यौन उत्पीड़न के आरोपों के घेरे में आए हाईकोर्ट जज ने कहा-जांच के लिए तैयार

By: | Last Updated: Monday, 4 August 2014 11:53 AM

नई दिल्ली : ग्वालियर मामले में हाईकोर्ट के जिस जज के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है उनकी ओर से पहली बार बयान आया है. आरोपों के घेरे में आए जज ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को चिट्ठी लिखकर कहा कि आरोप झूठे हैं और इस मामले वो किसी भी जांच के लिए तैयार हैं.

 

मध्य प्रदेश में एक महिला जज ने हाईकोर्ट के जज पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है . घटना ग्वालियर की है . महिला एडिशनल जज है और आरोप हाईकोर्ट के जज पर लगाया है . महिला जज ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को चिट्ठी लिखकर ये खुलासा किया है . चिट्ठी में महिला जज ने इस्तीफे की बात भी लिखी है . चिट्ठी में महिला जज ने आरोप लगाया कि अरोपी जज ने अपने बंगले पर बुलाया और कहा था कि उसे उनके यहां होने वाले कार्यक्रम में डांस करना होगा. लेकिन महिला जज ने यह कहकर वहां जाने से मना कर दिया कि उनकी बेटी का जन्मदिन है इसीलिए वह नहीं आ पाएंगी

 

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक ग्वालियर की महिला जज ने ये आरोप भी लगाया है कि हाईकोर्ट के जज उन्हें अपने बंगले पर अकेले बुलाने के लिए बार-बार दबाव डालते थे. लेकिन जब वो अपने इरादों में कामयाब नहीं हुए तो उन्हें तंग करना शुरू कर दिया.

 

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक महिला जज ने आरोप लगाया है कि हाईकोर्ट जज के बर्ताव से परेशान होकर वो एक दिन अपने पति के साथ उस हाईकोर्ट जज के घर पहुंच गयीं, जिससे वो और भी नाराज हो गए और 15 दिन के भीतर उन्हें ट्रांसफर ऑर्डर थमा दिया गया. महिला जज के मुताबिक उनकी बेटी 12वीं में पढ़ रही है, लिहाजा उन्होंने 8 महीने के लिए ट्रांसफर टालने का अनुरोध किया, जिसे खारिज कर दिया गया.

 

महिला जज के मुताबिक इस बारे में बात करने पर उस हाईकोर्ट जज ने कहा कि ये ट्रांसफर उनकी इच्छा पूरी नहीं करने और उनके बंगले पर एक बार भी अकेले नहीं आने का नतीजा है. महिला जज के मुताबिक हाईकोर्ट जज ने उन्हें बर्बाद करने की धमकी भी दी. महिला जज का आरोप है कि वह इस बारे में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से मिलकर बात करना चाहती थीं, लेकिन उन्हें मुलाकात का वक्त नहीं दिया गया.

 

अखबार के मुताबिक महिला जज का कहना है कि इन हालात में उनके पास इस्तीफा देने के सिवा कोई रास्ता नहीं रह गया था. महिला जज ने लिखा है कि वह एक महिला के तौर पर अपने सम्मान की रक्षा और अपनी बेटी का करियर बचाने के लिए इस्तीफा देने को मज़बूर हैं. एमपी हाईकोर्ट के एक जज के हाथों महिला सेशन जज के कथित यौन उत्पीड़न का मसला तूल पकड़ने लगा है. इस मुद्दे पर कई राजनीतिक पार्टियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

 

महिला आयोग और महिला संगठनों की भी तीखी प्रतिक्रिया आ रही हैं. जज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग.

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Web Title: judge_rape_high court_woman judge
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