जशोदाबेन ने पुलिस के जानकारी देने से इंकार करने के बाद दाखिल की अपील

By: | Last Updated: Friday, 2 January 2015 12:50 PM

अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पत्नी जशोदाबेन ने महेसाणा जिला पुलिस द्वारा सूचना का अधिकार कानून के तहत सूचना देने से इंकार किये जाने के बाद एक अपील दायर की है. पुलिस ने कहा कि उन्हें दी जाने वाली सुरक्षा से संबंधित सवाल स्थानीय खुफिया ब्यूरो से संबंधित हैं जिसे आरटीआई कानून के तहत छूट प्राप्त है.

 

जशोदाबेन मोदी ने महेसाणा जिला पुलिस अधीक्षक से 30 दिसंबर को की गयी अपील में कहा, ‘‘मैं भारत के प्रधानमंत्री की पत्नी हूं..मैंने आदेश की प्रति (उन्हें सुरक्षा दिये जाने से संबंधित) मांगी थी जो एलआईबी (स्थानीय खुफिया ब्यूरो) से संबंधित नहीं है. परिणामस्वरूप में इस अपील में उन आदेशों की प्रति हासिल करने की मांग करती हूं.’’ उन्होंने अपील में कहा, ‘‘जवाब में मुझे सूचना नहीं दिये जाने के लिए कोई विशिष्ट कारण नही बताया गया है (महेसाणा पुलिस उपाधीक्षक द्वारा). मैं प्रधानमंत्री की पत्नी हूं लिहाजा आरटीआई के तहत दी जाने वाली सूचना किसी के हस्तक्षेप के कारण मुझे नहीं दी गयी.’’ जशोदाबेन ने राज्य गृह विभाग के उस आदेश की प्रति की भी मांग की जिसके तहत एलआईबी को आरटीआई कानून के तहत छूट दी गयी है, जैसा कि महेसाणा पुलिस ने दावा किया है.

 

महेसाणा जिला पुलिस ने 27 दिसंबर को जसोदाबेन को आरटीआई के तहत सूचना देने से इंकार कर दिया था.जशोदाबेन को दिये गये जवाब में महेसाणा पुलिस की उपाधीक्षक एवं जन सूचना अधिकारी भक्ति ठकार ने कहा था, ‘‘आप द्वारा मांगी गयी जानकारी एलआईबी से संबंधित है. गुजरात विभग के प्रस्ताव संख्या 1:1020018201:जीओआई:62 दिनांक 25 नवंबर के तहत एलआईबी को आरटीआई कानून के तहत छूट है लिहाजा मांगी गयी सूचना आपको नहीं दी जा सकती.’’ महेसाणा पुलिस के समक्ष 24 नवंबर को दाखिल आरटीआई आवेदन में जशोदाबेन ने प्रोटोकाल के तहत उन्हें दिये गये सुरक्षा कवर से संबंधित विभिन्न दस्तावेज मांगे थे जिनमें उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के सरकार द्वारा दिये गये वास्तविक आदेश की प्रमाणित प्रति शामिल है.

 

उन्होंने प्रधानमंत्री की पत्नी को दी जाने वाली सुरक्षा कवर से संबंधित कानून एवं भारतीय संविधान के संबंधित प्रावधानों के बारे में भी जानकारी मांगी थी.

 

जशोदाबेन ने सरकार से कहा है कि वह प्रोटोकाल की परिभाषा बताये और इसके तहत क्या बातें शामिल हैं तथा प्रोटोकाल के तहत वह किन अन्य फायदों के लिए हकदार होंगी.

 

उन्होंने अपनी मौजूदा सुरक्षा ढांचे पर अप्रसन्नता जतायी है कि जिसमें उनके रक्षक कार जैसे सरकारी वाहनों पर चलते हैं जबकि प्रधानमंत्री की पत्नी होने के बावजूद उन्हें सार्वजनिक परिवहन पर चलना पड़ रहा है.

 

इसके अलावा जशोदाबेन ने यह भी कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या उनके खुद के सुरक्षाकर्मियों ने की थीं. वह सुरक्षा कर्मियों द्वारा उनकी रक्षा किये जाने को लेकर भयभीत हैं. उन्होंने सरकार ने कहा कि वह प्रत्येक सुरक्षाकर्मी के लिए तैनाती के आदेश पेश करने को अनिवार्य बनाये.

 

जशोदाबेन महेसाणा जिले के उंझा कस्बे में अपने भाई अशोक मोदी के साथ रहती हैं. नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद उन्हें महेसाणा पुलिस द्वारा सुरक्षा प्रदान की गयी.

 

महेसाणा पुसिस ने सशस्त्र पहरेदारों सहित दस पुलिसकर्मियों को उनकी सुरक्षा में तैनात किया है. वे दो पालियों में काम करते हैं, जिनमें प्रत्येक पाली में पांच सुरक्षा कर्मी होते हैं.

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Web Title: jasodaben
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