांडव हुआ था. इस दौरान 200 से अधिक लोगों की मौत हुई थी.

 

एक पुलिस अधिकारी ने यहां आईएएनएस से कहा कि बडगाम जिले के लादेन गांव में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से दो मकान जमींदोज हो गए, जिसमें दो परिवारों के 16 लोग फंस गए. शाम तक छह लोगों के शव बरामद हो चुके थे, जबकि बाकी बचे लोगों के भी मारे जाने की संभावना है.

 

मृतकों में चार महिलाएं, एक पुरुष व एक 22 दिन का बच्चा भी है.

 

जम्मू से आई खबर के मुताबिक, डोडा से एक वाहन में मवेशियों को लेकर उधमपुर जा रहा एक युवक अंग्रेज सिंह रास्ते में बाढ़ की चपेट में आ गया और बह गया.

 

गंभीर होती स्थिति के मद्देनजर, लोग सुरक्षित स्थानों की ओर रुख कर रहे हैं.

 

इस बीच, मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने बाढ़ प्रभावित शहर के केंद्र लाल चौक का दौरा किया तथा वहां के व्यापारियों व आमजनों से बातचीत की.

 

उन्होंने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि सरकार साल 2014 में पीड़ित रहे व्यापारियों को राहत प्रदान करने में प्राथमिकता देगी.

 

सईद ने बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित कश्मीर घाटी के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 25 करोड़ रुपये, जबकि जम्मू क्षेत्र के लिए 10 करोड़ रुपये के राहत की घोषणा की.

 

इस बीच, श्रीनगर से 12 किलोमीटर दूर स्थित पैंपोर कस्बे में जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर पानी जमा होने के कारण बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है.

 

एक शीर्ष संभागीय प्रशासनिक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “सोमवार को अनंतनाग में संगम पर जलस्तर 22.8 फुट, श्रीनगर के राम मुंशीबाग पर 19 फुट और बांदीपोरा में अशिम पर 11.55 फुट दर्ज किया गया.”

 

अधिकारी ने कहा कि झेलम नदी के तट पर बसे परिवारों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है

 

जम्मू-कश्मीर के कई जिले बाढ़ की चपेट में, बडगाम में मकान धंसने से 10 लोगों की मौत

 

घाटी को देश के अन्य हिस्से से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग को शनिवार को बंद कर दिया गया.

 

ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर हिमस्खलन की भी आशंका को लेकर चेतावनी जारी की गई है. राज्य में सभी परीक्षाओं को तीन अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.

 

घाटी में अंतर-राज्य संपर्क भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

 

श्रीनगर-गुलमर्ग, श्रीनगर-कुपवाड़ा और श्रीनगर-बांदीपोरा मार्गो को बाढ़ के कारण बंद करना पड़ा है. पुल और छोटी पुलिया बाढ़ में डूब चुके हैं.

 

मौसम विभाग ने सोमवार के बाद मौसम में सुधार होने का पूर्वानुमान जताया है.

 

स्थानीय मौसम कार्यालय की निदेशक सोनम लोटस ने आईएएनएस से कहा, “तीन अप्रैल को एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ के राज्य से टकराने की संभावना है. हालांकि यह पिछले दिनों की तरह ज्यादा सक्रिय नहीं होगा.”

 

कश्मीर में आई बाढ़ पर नजर रखने के लिए केंद्र सरकार जम्मू एवं कश्मीर सरकार के साथ लगातार संपर्क में है.

 

केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) जम्मू एवं कश्मीर में आई बाढ़ पर नजर रख रही है. साथ ही गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य में बाढ़ की स्थिति पर सोमवार को मुख्यमंत्री से बातचीत की है.

 

केंद्रीय संसदीय मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कश्मीर घाटी का दौरा किया और बाढ़ से जूझ रहे लोगों को संकट से निकालने के लिए सरकारी सहायता का वादा किया.

 

एहतियातन राज्य सरकार की सहायता के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के दो दलों को तैनात किया गया है, जबकि अन्य चार दलों को तैयार रखा गया है.

 

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