अनुच्छेद 370 हटाने का मुद्दा बीजेपी ने नहीं छोड़ा है: जितेंद्र सिंह

By: | Last Updated: Sunday, 31 May 2015 5:59 AM

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के संदर्भ में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि भाजपा जन संघ संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों के अनुरूप इस अनुच्छेद को हटाने के अपने रूख पर कायम है. उन्होंने कहा कि भाजपा की सहयोगी पीडीपी के साथ ‘गठबंधन धर्म’ को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर में संवेदनशील मुद्दों को फिलहाल पीछे कर दिया गया है.

 

राज्य से जुड़े मुद्दों के बारे में पीटीआई भाषा को दिए एक साक्षात्कार में सिंह ने कई मुद्दों पर बात की लेकिन विवादास्पद मुद्दों पर ज्यादा बात नहीं की. इन विवादास्पद मुद्दों में जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को वापस लेने की बात भी शामिल थी.

 

चिकित्सक से नेता बने 58 वर्षीय सिंह प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री का प्रभावशाली पद दिया जाने के लिए आश्चर्यजनक विकल्प बनकर उभरे थे. सिंह ने 60 हजार विस्थापित कश्मीरी पंडितों को कश्मीर घाटी में ‘सम्मान एवं सुरक्षा’ के साथ पुनवार्सित करने की मांग के बारे में भी बात की.

 

सिंह ने कहा, ‘‘मैं पाखंड नहीं करूंगा. पाखंड करने की कोई वजह भी नहीं है. मैं एक ऐसी पार्टी से हूं, जिसने सभी मुश्किलों से पार पाते हुए और दृढ़ विश्वास के साथ एक विशेष विचारधारा का पालन किया है. हमने दिल्ली में या कम से कम पूरे जम्मू-कश्मीर में सत्ता में आने के बारे में तो कभी नहीं सोचा था.’’ पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय में स्वतंत्र प्रभार भी संभालने वाले सिंह ने कहा, ‘‘हमें राष्ट्रवाद का झंडा बुलंद करने के लिए, संघवाद का झंडा बुलंद करने के लिए दिया गया था, इसलिए हम या तो आंदोलन के अंदाज में थे या विरोध प्रदर्शन के अंदाज में.’’ राज्य में सरकार बनाने वाले गठबंधन का हिस्सा होने के मुद्दे पर सिंह ने कहा, ‘‘एक बात बहुत स्पष्ट है कि हम जम्मू-कश्मीर में गठबंधन में शामिल हैं लेकिन विचारधाराओं के आधार पर हमारे बीच मतभेद हैं. हमें यह बात स्वीकार करनी होगी. और यह सच है.’’ सिंह ने कहा कि वह ‘‘एक निशान, एक विधान, एक प्रधान’’ के पैरोकार मुखर्जी की विचारधारा को समझते हुए राजनीति में पले-बढ़े हैं.

 

उन्होंने कहा, ‘‘तो फिर हम उस सच से दूर कैसे जा सकते हैं? हम अपनी विरासत से कैसे दूर हो सकते हैं और हम अपने जन्म से कैसे दूर जा सकते हैं?’’

 

सिंह ने कहा कि पार्टी के रूप में भाजपा अपने गठन के बाद से अंगीकार किए गए अपने सभी विचारधारात्मक बिंदुओं पर कायम है लेकिन ‘‘जहां भी गठबंधन होता है, वहां एजेंडा आपसी स्वीकृति पर आधारित होता है.’’ उन्होंने कहा कि गठबंधन ‘‘परस्पर सह-अस्तित्व के सिद्धांत के आधार पर जनता की सेवा के लिए किए जाते हैं. जब कल हम पूर्ण बहुमत में होंगे, विचारधारा से जुड़े मुद्दे भी उठाए जाएंगे.’’ उन्होंने कहा कि पार्टी ने विचारधारा से जुड़े किसी भी मुद्दे को छोड़ा नहीं है और इसमें अनुच्छेद 370 को हटाए जाने का मुद्दा भी शामिल है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जैसा अंग्रेजी में कहा जाता है – हम कुछ मुद्दों पर असहमत होने पर सहमत हुए हैं और इसी के साथ हमारे बीच कुछ मुद्दों पर सहमत होने के लिए भी सहमति बनी है.’’ केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘इसलिए हमने संवेदनशील मुद्दों को उठाने के बजाय :जो गठबंधन धर्म के अनुरूप नहीं होता: खुद को विकास एजेंडे यानी न्यूनतम साझा कार्यक्रम के लिए समर्पित करने पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया है.’’ पिछले साल मई में मंत्री पद संभालने के बाद सिंह ने उस समय विवाद पैदा कर दिया था, जब उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार जम्मू-कश्मीर के लिए अनुच्छेद 370 के गुणों एवं दोषों पर बहस के लिए तैयार है और वह राज्य में समाज के हर वर्ग के साथ संपर्क कार्यक्रम आयोजित करके ‘‘न मानने वाले लोगों’’ को ‘‘मनाने’’ का प्रयास करेगी.

 

इसपर विपक्षी दलों और विभिन्न संबंधित पक्षों की आलोचना का सामना करना पड़ा था जिसके बाद उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया था.

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Web Title: jeetendra_singh_on_370
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