JNU: देश विरोधी नारे लगाने वाले कहां हैं?

By: | Last Updated: Saturday, 12 March 2016 4:03 PM
JNU: Where are those, who delivered anti-national slogans

नई दिल्ली: जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने का विवाद कश्मीर तक पहुंच गया है. जम्मू कश्मीर के अखबार ने जेएनयू में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालयों से कुछ कश्मीरी छात्रों से पूछताछ की इजाजत मांगी है. 9 फरवरी को कैंपस में देश विरोधी नारे लगाए थे. 32 दिन बीत गए लेकिन अब तक ये पता नहीं चला कि देश के खिलाफ नारे लगाने वाले वो चेहरे कौन हैं कहां हैं और कब तक पकड़े जाएंगे?

आज से ठीक 32 दिन पहले 9 फरवरी को देश के खिलाफ देश विरोधी आवाजें जेएनयू में गूंज रही थीं. इस भीड़ में कुछ चेहरे ढके हुए थे और कुछ खुले हुए थे लेकिन 32 दिन बाद भी दिल्ली पुलिस के हाथ खाली हैं.

ताजा खबर जम्मू कश्मीर के अखबार ग्रेटर कश्मीर के हवाले से आई है अखबार ने दिल्ली मे मौजूद कुछ कश्मीरी छात्रों से फोन पर हुई बातचीत के आधार पर खबर छापी है कि दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से कश्मीरी छात्रों से पूछताछ की इजाजत मांगी है.

एक छात्र ने अखबार से कहा,’ पुलिस ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को कुछ छात्रों के नाम दिए हैं पुलिस इन छात्रों से जेएनयू में लगे नारों के बारे में पूछताछ करना चाहती है. ‘

जबकि एक दूसरे छात्र ने अखबार से कहा,’ मुझे कुछ दिन पहले प्रॉक्टर के के ऑफिस में बुलाया गया. मुझसे पूछा क्या आपने जेएनयू में हुए विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था. मैंने प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया लेकिन मुझे बताया गया कि पुलिस कैंपस में आई थी और मुझे और कुछ दूसरे छात्रों को पूछताछ के लिए ढूंढ रही थी.’

नेशनल कॉनफ्रेंस कश्मीरी छात्रों कों निशाना बनाने का आरोप लगा रही है. जबकि दूसरी तरफ जेएनयू मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस खबर से इंकार किया है. स्पेशल सेल का कहना है कि उनकी टीम किसी भी यूनिवर्सिटी नहीं गई और ना ही कश्मीरी छात्रों से पूछताछ की इजाजत मांगी है.

अखबार के मुताबिक छात्रों ने माना कश्मीर समेत दूसरे राज्यों के छात्र भी 9 फरवरी को अफजल गुरु की फांसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. कई छात्रों के वापस कश्मीर लौटने की भी खबर है.

9 फरवरी के बाद से बहुत कुछ हो चुका है. 20 दिन तक जेल में रहने के बाद कन्हैया 6 महीने की अंतरिम जमानत पर वापस जेएनयू कैंपस लौट आया है और देशद्रोह के आरोपी छात्र उमर खालिद और अनिर्बान ने पुलिस के सामने सरेंडर भी कर दिया है लेकिन जो नारे लगा रहे थे उनका कुछ पता नहीं.

जेएनयू की जांच कमेटी ने कहा था कि नारे लगाने वाले जेएनयू के छात्र नहीं थे कुछ बाहरी लड़को ने नारे लगाए थे. इस मामले को देख रही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के सूत्रों का कहना है कि जो लड़के नकाब और बिना नकाब के ऐसे नारे लगा रहे थे उनमे से ज्यादातर का संबंध कश्मीर से है, लेकिन जब तक पूरे सबूत नही जुटा लिए जाते तब तक गिरफ्तारी नहीं की जाएगी.

सवाल ये है कि दिल्ली में यूनिवर्सिटी कैंपस में देश के खिलाफ नारे लगाने वाले ये चेहरे आखिर कब पकड़े जाएंगे?

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Web Title: JNU: Where are those, who delivered anti-national slogans
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