Journalist Vinod verma released from jail on bail।कथित अश्लील सीडी मामले में गिरफ्तार पत्रकार विनोद वर्मा जमानत पर हुए रिहा

कथित अश्लील सीडी मामले में गिरफ्तार पत्रकार विनोद वर्मा जमानत पर हुए रिहा

छत्तीसगढ़ में मंत्री की ​कथित अश्लील सीडी मामले में गिरफ्तार पत्रकार विनोद वर्मा ने आज जमानत पर रिहा होते ही कहा कि उनकी न कोई राजनीतिक मंशा थी, न कोई उदेश्य था, वह सिर्फ पत्रकारिता करना चाह रहे थे

By: | Updated: 29 Dec 2017 03:52 AM
Journalist Vinod verma released from jail on bail
रायपुर : छत्तीसगढ़ में मंत्री की ​कथित अश्लील सीडी मामले में गिरफ्तार पत्रकार विनोद वर्मा जमानत पर रिहा हुए. जेल से बाहर निकलते ही उन्होने कहा कि उनकी न कोई राजनीतिक मंशा थी, न कोई उदेश्य था, वह सिर्फ पत्रकारिता करना चाह रहे थे.

वर्मा कल देर शाम रायपुर के केंद्रीय जेल से जमानत पर रिहा हुए थे. जेल परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान वर्मा ने कहा कि वह जमानत पर हैं और अभी पूरा मामला खुलना बचा है. उन्होंने कहा कि सरकार, पुलिस और सीबीआई के जो भी एकतरफा दावे हैं वह अखबारों में छपते रहे हैं और मीडिया में आते रहे हैं. इस मामले में उन्हें न कुछ कहने की जरूरत थी और न अभी कुछ कहना चाहते हैं. उन्होने कहा यह मामला जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, जांच होगी, वह जांच में हर तरह का सहयोग करेंगे.

वर्मा ने बताया कि उन्होंने देश के चार बड़े संपादकों को फोन किया था कि उनके पास एक वीडियो क्लिप आया हुआ है, इसके बारे में वह खबर बनाना चाहते हैं. इसके लिए उनकी न कोई राजनीतिक मंशा थी, न कोई उदेश्य था. वह सिर्फ पत्रकारिता करना चाह रहे थे.

वर्मा ने कहा कि एडिटर्स गिल्ड आफ इंडिया की ‘फैक्ट फाइंडिंग टीम’ के साथ वह छत्तीसगढ़ आए थे. उस समय उन्होने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता करने की परिस्थितियां नहीं है. यहां पत्रकारिता करना बहुत ही मुश्किल है. वहां पर कई पत्रकार गिरफ्तार हुए हैं.

ब्लैकमेलिंग का आरोप लगने के सवाल पर वर्मा ने कहा कि उनके तीन नंबर हैं, उन्होंने सभी नंबर दे दिए हैं. 60 दिनों में मेरा एक भी नंबर जाहिर नहीं हुआ की मैंने ब्लैकमेलिंग किया है. मैं ब्लैकमेलिंग क्यू करूंगा. वर्मा ने कहा कि कांग्रेस के लिए मैं कंसलटेंट की तरह काम कर रहा हूं. जो ट्रेनिंग कैंप हुए हैं उसे लेकर जो तिलमिलाहट भाजपा के भीतर है उसकी खबर उनको मिलती रही है.

उन्होंने कहा कि वह अगर पत्रकार की तरह, एक प्रोफेशनल की तरह काम करना चाहते हैं और कर रहे, हैं तब उससे अगर सरकार को तकलीफ है तो उस तकलीफ का इस तरह का परिणाम नहीं आना चाहिए.

विनोद वर्मा को लेने जेल परिसर पहुंचे छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि यह एक न्यायिक प्रक्रिया है. 60 दिनों में चालान प्रस्तुत नहीं किया गया और इन्हें जमानत मिल गई. लेकिन सवाल इस बात का है कि जिस प्राथमिकी में विनोद वर्मा का नाम नहीं है. फोन नंबर नहीं है. फिरौती की कोई बात नहीं हुई है और 11 घंटे के भीतर बगैर गिरफ्तारी वारंट के आप विनोद वर्मा को गिरफ्तार कर लेते हैं.

यह पुलिस की प्रक्रिया तो नहीं है. पुलिस का काम करने का तरीका नहीं है. इससे स्पष्ट हो जाता है कि यह राजनीतिक दबाव के चलते की गई कार्रवाई है. गौरतलब है कि पत्रकार विनोद वर्मा को सीबीआई की विशेष अदालत ने सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है.

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Web Title: Journalist Vinod verma released from jail on bail
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