Jitan Ram Manjhi holds meet with Dalit bureaucrats

Jitan Ram Manjhi holds meet with Dalit bureaucrats

By: | Updated: 13 Jan 2015 02:06 AM

नई दिल्ली: पद से हटाए जाने की अटकलों के बीच बिहार के सीएम जीतन राम मांझी ने पटना में दलित और आदिवासी अधिकारियों के साथ बैठक की. बिहार सरकार के मुताबिक ये बैठक अनुसूचित जाति और जनजाति कर्मचारी यूनियन के कहने पर बुलाई गई थी. इस बैठक में दलित और आदिवासी आईएएस और आईपीएस अफसर शामिल हुए.

 

आरोप लग रहे हैं कि मांझी मुख्यमंत्री पद छिनने से पहले दलितों को अपने पक्ष में लामबंद करने की कोशिश कर रहे हैं. जनता परिवार की एकता पर भी सस्पेंस बरकरार है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने माना है कि अभी विलय प्रक्रिया में देरी हो सकती है.

 

नीतीश ने बिहार में 17 जनवरी से शुरू होने वाली संपर्क यात्रा को टाल दिया है. पहले ख़बर थी कि नीतीश बिहार के हर जिले में यात्रा करेंगे.

 

मांझी ही रहेंगे सीएम: नीतीश

 

जनता दल (युनाइटेड) के वरिष्ठ नेता, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बयान में कहा कि जीतनराम मांझी बिहार मुख्यमंत्री बने रहेंगे. पिछले कुछ दिनों से ऐसी अटकलें थीं कि विवादास्पद बयानों की वजह से मांझी को पद से हटाया जा सकता है.

 

बीते दिनों नीतीश कुमार ने संवाददाताओं से कहा, "मांझी बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे. उनको पद से हटाने संबंधी सभी अटकलें गलत हैं."

 

उन्होंने बताया कि वह पार्टी अध्यक्ष शरद यादव, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अध्यक्ष लालू प्रसाद और समाजवादी पार्टी (एसपी) के प्रमुख मुलायम सिंह यादव से मिलने दिल्ली गए थे. वहां उन्होंने जनता परिवार के विलय के संबंध में चर्चा की.

 

उन्होंने कहा, "वह जनता परिवार के विलय के संबंध में चर्चा के लिए दिल्ली गए थे. इस दौरे में मांझी को पद से हटाने संबंधी कोई बातचीत नहीं हुई."

 

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से इस तरह की अटकलें जोरों पर हैं कि मांझी को पद से हटाया जा सकता है. बिहार के चार मंत्रियों ने हालांकि नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज किया था.

 

ये भी हैं अटकलें: नीतीश मुख्यमंत्री और लालू की बेटी मीसा उप मुख्यमंत्री

 

सीएम की कुर्सी खो जाने की अटकलों के बीच जीतनराम मांझी ने एक बयान में कहा था कि खुद वे न सही लेकिन अगला सीएम दलित ही होना चाहिए. मांझी ने कहा कि था वे तो 20-20 का मैच खेल रहे हैं.

 

चर्चा है कि चुनावी साल में मांझी की विदाई होने वाली है. सूत्रों के मुताबिक जीतन राम मांझी के विवादित बयानों की वजह से पार्टी का एक बड़ा खेमा नाराज है. माना जाता है कि नीतीश भी मांझी के इन बयानों से सहमत नहीं हैं लेकिन एबीपी न्यूज को दिये इंटरव्यू में मांझी ने कह दिया था कि उनके बयानों को नीतीश का मौन समर्थन है.

 

साल के अंत में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं. उससे पहले नीतीश और लालू की पार्टी का विलय हो रहा है. ख़बर है कि लालू भी मांझी को हटाना चाहते हैं. सोशल मीडिया पर नीतीश के फिर से मुख्यमंत्री बनने और लालू की बड़ी बेटी मीसा भारती के उप मुख्यमंत्री बनने की चर्चा चल रही है.

 

पिछले साल लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद नीतीश कुमार ने इस्तीफा दिया था इसके बाद मई महीने में जीतन राम मांझी को नीतीश ने मुख्यमंत्री बनवाया. लेकिन काम से ज्यादा मांझी अपने उटपटांग बयानों के लिए मशहूर हुए.

 

राम विलास पासवान तो मांझी की विदाई को दलित राजनीति से जोड़कर मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं. लोकसभा चुनाव में नीतीश की पार्टी को 2 और लालू की पार्टी को 4 सीटों पर जीत मिली थी. उसी के बाद से लालू और नीतीश ने बीस साल पुरानी दुश्मनी भूलाकार दोस्ती का फैसला लिया है और इसी के तहत समाजवाद के नाम पर राजनीति करने वाली कई पार्टियां जनता परिवार नाम के छतरी तले आने वाली हैं.

 

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