जानें: जीतेंद्र सिंह तोमर का पूरा फर्जी डिग्री विवाद

By: | Last Updated: Tuesday, 9 June 2015 6:55 AM

नई दिल्ली: केजरीवाल सरकार के कानून मंत्री जीतेंद्र तोमर को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.  जानें क्या है  पूरा विवाद

 

  • शपथ पत्र के मुताबिक, कानून की डिग्री उन्होंने तिलका मांझी, भागलपुर विश्वविद्यालय (बिहार) से ली है. उन पर लॉ की डिग्री को फर्जी लेने का आरोप है. इसे लेकर हाईकोर्ट में मामला भी चल रहा है.
     

  • हाई कोर्ट के आदेश पर दिल्ली की बार काउंसिल ने इस मामले की जांच की और कहा कि तोमर की स्नातक और लॉ की डिग्री फर्जी हैं. बार काउंसिल ने बताया था कि उन्हें यूपी की डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से जानकारी मिली है कि तोमर ने वहां से स्नातक नहीं किया है.
     

  • दिल्ली बार काउंसिल ने जीतेन्द्र सिंह तोमर की स्नातक और वक़ालत की डिग्री को शुरूआती तौर पर की गयी जांच के बाद फर्जी माना है.
     

  • बार काउंसिल ऑफ़ दिल्ली ने जीतेन्द्र सिंह तोमर की बीएससी की डिग्री और मार्क शीट्स की जांच के लिए मार्च में डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी को एक खत भी लिखा था, जवाब में यूनिवर्सिटी ने जानकारी दी की तोमर की बीएससी डिग्री, मार्कशीट और रोल नंबर फर्जी हैं.
     

  • दिल्ली हाई कोर्ट में चल रही मामले की सुनवाई के दौरान बिहार की तिलका मांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी की तरफ से दिए गए जवाब में जीतेन्द्र सिंह तोमर के उस प्रोविज़नल सर्टिफिकेट को फ़र्ज़ी बताया है जो उन्होंने बार कॉउंसिल में एनरोलमेंट के दौरान दिया था.
     

  • काउंसिल ने अपनी शिकायत में कहा है कि इससे साबित होता है कि तोमर ने जाली दस्तावेज़ों के आधार पर पर बार काउंसिल ऑफ दिल्ली का एनरोलमेंट हासिल किया.
     

  •  इसके साथ ही बार काउंसिल ने दिल्ली पुलिस को एक शिकायत भी दी है जिसमें पुलिस से मामले में आईपीसी के तहत अपराधों की जांच करने की बात कही गई.
     

  • वसंत विहार थाने में जीतेंद्र सिंह तोमर पर धारा 420 (धोखाधड़ी करन) और धारा 467, 468, 471- (फर्जी दस्तावेज को सही बनाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है. अगर तोमर पर लागए गए ये आरोप साबित होते हैं तो उन्हें कम से कम सात साल की सजा हो सकती है.
     

  • नियमों के मुताबिक़ बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के लिए बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया से एफिलिएटेड यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री और ग्रेजुएशन की डिग्री होना जरूरी होता है. लेकिन इस मामले में जीतेन्द्र सिंह तोमर की दोनों की डिग्रियां सवालों के घेरे में हैं.
     

  • आम आदमी पार्टी इस मामले में तोमर को क्लीन चिट दे चुकी है.
     

  • तोमर का कहना है कि उनके पास कोर्ट में पेश करने के लिए उनके  पास पुख्ता सबूत है. तोमर का कहना है, “मेरे पास ठोस सबूत हैं जो मैंने आरटीआई से हासिल किया है और यह मुझे निर्दोष साबित करने के लिए पर्याप्त है. मैं जैसे ही यह सबूत अदालत में पेश करूंगा, भाजपा चुप हो जाएगी.’’

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Web Title: Jitendra singh tomar
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