कन्हैया के वे पांच हमले जिससे हिल गई मोदी सरकार?

By: | Last Updated: Friday, 4 March 2016 5:55 PM
jnu row: most important 5 things in kanhaiya speech

नई दिल्ली: आज कन्हैया ने प्रेस कॉफ्रेंस में कहा कि मेरे लिए अफजर गुरू ऑइकॉन नहीं है, मेरे लिए रोहिल वेमुला है. अफजल गुरू को कानून ने सजा दी है. अखंड भारत किसी का पेटेंट नहीं है. कश्मीर भारत का अंग है.

कन्हैया ने कहा कि मैं नेता नहीं विद्यार्थी हूं. हम संविधान के दायरे में रहकर विरोध करते रहेंगे. कन्हैया कुमार ने कहा कि देशद्रोह और राजद्रोह में फर्क होता है. जेएनयू का छात्र देशद्रोही नहीं हो सकता है.

कन्हैया ने कहा कि जेएनयू में काले बादल छाए हुए हैं, वह छटेंगे. हमें अदालत पर भरोसा है. टैक्स देने वालों को संदेश देते हुए कन्हैया ने कहा कि आपका पैसा सही जगह खर्च हो रहा है.

जेल से रिहा होने के बाद पहली बार कन्हैया ने जेएनयू कैंपस में भाषण दिया.

कन्हैया ने मोदी सरकार को हिलाया ?

गुरुवार की देर रात जब देश में प्रधानमंत्री मोदी के संसद में दिए भाषण की चर्चा चल रही थी तब जेएनयू कैंपस में छात्रों-शिक्षकों और मीडिया का जमावड़ा देशद्रोह के आरोपी कन्हैया का इंतजार कर रहा था. 20 दिन जेल में रहने के दौरान… पूछताछ.. सवाल-जवाब और कोर्ट परिसर में पिटाई के बाद.. कन्हैया पहली बार कैमरे के सामने आया.

उम्मीद ये थी कि कोर्ट से कड़ी फटकार के बाद मिली जमानत कन्हैया की चुप्पी की वजह बनेगी लेकिन कन्हैया बोला एक घंटे तक बोला जोर से बोला. सरकार के खिलाफ.. सिस्टम के खिलाफ.. और सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ.

पहला हमला
मन की बात करिए तो सुनिए भी

मन की बात करते हैं…सुनते नहीं हैं . ये बहुत ही व्यक्तिगत चीज है . मेरी मां से आज लगभग तीन महीने के बाद बात हुई है . मैं जब भी जेएनयू में रहता था मैं घर बात नहीं करता था . जेल जाकर एहसास हुआ कि बराबर बात करनी चाहिए . आप लोग भी करते रहिएगा अपने घरवालों से बातचीत . तो मैंने अपनी मां को कहा कि तुमने मोदी पर बड़ी अच्छी चुटकी ली तो मेरी मां बोली कि नहीं वो मैंने चुटकी नहीं ली . चुटकी तो वो लोग लेते हैं . हंसना हंसाना उनका काम है . हम तो अपना दर्द बोलते हैं . जिनको समझ में आती है तो रोते हैं…जिनको समझ में नहीं आती वो हंसते हैं . उसने कहा कि मेरा दर्द है इसलिए मैंने कहा था कि मोदी जी भी किसी मां के बेटे हैं . मेरे बेटे को देशद्रोह के आरोप में फंसा दिया है तो कभी मन की बात करते हैं…कभी मां की भी बात कर लें .

दूसरा हमला
हिटलर की भी बात कर लीजिए

जब प्रधानमंत्री संसद में कांग्रेस पर हमले कर रहे थे तब संसद से सत्रह किलोमीटर दूर तिहाड़ जेल में अंतरिम जमानत मिलने के बाद रिहाई का इंतजार कर रहे कन्हैया ने भी भाषण सुना… पीएम ने संसद में सोवियत संघ के तानाशाह स्टालिन और उसके दोस्त ख्रुश्चेव की कहानी सुनाई थी.. और कन्हैया ने हिटलर-मुसोलिनी तक के नाम गिना दिए.

आज माननीय प्रधानमंत्री जी का…आदरणीय…बोलना पड़ेगा ना ? क्या पता किसको छेड़छाड़ करके फिर से फंसा दिया जाए . तो माननीय प्रधानमंत्री जी कह रहे थे…स्टॉलिन और ख्रुश्र्चेव की बात कर रहे थे . मेरी इच्छा हुई कि मैं टीवी में घुस जाऊं और उनका सूट पकड़कर कहूं मोदीजी थोड़ी हिटलर की भी बात कर लीजिए . छोड़ दीजिए हिटलर की…मुसोलिनी की बात कर दीजिए जिसकी काली टोपी लगाते हैं . जिससे आपके गुरु जी गोलवलकर साहब मिलने गए थे और भारतीयता की परिभाषा जर्मन से सीखने का उपदेश दिया था.

तीसरा हमला
जुमला भुलाने के लिए ‘तमाशा’

विरोधी मोदी सरकार पर सपने दिखाने के आरोप लगाते रहे हैं.. काला धन, महंगाई के नाम पर मोदी सरकार को घेरा जाता है लेकिन कन्हैया ने एक कहानी सुनाई.. स्टेशन की कहानी.. जादूगर की कहानी.. जुमलों की कहानी.

कन्हैया बोला-
स्टेशन की कहानी.. जादूगर जादू दिखाएगा. जादू बेचेगा और अंगूठी निकालकर दिखाएगा. इस देश के भी कुछ नीति निर्माता हैं, जो कहते हैं कि काला धन कम होगा, ‘हर हर मोदी’, महंगाई कम होगी, सबका साथ सबका विकास. ये सारे जुमले लोगों के जेहन में हैं. हालांकि हम भारतीय लोग भूल जाते हैं, लेकिन इस बार तमाशा इतना बड़ा है कि लोग भूल नहीं पा रहे हैं, वे चाहते हैं कि उन जुमलों को भुला दिया जाए.

चौथा हमला
हर-हर मोदी से अरहर मोदी

बीस दिन जेल में बिताकर लौटे कन्हैया ने मोदी सरकार पर हमले के लिए जेल के किस्से सुनाए. पुलिस कांस्टेबल से हुई बात सुनाकर कन्हैया ने देश में हर-हर मोदी और अरहर मोदी के लग रहे आरोपों को और धार दे दी.

पांचवां हमला
मैं भी कहूंगा सत्यमेव जयते

शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी के संसद में दिए भाषण के बाद पीएम के सत्यमेव जयते वाले ट्वीट पर विपक्ष ने भी हमला बोला था लेकिन कन्हैया ने तंज कसा..सत्यमेव जयते कहते हुए. सत्यमेव जयते देश का है, इसलिए मैं भी कहता हूं सत्यमेव जयते.

संभवत: इमरजेंसी के बाद पहली बार जेएनयू का कोई अध्यक्ष जेल से लौटा है वो भी देशद्रोह के आरोप में. कन्हैया अब दलित और लेफ्ट आंदोलन को साथ लेकर चलना चाहता है. और नई सरकार बनने तक के दावे कर रहा है.

28 साल का कन्हैया एक महीने के भीतर मीडिया में हीरो से विलेन और फिर हीरो की छवि गढ़ने में कामयाब हो रहा है. कन्हैया को अभी छह महीने की अंतरिम जमानत मिली है. केस अदालत में है और उसका अगला कदम राजनीतिक महात्वाकांक्षाए तय करेगा लेकिन कन्हैया के आधी रात के संबोधन ने मोदी सरकार की नींद जरूर खराब कर दी.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: jnu row: most important 5 things in kanhaiya speech
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017