बड़ा खुलासा: कन्हैया ने नहीं लगाए देश विरोधी नारे!

By: | Last Updated: Wednesday, 17 February 2016 11:21 AM
JNU row: ‘Kanhaiya might not have raised anti-national slogans’

नई दिल्ली: जेएनयू में देश विरोधी नारे को लेकर देश में हंगामा मचा है लेकिन अब इस मामले में एक नया मोड़ आता दिख रहा है जो पूरे विवाद का रूख पलट सकता है. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने गृह मंत्रालय के अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि ऐसा हो सकता है कि कन्हैया ने न देश विरोधी नारे लगाए और न ही अफजल की बरसी पर हुए कार्यक्रम में कोई भड़काऊ भाषण ही दिया.

पीटीआई सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि गृह मंत्रालय के अफसर ये मानते हैं कि कन्हैया के खिलाफ देशद्रोह का केस अति उत्साह में लिया गया कदम हो सकता है. खुफिया एजेंसियों ने भी गृह मंत्रालय को रिपोर्ट दी है कि हालांकि कन्हैया संसद हमले के दोषी अफजल की बरसी के कार्यक्रम में मौजूद था लेकिन उसने न भारत विरोधी नारे लगाए और न ही उसने ऐसा कुछ कहा जिससे उसपर देशद्रोह का केस बनता है.

पीटीआई के सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों ने कहा है कि भारत विरोधी नारे DSU यानी DEMOCRATIC STUDENTS UNION ने लगाए जो कि सीपीआई माओवादी का छात्रसंगठन है. अफजल की बरसी पर कार्यक्रम के लिए जो पोस्टर लगाए गए थे उसपर भी सीपीआई के छात्र संगठन DSU के नेताओं के ही नाम थे.

कन्हैया भाकपा (सीपीआई) की छात्र शाखा एआईएसएफ का सदस्य है जबकि डीएसयू एक चरमपंथी वाम संगठन है. अधिकारियों ने बताया कि मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टी का कोई छात्र संगठन चरमपंथी वाम विचारधारा वाले संगठन के साथ नहीं जा सकता . इसके अलावा, जेएनयू परिसर में चिपकाए गए पोस्टरों में सिर्फ डीएसयू नेताओं के नाम छपे थे . पोस्टरों के जरिए छात्रों को कार्यक्रम में आने के लिए आमंत्रित किया गया था .

दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर एस ए आर गिलानी की अध्यक्षता वाली कमिटी फॉर रिलीज ऑफ पोलिटिकल प्रिजनर्स (सीआरपीआर) ने भी इस कार्यक्रम का समर्थन किया था . मूल रूप से माओवादियों से सहानुभूति रखने वालों ने सीआरपीआर का गठन किया था. बाद में इसका प्रभार गिलानी को सौंप दिया गया. गिलानी को संभवत: इस वजह से सीआरपीआर का प्रभार सौंपा गया ताकि वह कश्मीरी अलगाववादियों और नगा अलगाववादियों सहित चरमपंथी विचारधारा वाले लोगों को संगठन में शामिल कर सकें.

कोर्ट में कन्हैया के खिलाफ सबूत देगी दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने जेएनयू विवाद पर गृह मंत्रालय को जो रिपोर्ट सौंपी है उसमें भी कन्हैया का कोई जिक्र नहीं है. आज कन्हैया की पुलिस रिमांड खत्म हो रही है उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पुलिस पेश करेगी. दिल्ली पुलिस के कमिश्नर बीएस बस्सी ने कहा है कि वो कन्हैया के खिलाफ कोर्ट में सबूत पेश करेगी.

गृह मंत्रालय का पक्ष सामने आया
इस मामले पर सूत्रों के हवाले से गृह मंत्रालय का पक्ष सामने आया है. गृह मंत्रालय का कहना है कि कन्हैया को लेकर अभी हम किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं. गृह मंत्रालय सूत्रों का ये भी कहना है कि सिर्फ देश विरोधी नारे लगाना ही देशद्रोह नहीं है ऐसी दूसरी करतूतें भी हैं जो देशद्रोह के दायरे में आते हैं.

फरार छात्रों के लिए हो रही छापेमारी
दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है कि जेएनयू कांड में भागे हुए आरोपी छात्रों की तलाश में छापेमारी हो रही है. जेएनयू ने छात्रों का पता और फोन नंबर बताया है. उनकी तलाश की जा रही है. सभी आरोपी छात्र फरार हैं. इनमें उमर खालिद, आशुतोष कुमार , अनिरबन भट्टाचार्यस रामा नागा और अनंत प्रकाश की तलाश में छापेमारी हो रही है. इनकी तलाश में यूपी, बिहार, श्रीनगर में छापेमारी हो रही है. दिल्ली पुलिस सूत्रों का कहना है कि कन्हैया भी नारेबाजी में शामिल था और आजादी के नारे लगा रहा था.

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Web Title: JNU row: ‘Kanhaiya might not have raised anti-national slogans’
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